कंडरा जनजाति (छत्तीसगढ़) – इतिहास, उत्पत्ति, जीवनशैली, संस्कृति एवं परंपराएँ
कंडरा जनजाति
कंडरा जनजाति छत्तीसगढ़ की प्रमुख अनुसूचित जनजातियों में से एक है। भारत सरकार द्वारा इसे अनुसूचित जनजाति की सूची में गोंड जनजाति की उपजाति के रूप में शामिल किया गया है। जनगणना में इनकी संख्या गोंड जनजाति की उपजातियों के साथ सम्मिलित की जाती है। छत्तीसगढ़ में इनका निवास मुख्यतः रायपुर, दुर्ग, बालोद, बेमेतरा, राजनांदगांव एवं महासमुंद जिलों में पाया जाता है।
कंडरा जनजाति की उत्पत्ति
कंडरा जनजाति की उत्पत्ति के संबंध में कोई निश्चित ऐतिहासिक प्रमाण उपलब्ध नहीं हैं। माना जाता है कि “कंड” शब्द का अर्थ बाण (तीर) होता है। पूर्वजों द्वारा बाँस से बाण बनाने के कारण इन्हें “कंड” कहा गया, जो आगे चलकर “कंडरा” कहलाया।
कुछ विद्वानों के अनुसार इनके पूर्वज सुपाल भगत नामक व्यक्ति थे, जो बाँस से विभिन्न प्रकार के उपयोगी सामान बनाने की कला में निपुण थे। समय के साथ यह समुदाय बस्तर से रायपुर, दुर्ग तथा मैदानी क्षेत्रों में आकर बस गया।
निवास एवं रहन-सहन
कंडरा जनजाति प्रायः गाँवों के बाहरी हिस्सों में निवास करती है। सामान्यतः किसी गाँव में इनके 2–3 परिवार ही पाए जाते हैं, जबकि कस्बों एवं नगरों में 8–10 परिवार एक साथ रहते हैं।
इनके घर मुख्यतः मिट्टी के बने होते हैं तथा छत पर घास-फूस या देशी खपरैल का उपयोग किया जाता है। घर के सामने प्रायः नीम अथवा आम का पेड़ होता है, जिसकी छाया में पूरा परिवार बैठकर बाँस के विभिन्न उत्पाद तैयार करता है।
दैनिक जीवन एवं खान-पान
कंडरा समाज के लोग सुबह उठकर दातून करते हैं तथा नदी, तालाब या कुएँ में स्नान करते हैं। शरीर पर सरसों या मूंगफली का तेल लगाते हैं।
इनके घरों में मिट्टी, एल्यूमिनियम एवं पीतल के बर्तन उपयोग में लाए जाते हैं। बाँस के सामान बनाने के लिए कटार, कटारी, हंसिया, टंगिया एवं अन्य पारंपरिक औजारों का प्रयोग किया जाता है।
पहनावा एवं आभूषण
पुरुष
- धोती
- कुर्ता
- बंडी
- पगड़ी
महिलाएँ
- लुगड़ा
- पोलका (ब्लाउज)
प्रमुख आभूषण
- सांटी
- चूड़ियाँ
- ऐंठी
- पहुँचियाँ
- सुतिया
- नथ
- फुल्ली
- बिछिया
आर्थिक जीवन
कंडरा जनजाति का मुख्य व्यवसाय बाँस से घरेलू उपयोग की वस्तुएँ बनाना है।
ये निम्न वस्तुएँ तैयार करते हैं—
- सुपा
- डुकना
- झापी
- टोकरी
- चंगेरा
- झूड़ी
- डलिया
इन वस्तुओं को स्थानीय बाजारों एवं गाँवों में बेचकर आजीविका चलाते हैं।
जिन परिवारों के पास कृषि भूमि होती है वे—
- धान
- मूंग
- उड़द
- अरहर
आदि की खेती भी करते हैं। कई लोग मजदूरी भी करते हैं।
गोत्र एवं उपसमूह
कंडरा जनजाति में सुरिया तथा कनौजिया दो प्रमुख उपसमूह पाए जाते हैं।
प्रमुख गोत्र—
- नेताम
- मरकाम
- टेकाम
- नेताम
- उइके
- कोरेटी
- परते
- करहेल
- कचेट
- ठाकरे
- असम
- पाटो
आदि।
विवाह प्रथा
इस समाज में एक ही गाँव के लड़के एवं लड़कियों को भाई-बहन माना जाता है, इसलिए उनके बीच विवाह नहीं किया जाता।
विवाह में—
- मामा को विशेष महत्व दिया जाता है।
- वर पक्ष द्वारा वधू पक्ष को वस्त्र एवं आभूषण भेंट किए जाते हैं।
- पहले विवाह गाँव के बुजुर्गों द्वारा सम्पन्न कराया जाता था, जबकि वर्तमान में ब्राह्मण पुरोहित भी बुलाए जाते हैं।
- विधवा विवाह को भी समाज में स्वीकार किया जाता है।
प्रसव संस्कार
महिलाएँ प्रसव के दिन तक घरेलू एवं आर्थिक कार्य करती रहती हैं।
प्रसव के बाद—
- जड़ी-बूटियों का काढ़ा दिया जाता है।
- छठे दिन “छठी” संस्कार मनाया जाता है।
- माँ एवं शिशु को स्नान कराकर नए वस्त्र पहनाए जाते हैं।
- रिश्तेदारों को भोजन कराया जाता है।
मृत्यु संस्कार
मृत व्यक्ति का सामान्यतः दफन संस्कार किया जाता है।
आर्थिक रूप से सक्षम परिवार तीसरे दिन, जबकि अन्य परिवार अपनी सुविधा अनुसार बाद में मृत्यु भोज आयोजित करते हैं।
सामाजिक व्यवस्था
कंडरा समाज में पारंपरिक पंचायत व्यवस्था प्रचलित है।
इस पंचायत में—
- राजा (मुखिया)
- दीवान
- पंच
महत्वपूर्ण पद होते हैं।
पंचायत सामाजिक एवं वैवाहिक विवादों का समाधान करती है।
धार्मिक विश्वास
कंडरा जनजाति अनेक देवी-देवताओं की पूजा करती है।
प्रमुख देवी-देवता—
- बूढ़ादेव
- दूल्हादेव
- ठाकुरदेव
- कंकालीन माता
- खेरमाई
इसके अतिरिक्त राम, कृष्ण, शिव, हनुमान, दुर्गा एवं लक्ष्मी की भी पूजा की जाती है।
प्रमुख त्योहार
कंडरा जनजाति निम्न त्योहार उत्साहपूर्वक मनाती है—
- हरेली
- पोला
- दशहरा
- दीपावली
- होली
लोक संस्कृति
इनकी अपनी अलग लोकनृत्य परंपरा नहीं है, लेकिन स्थानीय जनजातियों के साथ मिलकर अनेक लोकगीत गाते हैं।
प्रमुख लोकगीत—
- करमा गीत
- ददरिया
- गौरा गीत
- सुआ गीत
- भोजली गीत
- माता सेवा गीत
- फाग गीत
- विवाह गीत
निष्कर्ष
कंडरा जनजाति छत्तीसगढ़ की एक मेहनतकश एवं पारंपरिक जनजाति है, जिसकी पहचान बाँस शिल्प, सरल जीवनशैली, सामाजिक एकता तथा समृद्ध लोक संस्कृति से होती है। आधुनिक परिवर्तनों के बावजूद यह समुदाय अपनी परंपराओं, रीति-रिवाजों एवं सांस्कृतिक विरासत को आज भी संजोए हुए है।
यह लेख प्रतियोगी परीक्षाओं (CGPSC, CGVYAPAM, CG Police, CG Forest, TET, SI, Patwari एवं अन्य राज्य स्तरीय परीक्षाओं) के लिए भी उपयोगी है।
कंडरा जनजाति पर 25 महत्वपूर्ण MCQs (प्रश्न एवं उत्तर) | हिंदी
1. कंडरा जनजाति को किस जनजाति की उपजाति माना जाता है?
A. बैगा
B. गोंड
C. हल्बा
D. भतरा
उत्तर: B. गोंड
2. कंडरा जनजाति मुख्य रूप से किस राज्य में निवास करती है?
A. झारखंड
B. ओडिशा
C. छत्तीसगढ़
D. मध्य प्रदेश
उत्तर: C. छत्तीसगढ़
3. कंडरा जनजाति का प्रमुख पारंपरिक व्यवसाय क्या है?
A. मछली पालन
B. बाँस के बर्तन बनाना
C. लोहा गलाना
D. बुनाई
उत्तर: B. बाँस के बर्तन बनाना
4. “कंड” शब्द का अर्थ क्या माना जाता है?
A. लकड़ी
B. बाँस
C. बाण (तीर)
D. पर्वत
उत्तर: C. बाण (तीर)
5. कंडरा जनजाति के घर सामान्यतः किससे बने होते हैं?
A. पत्थर
B. सीमेंट
C. मिट्टी
D. लकड़ी
उत्तर: C. मिट्टी
6. कंडरा जनजाति के घरों की छत प्रायः किसकी होती है?
A. टीन शीट
B. सीमेंट स्लैब
C. खपरैल या घास-फूस
D. एस्बेस्टस
उत्तर: C. खपरैल या घास-फूस
7. कंडरा जनजाति मुख्यतः किस वस्तु से सामान बनाती है?
A. मिट्टी
B. लोहा
C. बाँस
D. तांबा
उत्तर: C. बाँस
8. निम्न में से कौन-सा कंडरा जनजाति द्वारा बनाया जाने वाला बाँस का सामान है?
A. सुपा
B. टोकरी
C. झापी
D. उपरोक्त सभी
उत्तर: D. उपरोक्त सभी
9. कंडरा जनजाति के लोग सामान्यतः कहाँ निवास करते हैं?
A. शहर के बीचों-बीच
B. गाँव के बाहरी भाग में
C. नदी के बीच
D. पहाड़ की चोटी पर
उत्तर: B. गाँव के बाहरी भाग में
10. कंडरा जनजाति के प्रमुख उपसमूह कौन-से हैं?
A. माड़िया एवं मुरिया
B. सुरिया एवं कनौजिया
C. बैगा एवं भुंजिया
D. परजा एवं हल्बा
उत्तर: B. सुरिया एवं कनौजिया
11. कंडरा जनजाति में विवाह के समय किस रिश्तेदार को विशेष महत्व दिया जाता है?
A. दादा
B. चाचा
C. मामा
D. भाई
उत्तर: C. मामा
12. कंडरा जनजाति में विधवा विवाह की प्रथा है?
A. नहीं
B. केवल विशेष परिस्थितियों में
C. हाँ
D. केवल राजपरिवार में
उत्तर: C. हाँ
13. कंडरा जनजाति में एक ही गाँव के लड़का-लड़की को क्या माना जाता है?
A. मित्र
B. भाई-बहन
C. पड़ोसी
D. रिश्तेदार
उत्तर: B. भाई-बहन
14. कंडरा जनजाति में मृत्यु के बाद सामान्यतः कौन-सा संस्कार किया जाता है?
A. जल प्रवाह
B. दफन
C. अग्नि संस्कार
D. समाधि
उत्तर: B. दफन
15. कंडरा समाज की पंचायत का प्रमुख क्या कहलाता है?
A. सरपंच
B. राजा
C. मुखिया
D. दीवान
उत्तर: B. राजा
16. कंडरा पंचायत में राजा का सहयोगी कौन होता है?
A. पुजारी
B. दीवान
C. शिक्षक
D. कोटवार
उत्तर: B. दीवान
17. कंडरा जनजाति के प्रमुख देवता कौन हैं?
A. बूढ़ादेव
B. दूल्हादेव
C. ठाकुरदेव
D. उपरोक्त सभी
उत्तर: D. उपरोक्त सभी
18. निम्न में से कौन-सा कंडरा जनजाति का प्रमुख त्योहार है?
A. हरेली
B. पोला
C. होली
D. उपरोक्त सभी
उत्तर: D. उपरोक्त सभी
19. कंडरा जनजाति किस प्रकार के गीत गाती है?
A. करमा गीत
B. ददरिया
C. सुआ गीत
D. उपरोक्त सभी
उत्तर: D. उपरोक्त सभी
20. कंडरा जनजाति की प्रमुख भाषा क्या है?
A. मराठी
B. उड़िया
C. छत्तीसगढ़ी
D. पंजाबी
उत्तर: C. छत्तीसगढ़ी
21. कंडरा जनजाति मुख्यतः किन जिलों में निवास करती है?
A. रायपुर, दुर्ग, बालोद
B. बेमेतरा, राजनांदगांव, महासमुंद
C. A एवं B दोनों
D. केवल रायपुर
उत्तर: C. A एवं B दोनों
22. कंडरा जनजाति के लोग शरीर पर कौन-सा तेल लगाते हैं?
A. नारियल तेल
B. सरसों या मूंगफली का तेल
C. जैतून का तेल
D. तिल का तेल
उत्तर: B. सरसों या मूंगफली का तेल
23. कंडरा जनजाति की महिलाएँ मुख्यतः कौन-सा वस्त्र पहनती हैं?
A. साड़ी और पोलका
B. सलवार-सूट
C. जींस
D. घाघरा
उत्तर: A. साड़ी और पोलका
24. कंडरा जनजाति के आर्थिक जीवन का मुख्य आधार क्या है?
A. व्यापार
B. सरकारी नौकरी
C. बाँस शिल्प एवं कृषि
D. पशुपालन
उत्तर: C. बाँस शिल्प एवं कृषि
25. कंडरा जनजाति को भारत सरकार ने किस श्रेणी में शामिल किया है?
A. अनुसूचित जाति
B. अन्य पिछड़ा वर्ग
C. अनुसूचित जनजाति
D. सामान्य वर्ग
उत्तर: C. अनुसूचित जनजाति















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