खैरवार जनजाति (Kharwar Tribe of Chhattisgarh) – इतिहास, संस्कृति, रहन-सहन, रीति-रिवाज एवं जीवन शैली
खैरवार जनजाति का परिचय
खैरवार छत्तीसगढ़ की एक महत्वपूर्ण अनुसूचित जनजाति है। इनका प्रमुख निवास क्षेत्र राज्य के उत्तरी एवं उत्तर-पूर्वी भाग हैं। 2011 की जनगणना के अनुसार छत्तीसगढ़ में खैरवार जनजाति की जनसंख्या लगभग 79,816 थी, जिसमें पुरुषों की संख्या लगभग 40,615 तथा महिलाओं की संख्या लगभग 39,651 थी।
इनका प्रमुख निवास सरगुजा, सूरजपुर, कोरिया, बलरामपुर, जशपुर, रायगढ़ तथा कोरबा जिलों में पाया जाता है। मध्य प्रदेश में इन्हें “भोजर” के नाम से भी जाना जाता है।
खैरवार जनजाति की उत्पत्ति
खैरवार जनजाति की उत्पत्ति के संबंध में कोई प्रमाणिक ऐतिहासिक अभिलेख उपलब्ध नहीं हैं। इतिहासकारों के अनुसार खैर वृक्ष से कत्था बनाने वाले लोगों को खैरवार कहा जाने लगा।
एक अन्य मान्यता के अनुसार बिहार के छोटानागपुर क्षेत्र के खैरवारों का संबंध सूर्यवंशी क्षत्रिय परंपरा से माना जाता है। वहीं कुछ लोग स्वयं को महान हरिश्चंद्र के पुत्र रोहिताश्व का वंशज भी मानते हैं।
निवास एवं आवास
खैरवार जनजाति प्रायः उरांव, गोंड, भुइयां, बड़िया तथा कंवर जैसी जनजातियों के साथ मिश्रित गांवों में निवास करती है।
इनके घरों की प्रमुख विशेषताएँ—
- मिट्टी से बने छोटे घर
- खपरैल या घास-फूस की छत
- दो या तीन कमरों का निर्माण
- आँगन सहित घर
- दीवारों पर गोबर एवं मिट्टी की लिपाई
- घरेलू उपयोग हेतु अलग भंडारण स्थान
इनका घर प्राकृतिक परिस्थितियों के अनुरूप सरल एवं उपयोगी होता है।
पहनावा एवं आभूषण
महिलाओं का पहनावा
महिलाएँ सामान्यतः—
- साड़ी पहनती हैं।
- हाथों में चूड़ियाँ
- पैरों में पायल
- कानों में बालियाँ
- नाक में लौंग
- गले में हंसली या माला
- मांग में सिंदूर
- बालों में फूल
का प्रयोग करती हैं।
पुरुषों का पहनावा
पुरुष सामान्यतः—
- धोती
- कुर्ता
- कमीज
- गमछा
- पगड़ी
धारण करते हैं।
दैनिक उपयोग की वस्तुएँ
खैरवार परिवार दैनिक जीवन में मिट्टी, लकड़ी एवं बाँस से बनी वस्तुओं का उपयोग करते हैं, जैसे—
- मिट्टी के घड़े
- मटका
- चूल्हा
- टोकरी
- सूप
- झाड़ू
- खेती के उपकरण
- लकड़ी के घरेलू सामान
भोजन
खैरवार जनजाति का मुख्य भोजन स्थानीय कृषि एवं वन उपज पर आधारित होता है।
इनका प्रमुख भोजन—
- चावल
- कोदो
- कुटकी
- मक्का
- ज्वार
- बाजरा
- दाल
- विभिन्न प्रकार की हरी सब्जियाँ
है।
इसके अतिरिक्त अवसर मिलने पर ये—
- मछली
- मुर्गा
- बकरा
- सूअर
का मांस भी खाते हैं।
महुआ से निर्मित पारंपरिक शराब का सेवन भी कई अवसरों पर किया जाता है।
आजीविका
खैरवारों का मुख्य व्यवसाय—
- कृषि
- वनोपज संग्रह
- मजदूरी
है।
वनों से ये—
- महुआ
- तेंदूपत्ता
- चार
- गोंद
- लाख
- हर्रा
- बहेरा
- आंवला
- जड़ी-बूटियाँ
एकत्र करते हैं।
कुछ परिवार लकड़ी काटने तथा कत्था बनाने का कार्य भी करते हैं। जिनके पास कृषि भूमि नहीं होती, वे अन्य किसानों के खेतों में मजदूरी कर जीवनयापन करते हैं।
सामाजिक जीवन
खैरवार समाज पितृसत्तात्मक एवं पितृवंशीय है। परिवार का मुखिया सामान्यतः पिता होता है।
समाज कई गोत्रों में विभाजित है। प्रमुख गोत्र हैं—
- नाग
- बाघ
- कछुआ
- करिया
- खरगोश
- कुकुर
- बछड़ा
एक ही गोत्र में विवाह करना वर्जित माना जाता है।
विवाह प्रथा
खैरवार समाज में विवाह एक महत्वपूर्ण सामाजिक संस्था है।
मुख्य विशेषताएँ—
- विवाह योग्य आयु लड़कों के लिए लगभग 18–21 वर्ष तथा लड़कियों के लिए 16–18 वर्ष मानी जाती है।
- विवाह प्रस्ताव सामान्यतः वर पक्ष की ओर से भेजा जाता है।
- वर का पिता वधू पक्ष से बातचीत करता है।
- विवाह में सामाजिक सहमति को विशेष महत्व दिया जाता है।
- विधवा विवाह एवं तलाक की व्यवस्था भी समाज में स्वीकार की जाती है।
महिलाओं की भूमिका
महिलाएँ परिवार की आर्थिक एवं सामाजिक व्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
वे—
- खेती
- पशुपालन
- वनोपज संग्रह
- घरेलू कार्य
- बच्चों की देखभाल
सभी कार्यों में सक्रिय रहती हैं।
मृत्यु संस्कार
मृत्यु के बाद अधिकांश परिवार शव का दाह संस्कार करते हैं।
इसके पश्चात—
- दसवें दिन शुद्धिकरण
- पितरों का स्मरण
- सामूहिक भोज
का आयोजन किया जाता है।
जाति पंचायत
खैरवार समाज में अपनी पारंपरिक जाति पंचायत होती है।
इसका प्रमुख “महतो माझी” कहलाता है।
जाति पंचायत के मुख्य कार्य—
- सामाजिक विवादों का समाधान
- विवाह संबंधी निर्णय
- संपत्ति विवाद
- पारिवारिक मामलों का निपटारा
- सामाजिक अनुशासन बनाए रखना
हैं।
धार्मिक विश्वास
खैरवार जनजाति प्रकृति पूजक है।
ये अनेक देवी-देवताओं तथा ग्राम देवताओं की पूजा करते हैं।
मुख्य देवी-देवता—
- ठाकुर देव
- महामाई
- बूढ़ी माई
- दूल्हा देव
- बंजारी देवी
- सूर्य देव
- धरती माता
- नदी एवं पहाड़ देवता
इनकी धार्मिक आस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं।
प्रमुख पर्व एवं त्योहार
खैरवार जनजाति अनेक पारंपरिक पर्व मनाती है, जिनमें प्रमुख हैं—
- करमा
- सरहुल
- नवाखाई
- होली
- दीपावली
- दशहरा
- छेरछेरा
इन अवसरों पर सामूहिक नृत्य, गीत एवं पारंपरिक वाद्ययंत्रों का प्रदर्शन किया जाता है।
लोक नृत्य एवं संगीत
खैरवार समाज में लोक संस्कृति अत्यंत समृद्ध है।
प्रमुख नृत्य—
- करमा नृत्य
- झूमर
- डंडा नृत्य
- विवाह नृत्य
प्रमुख वाद्ययंत्र—
- मांदर
- ढोल
- मंजीरा
- नगाड़ा
शिक्षा
2011 की जनगणना के अनुसार—
- कुल साक्षरता दर – 61.5%
- पुरुष साक्षरता – 72.7%
- महिला साक्षरता – 50.3%
हाल के वर्षों में सरकारी योजनाओं एवं शिक्षा के प्रसार से साक्षरता में लगातार वृद्धि हो रही है।
निष्कर्ष
खैरवार जनजाति छत्तीसगढ़ की समृद्ध आदिवासी संस्कृति का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इनका जीवन प्रकृति, कृषि तथा वन संसाधनों पर आधारित है। अपनी विशिष्ट परंपराओं, सामाजिक व्यवस्था, धार्मिक आस्थाओं एवं सांस्कृतिक विरासत के कारण यह जनजाति आज भी अपनी पहचान बनाए हुए है। आधुनिक शिक्षा और सरकारी योजनाओं के प्रभाव से इनके जीवन स्तर में धीरे-धीरे सकारात्मक परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं।
CGPSC / CGVYAPAM विशेष: खैरवार जनजाति पर आधारित 25 महत्वपूर्ण वस्तुनिष्ठ प्रश्न (MCQs)
1. खैरवार जनजाति छत्तीसगढ़ की किस श्रेणी में आती है?
A. अनुसूचित जाति
B. अन्य पिछड़ा वर्ग
C. अनुसूचित जनजाति
D. सामान्य वर्ग
✅ उत्तर: C
2. 2011 की जनगणना के अनुसार छत्तीसगढ़ में खैरवार जनजाति की जनसंख्या लगभग कितनी थी?
A. 59,816
B. 79,816
C. 89,816
D. 99,816
✅ उत्तर: B
3. खैरवार जनजाति का प्रमुख निवास क्षेत्र कौन-सा है?
A. बस्तर संभाग
B. रायपुर संभाग
C. उत्तर एवं उत्तर-पूर्वी छत्तीसगढ़
D. दक्षिण छत्तीसगढ़
✅ उत्तर: C
4. मध्य प्रदेश में खैरवार जनजाति किस नाम से जानी जाती है?
A. बैगा
B. भोजर
C. परधान
D. कोरवा
✅ उत्तर: B
5. निम्नलिखित में से कौन-सा जिला खैरवार जनजाति का प्रमुख निवास क्षेत्र है?
A. दंतेवाड़ा
B. बीजापुर
C. सरगुजा
D. गरियाबंद
✅ उत्तर: C
6. खैरवार शब्द का संबंध किस वृक्ष से माना जाता है?
A. साल
B. सागौन
C. खैर
D. महुआ
✅ उत्तर: C
7. खैरवार जनजाति स्वयं को किसके वंशज मानती है?
A. भीम
B. रोहिताश्व
C. अर्जुन
D. भरत
✅ उत्तर: B
8. खैरवार जनजाति का मुख्य व्यवसाय क्या है?
A. व्यापार
B. कृषि एवं वनोपज संग्रह
C. मत्स्य पालन
D. उद्योग
✅ उत्तर: B
9. खैरवार जनजाति मुख्य रूप से किस प्रकार के घरों में रहती है?
A. पक्के मकान
B. मिट्टी एवं खपरैल के घर
C. बहुमंजिला भवन
D. लकड़ी के बंगले
✅ उत्तर: B
10. खैरवार जनजाति का मुख्य भोजन क्या है?
A. गेहूँ
B. चावल
C. जौ
D. रागी
✅ उत्तर: B
11. खैरवार जनजाति किस वन उपज का संग्रह करती है?
A. महुआ
B. तेंदूपत्ता
C. लाख
D. उपरोक्त सभी
✅ उत्तर: D
12. खैरवार समाज कैसा समाज है?
A. मातृसत्तात्मक
B. पितृसत्तात्मक
C. समानतावादी
D. इनमें से कोई नहीं
✅ उत्तर: B
13. खैरवार समाज में एक ही गोत्र में विवाह को क्या माना जाता है?
A. अनिवार्य
B. शुभ
C. वर्जित
D. सामान्य
✅ उत्तर: C
14. खैरवार समाज में जाति पंचायत के प्रमुख को क्या कहा जाता है?
A. सरपंच
B. महतो माझी
C. मुखिया
D. पुजारी
✅ उत्तर: B
15. खैरवार जनजाति किस प्रकार की धार्मिक आस्था रखती है?
A. बौद्ध
B. प्रकृति पूजक
C. जैन
D. ईसाई
✅ उत्तर: B
16. निम्नलिखित में से कौन खैरवार जनजाति के प्रमुख देवता हैं?
A. ठाकुर देव
B. महामाई
C. दूल्हा देव
D. उपरोक्त सभी
✅ उत्तर: D
17. खैरवार जनजाति का प्रमुख लोकनृत्य कौन-सा है?
A. करमा
B. भरथरी
C. राउत नाचा
D. सुआ
✅ उत्तर: A
18. खैरवार जनजाति के प्रमुख वाद्ययंत्र कौन-से हैं?
A. तबला
B. हारमोनियम
C. मांदर एवं ढोल
D. गिटार
✅ उत्तर: C
19. खैरवार जनजाति में विवाह प्रस्ताव सामान्यतः किस पक्ष से आता है?
A. कन्या पक्ष
B. वर पक्ष
C. दोनों पक्ष
D. ग्राम पंचायत
✅ उत्तर: B
20. खैरवार समाज में महिलाओं की प्रमुख भूमिका क्या है?
A. केवल घरेलू कार्य
B. केवल खेती
C. खेती, वनोपज संग्रह एवं घरेलू कार्य
D. केवल पशुपालन
✅ उत्तर: C
21. खैरवार जनजाति में मृत्यु के बाद सामान्यतः कौन-सा संस्कार किया जाता है?
A. जल समाधि
B. दाह संस्कार
C. भू-समाधि
D. वृक्ष समाधि
✅ उत्तर: B
22. 2011 की जनगणना के अनुसार खैरवार जनजाति की कुल साक्षरता दर कितनी थी?
A. 55.5%
B. 61.5%
C. 71.5%
D. 81.5%
✅ उत्तर: B
23. खैरवार जनजाति की पुरुष साक्षरता दर कितनी थी?
A. 62.7%
B. 72.7%
C. 82.7%
D. 92.7%
✅ उत्तर: B
24. खैरवार जनजाति की महिला साक्षरता दर कितनी थी?
A. 40.3%
B. 45.3%
C. 50.3%
D. 60.3%
✅ उत्तर: C
25. CGPSC की दृष्टि से निम्न में से कौन-सा कथन सही है?
A. खैरवार जनजाति मुख्यतः दक्षिण बस्तर में निवास करती है।
B. खैरवार समाज मातृसत्तात्मक है।
C. खैरवार जनजाति का मुख्य व्यवसाय कृषि एवं वनोपज संग्रह है।
D. खैरवार जनजाति ईसाई धर्म का पालन करती है।
✅ उत्तर: C
CGPSC/CG Vyapam परीक्षा हेतु महत्वपूर्ण तथ्य (One-Liners)
- ✔️ जनजाति – खैरवार
- ✔️ श्रेणी – अनुसूचित जनजाति (ST)
- ✔️ प्रमुख जिले – सरगुजा, सूरजपुर, कोरिया, बलरामपुर, जशपुर, रायगढ़, कोरबा
- ✔️ मुख्य व्यवसाय – कृषि एवं वनोपज संग्रह
- ✔️ प्रमुख वन उपज – महुआ, तेंदूपत्ता, लाख, हर्रा, बहेरा
- ✔️ समाज – पितृसत्तात्मक एवं पितृवंशीय
- ✔️ पंचायत प्रमुख – महतो माझी
- ✔️ प्रमुख नृत्य – करमा
- ✔️ प्रमुख देवता – ठाकुर देव, महामाई, दूल्हा देव
- ✔️ 2011 जनसंख्या – 79,816
- ✔️ कुल साक्षरता – 61.5%
- ✔️ पुरुष साक्षरता – 72.7%
- ✔️ महिला साक्षरता – 50.3%
ये 25 प्रश्न CGPSC, CG Vyapam, Hostel Warden, Patwari, RI, ADEO तथा छत्तीसगढ़ की अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं के स्तर के अनुसार तैयार किए गए हैं।












Leave a Reply