भुंजिया जनजाति (छत्तीसगढ़) – इतिहास, संस्कृति, रहन-सहन, विवाह, त्योहार एवं महत्वपूर्ण तथ्य
भुंजिया जनजाति
भुंजिया छत्तीसगढ़ की एक अल्प जनसंख्या वाली अनुसूचित जनजाति है। यह मुख्यतः गरियाबंद जिले में निवास करती है तथा कुछ परिवार ओडिशा के कालाहांडी क्षेत्र में भी पाए जाते हैं। अपनी विशिष्ट संस्कृति, परंपराओं और सामाजिक नियमों के कारण यह जनजाति अन्य जनजातियों से अलग पहचान रखती है।
भुंजिया जनजाति का परिचय
2011 की जनगणना के अनुसार छत्तीसगढ़ में भुंजिया जनजाति की कुल जनसंख्या लगभग 10,603 थी। इनमें पुरुषों की संख्या महिलाओं की तुलना में थोड़ी अधिक थी।
भुंजिया जनजाति विशेष रूप से गरियाबंद जिले के दुर्गम एवं वन क्षेत्रों में निवास करती है। इनकी भाषा और संस्कृति पर ओड़िया एवं छत्तीसगढ़ी दोनों का प्रभाव देखने को मिलता है।
उत्पत्ति
भुंजिया जनजाति की उत्पत्ति से संबंधित कई लोककथाएँ प्रचलित हैं।
एक प्रसिद्ध कथा के अनुसार एक गोंड राजा शिकार के दौरान जंगल में भटक गया। वहाँ उसकी भेंट एक वृद्ध पुजारी से हुई जिसने उसकी सहायता की। बाद में राजा ने अपनी पुत्री का विवाह उस पुजारी के पुत्र से कर दिया। इन्हीं के वंशज आगे चलकर भुंजिया कहलाए।
निवास एवं रहन-सहन
भुंजिया लोग सामान्यतः मिट्टी के बने घरों में रहते हैं।
इनके घरों की प्रमुख विशेषताएँ—
- घर मिट्टी एवं लकड़ी से बनाए जाते हैं।
- दीवारों को मिट्टी एवं गोबर से लीपा जाता है।
- छत खपरैल अथवा घास-फूस की होती है।
- घर के भीतर अलग-अलग कमरे बनाए जाते हैं।
- पूजा स्थान को विशेष महत्व दिया जाता है।
पहनावा एवं आभूषण
पुरुष सामान्यतः पहनते हैं—
- धोती
- गमछा
- बंडी
- पगड़ी
महिलाएँ पहनती हैं—
- लुगड़ा
- पोलका (ब्लाउज)
- चाँदी एवं पीतल के आभूषण
आभूषणों में नथ, बाली, हँसुली, चूड़ी, पायल एवं हार प्रमुख हैं।
भोजन
भुंजिया जनजाति का मुख्य भोजन—
- चावल
- कोदो
- कुटकी
- मड़िया
- दाल
- मौसमी सब्जियाँ
इसके अतिरिक्त ये जंगल से प्राप्त कंद-मूल, फल एवं शहद का भी उपयोग करते हैं।
मांसाहार में—
- बकरा
- मुर्गी
- मछली
- खरगोश
- जंगली पक्षी
का सेवन किया जाता है।
महुआ से निर्मित शराब भी विशेष अवसरों पर पी जाती है।
आर्थिक जीवन
भुंजिया जनजाति का मुख्य व्यवसाय कृषि है।
इनकी प्रमुख आर्थिक गतिविधियाँ—
- वर्षा आधारित खेती
- मजदूरी
- वनोपज संग्रह
- पशुपालन
- मछली पकड़ना
मुख्य फसलें—
- धान
- कोदो
- कुटकी
- उड़द
- अरहर
- तिल
- तिवड़ा
सामाजिक व्यवस्था
भुंजिया समाज पितृसत्तात्मक एवं पितृवंशीय है।
इनमें अनेक गोत्र पाए जाते हैं, जिनका संबंध पशु-पक्षियों, वृक्षों अथवा प्राकृतिक वस्तुओं से माना जाता है।
समान गोत्र में विवाह पूर्णतः निषिद्ध होता है।
विवाह प्रथा
भुंजिया समाज में विवाह सामाजिक एवं धार्मिक संस्कार माना जाता है।
विवाह की प्रमुख विशेषताएँ—
- माता-पिता द्वारा विवाह तय किया जाता है।
- वधू पक्ष की सहमति आवश्यक होती है।
- विवाह में सामुदायिक भोज आयोजित किया जाता है।
- विवाह के समय पारंपरिक गीत एवं नृत्य होते हैं।
प्रसव एवं जन्म संस्कार
- प्रसव सामान्यतः घर पर कराया जाता है।
- प्रसूता एवं नवजात की विशेष देखभाल की जाती है।
- प्रसव के बाद शुद्धिकरण संस्कार सम्पन्न किया जाता है।
मृत्यु संस्कार
भुंजिया समाज में मृतकों का सामान्यतः दफन संस्कार किया जाता है।
दसवें दिन शुद्धिकरण एवं सामूहिक भोजन का आयोजन किया जाता है।
जाति पंचायत
भुंजिया समाज में जाति पंचायत का विशेष महत्व है।
पंचायत निम्न विषयों पर निर्णय देती है—
- विवाह विवाद
- सामाजिक अपराध
- संपत्ति विवाद
- पारिवारिक विवाद
- सामाजिक नियमों का पालन
देवी-देवता एवं धार्मिक विश्वास
भुंजिया जनजाति प्रकृति उपासक मानी जाती है।
इनके प्रमुख देवी-देवता—
- बूढ़ादेव
- ठाकुरदेव
- दुर्गामाई
- भैंसासुर
- ग्राम देवता
- कुल देवता
ये पर्वत, नदी, वृक्ष तथा प्रकृति की अन्य शक्तियों की भी पूजा करते हैं।
प्रमुख त्योहार
भुंजिया जनजाति में प्रमुख त्योहार—
- हरेली
- नवाखाई
- दशहरा
- दीपावली
- होली
- छेरछेरा
इन पर्वों में पारंपरिक नृत्य, गीत एवं सामूहिक पूजा का आयोजन किया जाता है।
लोकनृत्य एवं लोकगीत
भुंजिया समाज अपनी सांस्कृतिक परंपराओं के लिए प्रसिद्ध है।
विशेष अवसरों पर—
- पारंपरिक नृत्य
- विवाह गीत
- फसल गीत
- धार्मिक गीत
गाए एवं प्रस्तुत किए जाते हैं।
शिक्षा
2011 की जनगणना के अनुसार—
- कुल साक्षरता दर – 58.9%
- पुरुष साक्षरता – 74.6%
- महिला साक्षरता – 43.8%
भुंजिया जनजाति की प्रमुख विशेषताएँ
- छत्तीसगढ़ की अल्प जनसंख्या वाली जनजाति।
- मुख्य निवास क्षेत्र – गरियाबंद जिला।
- प्रमुख व्यवसाय – कृषि एवं वनोपज संग्रह।
- समाज पितृसत्तात्मक एवं पितृवंशीय।
- समान गोत्र में विवाह निषिद्ध।
- बूढ़ादेव प्रमुख आराध्य देवता।
- प्रकृति पूजा की समृद्ध परंपरा।
- महुआ से निर्मित पेय का उपयोग।
- मिट्टी एवं खपरैल के पारंपरिक घर।
- लोकनृत्य एवं लोकगीत सांस्कृतिक पहचान हैं।
परीक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण तथ्य
- भुंजिया जनजाति का मुख्य निवास क्षेत्र – गरियाबंद जिला।
- यह छत्तीसगढ़ की अल्प जनसंख्या वाली जनजातियों में से एक है।
- प्रमुख व्यवसाय – कृषि एवं वनोपज संग्रह।
- प्रमुख आराध्य देवता – बूढ़ादेव।
- समाज – पितृसत्तात्मक एवं पितृवंशीय।
- समान गोत्र में विवाह वर्जित है।
- प्रमुख त्योहार – हरेली, नवाखाई, दशहरा, दीपावली एवं होली।
- मुख्य भोजन – चावल, कोदो एवं कुटकी।
- महुआ से शराब बनाई जाती है।
- 2011 की जनगणना के अनुसार कुल साक्षरता दर 58.9% थी।
भुंजिया जनजाति (छत्तीसगढ़) पर 25 महत्वपूर्ण MCQs (प्रश्न एवं उत्तर)
1. भुंजिया जनजाति मुख्यतः किस जिले में निवास करती है?
A) बस्तर
B) गरियाबंद
C) रायगढ़
D) सरगुजा
✅ उत्तर: B) गरियाबंद
2. भुंजिया जनजाति छत्तीसगढ़ के अलावा किस राज्य में भी पाई जाती है?
A) मध्य प्रदेश
B) झारखंड
C) ओडिशा
D) महाराष्ट्र
✅ उत्तर: C) ओडिशा
3. 2011 की जनगणना के अनुसार भुंजिया जनजाति की कुल जनसंख्या लगभग कितनी थी?
A) 8,500
B) 10,603
C) 15,240
D) 20,450
✅ उत्तर: B) 10,603
4. भुंजिया जनजाति का प्रमुख व्यवसाय क्या है?
A) व्यापार
B) कृषि
C) उद्योग
D) मछली पालन
✅ उत्तर: B) कृषि
5. भुंजिया जनजाति के लोग मुख्य रूप से किस प्रकार की खेती करते हैं?
A) सिंचित खेती
B) वर्षा आधारित खेती
C) बागवानी
D) नकदी खेती
✅ उत्तर: B) वर्षा आधारित खेती
6. भुंजिया जनजाति का मुख्य खाद्यान्न क्या है?
A) गेहूँ
B) ज्वार
C) चावल
D) मक्का
✅ उत्तर: C) चावल
7. भुंजिया जनजाति किस पेड़ के फूल से शराब बनाती है?
A) साल
B) महुआ
C) तेंदू
D) सागौन
✅ उत्तर: B) महुआ
8. भुंजिया जनजाति के घर मुख्यतः किससे बने होते हैं?
A) ईंट एवं सीमेंट
B) पत्थर
C) मिट्टी एवं लकड़ी
D) लोहे
✅ उत्तर: C) मिट्टी एवं लकड़ी
9. भुंजिया जनजाति का समाज कैसा है?
A) मातृसत्तात्मक
B) पितृसत्तात्मक
C) मिश्रित
D) इनमें से कोई नहीं
✅ उत्तर: B) पितृसत्तात्मक
10. भुंजिया समाज में समान गोत्र में विवाह को क्या माना जाता है?
A) अनिवार्य
B) शुभ
C) निषिद्ध
D) सामान्य
✅ उत्तर: C) निषिद्ध
11. भुंजिया जनजाति के प्रमुख आराध्य देव कौन हैं?
A) भगवान शिव
B) बूढ़ादेव
C) श्रीराम
D) भगवान विष्णु
✅ उत्तर: B) बूढ़ादेव
12. भुंजिया जनजाति किस प्रकार की पूजा के लिए प्रसिद्ध है?
A) सूर्य पूजा
B) प्रकृति पूजा
C) नाग पूजा
D) अग्नि पूजा
✅ उत्तर: B) प्रकृति पूजा
13. भुंजिया जनजाति का प्रमुख त्योहार कौन-सा है?
A) नवाखाई
B) ओणम
C) बिहू
D) पोंगल
✅ उत्तर: A) नवाखाई
14. भुंजिया जनजाति की प्रमुख आर्थिक गतिविधि क्या है?
A) व्यापार
B) कृषि एवं वनोपज संग्रह
C) उद्योग
D) परिवहन
✅ उत्तर: B) कृषि एवं वनोपज संग्रह
15. भुंजिया समाज में विवाह किसकी सहमति से सम्पन्न होता है?
A) केवल वर की
B) केवल वधू की
C) दोनों परिवारों की
D) केवल पंचायत की
✅ उत्तर: C) दोनों परिवारों की
16. भुंजिया जनजाति की जाति पंचायत का मुख्य कार्य क्या है?
A) चुनाव कराना
B) सामाजिक विवादों का निपटारा
C) खेती कराना
D) व्यापार करना
✅ उत्तर: B) सामाजिक विवादों का निपटारा
17. भुंजिया जनजाति में विवाह के समय क्या आयोजित किया जाता है?
A) खेल प्रतियोगिता
B) सामूहिक भोज
C) व्यापार मेला
D) कृषि प्रदर्शनी
✅ उत्तर: B) सामूहिक भोज
18. भुंजिया जनजाति में पुरुषों का प्रमुख पारंपरिक वस्त्र क्या है?
A) पैंट-शर्ट
B) धोती एवं गमछा
C) कुर्ता-पायजामा
D) लुंगी
✅ उत्तर: B) धोती एवं गमछा
19. भुंजिया जनजाति की महिलाएँ मुख्यतः कौन-सा वस्त्र पहनती हैं?
A) साड़ी एवं लुगड़ा
B) सलवार-सूट
C) जीन्स
D) घाघरा
✅ उत्तर: A) साड़ी एवं लुगड़ा
20. भुंजिया जनजाति की कुल साक्षरता दर (2011) कितनी थी?
A) 48.9%
B) 52.6%
C) 58.9%
D) 68.4%
✅ उत्तर: C) 58.9%
21. भुंजिया जनजाति की पुरुष साक्षरता दर कितनी थी?
A) 64.6%
B) 74.6%
C) 84.6%
D) 54.6%
✅ उत्तर: B) 74.6%
22. भुंजिया जनजाति की महिला साक्षरता दर कितनी थी?
A) 33.8%
B) 43.8%
C) 53.8%
D) 63.8%
✅ उत्तर: B) 43.8%
23. भुंजिया जनजाति के लोग किस प्रकार के लोकनृत्य एवं गीतों के लिए प्रसिद्ध हैं?
A) शास्त्रीय संगीत
B) पारंपरिक लोकगीत एवं लोकनृत्य
C) फिल्मी गीत
D) पश्चिमी नृत्य
✅ उत्तर: B) पारंपरिक लोकगीत एवं लोकनृत्य
24. भुंजिया जनजाति के घरों की दीवारों को किससे लीपा जाता है?
A) चूना
B) सीमेंट
C) मिट्टी एवं गोबर
D) पेंट
✅ उत्तर: C) मिट्टी एवं गोबर















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