छत्तीसगढ़ की विशेष पिछड़ी जनजाति: ‘कमार’
कमार छत्तीसगढ़ की एक प्रमुख और प्राचीन जनजाति है। अपनी विशिष्ट संस्कृति और परंपराओं के कारण भारत सरकार ने इन्हें “विशेष पिछड़ी जनजाति” का दर्जा दिया है। आइए, इस जनजाति के रहन-सहन, संस्कृति और मान्यताओं को विस्तार से समझते हैं।
📍 निवास क्षेत्र और जनसंख्या
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मुख्य निवास: गरियाबंद जिले (गरियाबंद, छूत, मैनपुर) और धमतरी जिले (नगरी, मगरलोड विकासखंड) में। इसके अलावा महासमुंद और बागबाहरा में भी इनके कुछ परिवार रहते हैं।
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उत्पत्ति: ये अपनी उत्पत्ति मैनपुर विकासखंड के ‘देवडोंगर’ ग्राम से मानते हैं।
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जनसंख्या (2011 जनगणना): कुल 26,530 (पुरुष: 13,070, स्त्रियाँ: 13,460)।
🛖 रहन-सहन और दैनिक जीवन
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मकान: इनके मकान घास-फूस या मिट्टी के बने होते हैं। छत खपरैल या घास की होती है और दीवारों पर सफेद मिट्टी की पुताई की जाती है। महिलाएँ फर्श को गोबर से लीपती हैं।
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घरेलू वस्तुएं: बांस की टोकरी, सूपा, चटाई, मिट्टी के बर्तन, और शिकार के लिए तीर-धनुष इनके घरों में अनिवार्य रूप से पाए जाते हैं।
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शारीरिक सजावट और गुदना: ये साफ-सफाई का ध्यान रखते हैं (रोज दातौन और स्नान)। महिलाएँ अपने बालों को संवारने के लिए कंघी या “ककवा” का उपयोग करती हैं। 8-10 वर्ष की उम्र में लड़कियां स्थानीय ‘देवार’ महिलाओं से हाथ, पैर और ठोढ़ी पर गुदना (Tattoo) गुदवाती हैं।
👘 वेशभूषा और आभूषण
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पहनावा: पुरुष ‘पंचा’ (छोटी धोती), बंडी और सलूका पहनते हैं। महिलाएँ ‘लुगड़ा’ और ‘पोलका’ पहनती हैं।
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आभूषण: ये नकली चांदी या गिल्ट के आभूषण पहनते हैं, जैसे— कलाई में ऐंठी, नाक में फुली, कान में खिनवा और गले में रुपियामाला।
🍲 भोजन और खान-पान
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मुख्य भोजन: चावल या कोदो का पेज, भात, बासी के साथ कुल्थी, मूंग, उड़द की दाल और जंगली साग-भाजी।
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मांसाहार: सूअर, हिरण, खरगोश, मुर्गा, मछलियां और पक्षियों का मांस चाव से खाया जाता है।
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पेय: पुरुष महुआ से बनी शराब पीते हैं और बीड़ी/चोंगी का धूम्रपान करते हैं।
🏹 मुख्य व्यवसाय और अर्थव्यवस्था
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बांस शिल्प: कमार जनजाति बांस से सूपा, टुकना, झांपी आदि बनाकर बेचने में माहिर होती है।
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कृषि और शिकार: ये आदिम कृषि (कोदो, धान, उड़द आदि) करते हैं। इसके अलावा शिकार करना, मछली पकड़ना और कंदमूल इकट्ठा करना इनका पेशा है।
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वनोपज: महुआ, तेंदू, सालबीज, गोंद और शहद इकट्ठा करके ये अपनी रोजमर्रा की जरूरतें (कपड़े, अनाज) खरीदते हैं।
👨👩👧👦 सामाजिक संरचना और उपजातियां
कमार जनजाति मुख्य रूप से दो उपजातियों में बंटी है:
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पहाड़पतिया: पहाड़ों में निवास करने वाले।
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बुंदरजीवा: मैदानी क्षेत्रों में निवास करने वाले।
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गोत्र (Gotra): जगत, नेताम, मरकाम, सोढ़ी, मराई, छेदइहा और कुंजाम। (एक ही गोत्र में विवाह सख्त मना है)।
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परिवार: इनका समाज पितृसत्तात्मक होता है। विवाह के बाद लड़का अपने पिता की झोपड़ी के पास अपनी अलग नई झोपड़ी बनाकर रहता है।
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जाति पंचायत: सामाजिक व्यवस्था बनाए रखने के लिए एक पंचायत होती है, जिसके प्रमुख को “मुखिया” कहा जाता है।
💍 विवाह संस्कार
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उम्र: लड़कों का विवाह 18-19 वर्ष और लड़कियों का 16-17 वर्ष में होता है।
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प्राथमिकता: ममेरे-फुफेरे (मामा या बुआ के बच्चे) भाई-बहनों के बीच विवाह को प्राथमिकता दी जाती है।
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सूक भरना: विवाह तय होने पर वर पक्ष द्वारा वधू पक्ष को चावल, दाल, नकद आदि दिया जाता है जिसे “सूक भरना” कहते हैं।
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विवाह के प्रकार: सामान्य विवाह के अलावा गुरावट, घर जमाई, पैठू (घुसपैठ) और उधरिया (सहपलायन) प्रथाएं भी हैं। विधवा विवाह (चूड़ी पहनाना) मान्य है, जिसमें विधवा अपने देवर से विवाह कर सकती है।
👶 जन्म और ⚰️ मृत्यु संस्कार
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जन्म: नवजात लड़के की नाल तीर से और लड़की की नाल “कहरा” (बांस की खपच्ची) से काटी जाती है और घर में ही गाड़ दी जाती है। छठे दिन ‘छठी’ मनाई जाती है।
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मृत्यु: ये मृतकों को दफनाते हैं। तीसरे दिन ‘तीजनहावन’ (मुंडन और शुद्धि) होता है और आर्थिक स्थिति के अनुसार मृत्युभोज दिया जाता है।
🕉️ धर्म, देवी-देवता और पर्व
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प्रमुख देवता: इनके सबसे बड़े देवता “वामन देव” हैं। अन्य देवताओं में कचना, धुर्वा, बूढ़ादेव, ठाकुर देव, दुलहा देव, और कुलदेव (पोगरी देवता) शामिल हैं। ये मुर्गा और बकरे की बलि देते हैं।
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त्योहार: हरेली, पोरा, नवाखाई, दशहरा, दिवाली, छेरछेरा और होली इनके प्रमुख पर्व हैं।
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जादू-टोना: ये भूत-प्रेत और तंत्र-मंत्र में विश्वास करते हैं। इनके जानकार को “बैगा” कहा जाता है।
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नृत्य: दिवाली में महिलाएँ ‘सुवा’ नाचती हैं, जबकि होली-दिवाली और विवाह में पुरुष-महिलाएँ दोनों खूब नाचते हैं।
📚 साक्षरता (2011 जनगणना के अनुसार)
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कुल साक्षरता दर: 47.7%
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पुरुष साक्षरता: 58.8%
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महिला साक्षरता: 37.0%
CGPSC, CG Vyapam और CGSSB जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे सभी उम्मीदवारों के लिए ‘छत्तीसगढ़ की जनजातियां’ एक बेहद महत्वपूर्ण विषय है। आपकी तैयारी को और भी मजबूत करने के लिए, यहाँ कमार जनजाति से जुड़े 25 सबसे महत्वपूर्ण बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQs) दिए जा रहे हैं।
इसे एक मॉक टेस्ट के रूप में हल करें और अपनी तैयारी का आकलन करें!
📝 कमार जनजाति: Top 25 MCQs (CGPSC / Vyapam Special)
1. भारत सरकार द्वारा कमार जनजाति को कौन सा दर्जा प्रदान किया गया है?
A. सामान्य जनजाति
B. विशेष पिछड़ी जनजाति
C. अनुसूचित जाति
D. खानाबदोश जनजाति
उत्तर: B. विशेष पिछड़ी जनजाति
2. कमार जनजाति मुख्य रूप से छत्तीसगढ़ के किन जिलों में निवास करती है?
A. बस्तर और दंतेवाड़ा
B. सरगुजा और जशपुर
C. गरियाबंद और धमतरी
D. बिलासपुर और कोरबा
उत्तर: C. गरियाबंद और धमतरी
3. कमार जनजाति अपनी उत्पत्ति किस ग्राम से मानती है?
A. देवडोंगर
B. भोरमदेव
C. बारसूर
D. तुरतुरिया
उत्तर: A. देवडोंगर
4. कमार जनजाति के सबसे बड़े देवता कौन हैं, जो देवडोंगर की डोंगरी में स्थापित हैं?
A. बूढ़ादेव
B. दुलहा देव
C. वामन देव
D. ठाकुर देव
उत्तर: C. वामन देव
5. कमार महिलाएं अपने बालों को संवारने के लिए किस पारंपरिक कंघी का उपयोग करती हैं?
A. ककवा
B. टिकुली
C. खिनवा
D. ऐंठी
उत्तर: A. ककवा
6. कमार जनजाति की लड़कियों को गुदना (Tattoo) गोदने का कार्य स्थानीय स्तर पर कौन सी महिलाएं करती हैं?
A. कमार महिलाएं ही
B. देवार महिलाएं
C. बैगा महिलाएं
D. गोंड महिलाएं
उत्तर: B. देवार महिलाएं
7. कमार जनजाति का मुख्य पारंपरिक व्यवसाय क्या है?
A. लौह शिल्प
B. काष्ठ शिल्प
C. बांस शिल्प
D. मृदा शिल्प
उत्तर: C. बांस शिल्प
8. मैदानी क्षेत्रों में निवास करने वाले कमार जनजाति के लोगों को किस उपजाति के नाम से जाना जाता है?
A. पहाड़पतिया
B. बुंदरजीवा
C. भुंजिया
D. अबूझमाड़िया
उत्तर: B. बुंदरजीवा
9. कमार जनजाति में पहाड़ों पर रहने वाली उपजाति को क्या कहा जाता है?
A. बुंदरजीवा
B. माड़िया
C. मुड़िया
D. पहाड़पतिया
उत्तर: D. पहाड़पतिया
10. विवाह के कुछ समय बाद लड़के का अपने पिता की झोपड़ी के पास नई झोपड़ी बनाकर रहने की प्रथा किस जनजाति की विशेषता है?
A. उरांव
B. कमार
C. कंवर
D. बैगा
उत्तर: B. कमार
11. कमार जनजाति में नवजात लड़की (पुत्री) की नाल काटने के लिए किसका प्रयोग किया जाता है?
A. चाकू
B. तीर
C. कहरा (बांस की पपची)
D. पत्थर
उत्तर: C. कहरा (बांस की पपची)
12. कमार जनजाति में नवजात लड़के (पुत्र) की नाल काटने के लिए किस वस्तु का प्रयोग किया जाता है?
A. तीर
B. कहरा
C. कुल्हाड़ी
D. हँसिया
उत्तर: A. तीर
13. विवाह तय होने पर वर पक्ष द्वारा वधू पक्ष को चावल, दाल व नकद रुपए दिए जाते हैं, इस रस्म को कमार जनजाति में क्या कहते हैं?
A. गुरावट
B. सूक भरना
C. पैठू
D. उधरिया
उत्तर: B. सूक भरना
14. कमार जनजाति में मृत्यु के तीसरे दिन होने वाले मुंडन व शुद्धिकरण संस्कार को क्या कहा जाता है?
A. नाहन
B. तीजनहावन
C. गंगाजल
D. दशगात्र
उत्तर: B. तीजनहावन
15. कमार जनजाति की परंपरागत जाति पंचायत के प्रमुख को किस नाम से पुकारा जाता है?
A. मांझी
B. पटेल
C. मुखिया
D. सिरहा
उत्तर: C. मुखिया
16. कमार जनजाति के कुलदेवता को किस नाम से जाना जाता है?
A. पोगरी देवता
B. वामन देव
C. कचना धुर्वा
D. बूढ़ादेव
उत्तर: A. पोगरी देवता
17. कमार जनजाति में तंत्र-मंत्र, भूत-प्रेत और जादू-टोना के जानकार व्यक्ति को क्या कहा जाता है?
A. सिरहा
B. गुनिया
C. बैगा
D. ओझा
उत्तर: C. बैगा
18. कमार जनजाति की महिलाएं दिवाली के अवसर पर कौन सा नृत्य करती हैं?
A. करमा
B. सुवा
C. ददरिया
D. गैड़ी
उत्तर: B. सुवा
19. 2011 की जनगणना के अनुसार, कमार जनजाति की कुल साक्षरता दर कितनी है?
A. 37.0%
B. 47.7%
C. 58.8%
D. 62.5%
उत्तर: B. 47.7%
20. कमार जनजाति के पुरुष वस्त्र विन्यास में मुख्य रूप से क्या पहनते हैं?
A. पंचा (छोटी धोती), बंडी व सलूका
B. केवल लंगोटी
C. लुगड़ा
D. पोलका
उत्तर: A. पंचा (छोटी धोती), बंडी व सलूका
21. इनमें से कौन सा गोत्र कमार जनजाति से संबंधित है?
A. जगत
B. नेताम और मरकाम
C. सोढ़ी और कुंजाम
D. उपरोक्त सभी
उत्तर: D. उपरोक्त सभी
22. कमार जनजाति में विवाह के लिए किसे प्राथमिकता दी जाती है?
A. एक ही गोत्र में विवाह
B. मामा या बुआ के लड़का-लड़की (ममेरे-फुफेरे) से विवाह
C. अन्य जनजाति में विवाह
D. इनमें से कोई नहीं
उत्तर: B. मामा या बुआ के लड़का-लड़की (ममेरे-फुफेरे) से विवाह
23. कमार जनजाति के पुरुष धूम्रपान के रूप में मुख्य रूप से क्या पीते हैं?
A. हुक्का
B. सिगरेट
C. बीड़ी व चोंगी
D. चिलम
उत्तर: C. बीड़ी व चोंगी
24. कमार जनजाति में विधवा विवाह को किस रूप में मान्यता प्राप्त है?
A. पैठू
B. उधरिया
C. चूड़ी पहनाना
D. गुरावट
उत्तर: C. चूड़ी पहनाना
25. कमार जनजाति द्वारा बांस से बनाए जाने वाले प्रमुख घरेलू उपयोग की वस्तुएं/उत्पाद कौन से हैं?
A. सूपा और टुकना
B. झांपी
C. टोकरी
D. उपरोक्त सभी
उत्तर: D. उपरोक्त सभी
Tips for Aspirants: कमार जनजाति से जुड़े ये प्रश्न अक्सर CGPSC Prelims और Vyapam की परीक्षाओं में पूछे जाते हैं। विशेषकर इनकी उत्पत्ति (देवडोंगर), जन्म संस्कार (नाल काटना), और उपजातियों (बुंदरजीवा, पहाड़पतिया) से जुड़े तथ्यों को अच्छे से याद रखें। शुभकामनाएँ!









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