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CG GK : गोदावरी अपवाह तंत्र (Godavari Drainage System) MCQs – CGPSC & Vyapam

godavari drainage system of chhattisgarh – complete notes

Table of Contents

छत्तीसगढ़ का गोदावरी अपवाह तंत्र: नदियां, उद्गम, और महत्वपूर्ण तथ्य (विस्तृत जानकारी)

छत्तीसगढ़ राज्य अपनी प्राकृतिक सुंदरता, घने वनों, खनिज संपदा और विशेष रूप से अपने विस्तृत नदी तंत्र के लिए पूरे भारत में जाना जाता है। छत्तीसगढ़ का भूगोल (Chhattisgarh Geography) प्रतियोगी परीक्षाओं जैसे CGPSC, CG Vyapam, Patwari, और अन्य राज्य स्तरीय परीक्षाओं के लिए एक अत्यंत महत्वपूर्ण विषय है। इस विस्तृत ब्लॉग पोस्ट में हम “गोदावरी अपवाह तंत्र” (Godavari Drainage System) का गहराई से अध्ययन करेंगे, जो छत्तीसगढ़ के दक्षिणी भाग, विशेषकर बस्तर संभाग (दंडकारण्य का पठार) की जीवन रेखा माना जाता है।

अगर आप छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) या व्यापम (CG Vyapam) की तैयारी कर रहे हैं, तो यह लेख आपके लिए एक ‘मास्टर नोट्स’ की तरह काम करेगा। आइए, गोदावरी नदी और उसकी सहायक नदियों—इंद्रावती, शबरी, कोटरी, शंखिनी-डंकिनी आदि के बारे में विस्तार से जानते हैं।

1. गोदावरी अपवाह तंत्र: एक विस्तृत परिचय (Introduction to Godavari Drainage System)

छत्तीसगढ़ राज्य में मुख्य रूप से महानदी, गोदावरी, गंगा, नर्मदा और ब्राह्मणी नदी अपवाह तंत्र पाए जाते हैं। इनमें से गोदावरी अपवाह तंत्र प्रदेश की दूसरी सबसे बड़ी अपवाह प्रणाली है (महानदी अपवाह तंत्र के बाद)।

यह अपवाह प्रणाली मुख्य रूप से राज्य के दक्षिणी भाग, यानी ‘दंडकारण्य के पठार’ (Dandakaranya Plateau) में अवस्थित है। दंडकारण्य का पठार भौगोलिक रूप से इस तरह से बना है कि इसका ढाल (Slope) दक्षिण की ओर है। इसी भौगोलिक ढाल के कारण दक्षिण छत्तीसगढ़ (बस्तर संभाग) की अधिकांश नदियां अपना जल दक्षिण दिशा की ओर ले जाकर अंततः गोदावरी नदी में विसर्जित कर देती हैं। इसी जल संग्रह व्यवस्था को ‘गोदावरी अपवाह तंत्र’ कहा जाता है।

गोदावरी अपवाह तंत्र से जुड़े कुछ प्रमुख आंकड़े:

  • राज्य में स्थान: यह छत्तीसगढ़ का दूसरा सबसे बड़ा अपवाह तंत्र है।

  • जल संग्रहण क्षेत्र (Catchment Area): इस तंत्र के अंतर्गत राज्य का लगभग 28.64 प्रतिशत जल संग्रहण क्षेत्र आता है, जो इसके विशाल आकार को दर्शाता है।

  • कुल विस्तार (Total Extension): इस अपवाह तंत्र का छत्तीसगढ़ में कुल विस्तार लगभग 36.49 हजार वर्ग किलोमीटर है।

  • भौगोलिक स्थिति: यह गोदावरी प्रवाह बेसिन मुख्य रूप से राज्य के दक्षिणी भाग (बस्तर, दंतेवाड़ा, बीजापुर, सुकमा, नारायणपुर, कोंडागांव, कांकेर) में विस्तृत है।

(परीक्षा उपयोगी तथ्य: CG PSC (ITI Prin.) 2022 और CG PSC (Sci. Off.) 2018 में सीधे तौर पर गोदावरी बेसिन की स्थिति और प्रदेश के दूसरे सबसे बड़े अपवाह तंत्र के बारे में प्रश्न पूछे जा चुके हैं।)

2. गोदावरी नदी (Godavari River): दक्षिण भारत की गंगा

गोदावरी नदी भारत के प्रायद्वीपीय पठार (Peninsular Plateau) की सबसे बड़ी और सबसे लंबी नदी है। इसे ‘दक्षिण गंगा’ या ‘वृद्ध गंगा’ के नाम से भी जाना जाता है। यद्यपि गोदावरी नदी का मुख्य प्रवाह महाराष्ट्र और तेलंगाना में है, लेकिन यह छत्तीसगढ़ के दक्षिणी सीमांत क्षेत्रों को गहराई से प्रभावित करती है।

गोदावरी नदी से संबंधित महत्वपूर्ण तथ्य:

  • उद्गम (Origin): गोदावरी नदी का उद्गम महाराष्ट्र राज्य के नासिक जिले में स्थित ‘त्र्यंबक पहाड़ी’ (Trimbakeshwar) से होता है।

  • प्रवाह क्षेत्र (Flow Area): यह नदी महाराष्ट्र, तेलंगाना और छत्तीसगढ़ राज्य के दक्षिणी भाग से होकर बहती है।

  • विसर्जन (Mouth/Discharge): अपने लंबे सफर के बाद गोदावरी नदी अंततः आंध्र प्रदेश से होते हुए बंगाल की खाड़ी (Bay of Bengal) में जा गिरती है।

  • छत्तीसगढ़ से संबंध: गोदावरी नदी राज्य की दक्षिण-पश्चिम सीमा (बीजापुर जिले) पर ‘भद्रकाली’ से लेकर ‘कोटरू’ तक लगभग 15 किलोमीटर की दूरी तक बहती है। यह राज्य की दक्षिणी सीमा को निर्धारित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

  • प्रमुख सहायक नदियां (Tributaries): छत्तीसगढ़ के संदर्भ में गोदावरी की प्रमुख सहायक नदियां इंद्रावती, शबरी, और कोटरी (अप्रत्यक्ष रूप से) हैं। इसके अलावा शंखिनी-डंकिनी, नारंगी, चिंतावागु, गुंडरा, और निबरा जैसी नदियां भी अपना जल अंततः गोदावरी बेसिन में ही गिराती हैं।

  • विवादित पोलावरम् बांध (Polavaram Dam Project): गोदावरी नदी पर निर्मित ‘पोलावरम् बांध’ एक बेहद चर्चित और महत्वपूर्ण बहुउद्देशीय परियोजना है। यह परियोजना मुख्य रूप से छत्तीसगढ़, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश राज्यों के बीच जल बंटवारे और डूब क्षेत्र को लेकर विवादित रही है।

(परीक्षा उपयोगी तथ्य: गोदावरी नदी की सहायक नदी इंद्रावती के बारे में CG PSC (ADH) 2011 और CG Vyapam (CROS) 2017 में प्रश्न पूछे गए हैं।)

3. इंद्रावती नदी: बस्तर संभाग की जीवन रेखा (Indravati River: Lifeline of Bastar)

गोदावरी नदी की सबसे प्रमुख सहायक नदी ‘इंद्रावती नदी’ है। छत्तीसगढ़ के दक्षिणी हिस्से, विशेषकर बस्तर संभाग के लिए इंद्रावती नदी का वही महत्व है, जो मध्य और उत्तर छत्तीसगढ़ के लिए महानदी का है। इसीलिए इसे “बस्तर संभाग की जीवन रेखा” (Lifeline of Bastar) कहा जाता है।

इंद्रावती नदी का भौगोलिक और ऐतिहासिक विवरण:

  • उद्गम (Origin): इंद्रावती नदी का उद्गम छत्तीसगढ़ के पड़ोसी राज्य ओडिशा के कालाहांडी जिले में स्थित ‘मुंगेर पर्वत’ से होता है।

  • प्राचीन नाम (Ancient Name): प्राचीन काल में इंद्रावती नदी को ‘मंदाकिनी’ (Mandakini) के नाम से जाना जाता था।

  • कुल लंबाई (Total Length): इस नदी की कुल लंबाई 308 किलोमीटर है, जिसमें से यह छत्तीसगढ़ राज्य में 264 किलोमीटर की दूरी तय करती है।

  • प्रवाह दिशा (Flow Direction): यह नदी पूर्व से पश्चिम की ओर (East to West) बहती है। (यह तथ्य CG Vyapam (CROSS) 2017 और (ECH) 2017 में पूछा जा चुका है)।

  • प्रवाह क्षेत्र (Catchment Districts): यह नदी मुख्य रूप से छत्तीसगढ़ के बस्तर, दंतेवाड़ा और बीजापुर जिलों से होकर प्रवाहित होती है।

  • तटीय शहर (Cities on Banks): इंद्रावती नदी के तट पर जगदलपुर (बस्तर का मुख्यालय), बारसूर (दंतेवाड़ा का ऐतिहासिक नगर), और भोपालपट्टनम (बीजापुर) जैसे महत्वपूर्ण शहर बसे हुए हैं।

  • विसर्जन (Confluence): यह नदी पश्चिम की ओर बहते हुए बीजापुर जिले के ‘भद्रकाली’ नामक स्थान के निकट गोदावरी नदी में मिल जाती है।

  • प्रमुख सहायक नदियां: इंद्रावती की सहायक नदियों का जाल काफी विस्तृत है। इनमें कोटरी, डंकिनी, शंखिनी, नारंगी, गुडरा, निबरा, और नंदीराज प्रमुख हैं।

इंद्रावती नदी की प्रमुख विशेषताएं और जलप्रपात

  1. चित्रकोट जलप्रपात (Chitrakote Waterfall): इंद्रावती नदी पर बस्तर जिले में विश्व प्रसिद्ध ‘चित्रकोट जलप्रपात’ स्थित है। यह छत्तीसगढ़ ही नहीं, बल्कि पूरे राज्य (और भारत) का सबसे चौड़ा जलप्रपात है। अपनी घोड़े की नाल (Horseshoe) जैसी आकृति के कारण इसे ‘भारत का नियाग्रा’ (Niagara of India) भी कहा जाता है। (यह प्रश्न CG Vyapam (CROSS), (Ameen) 2017 और (Patwari) 2017 में पूछा गया है)।

  2. अध्यारोपित नदी (Superimposed River): इंद्रावती एक अध्यारोपित नदी का बेहतरीन उदाहरण है, जो भौगोलिक संरचनाओं को काटकर अपने मूल मार्ग पर बहती है।

  3. प्रमुख परियोजनाएं (Projects): इंद्रावती नदी पर बस्तर में ‘कोसारटेड़ा परियोजना’ और ‘बोधघाट परियोजना’ संचालित/प्रस्तावित हैं, जो इस क्षेत्र की सिंचाई और विद्युत आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए महत्वपूर्ण हैं।

  4. विभाजन: इंद्रावती नदी अपने प्रवाह मार्ग से बस्तर संभाग को भौगोलिक रूप से दो भागों में बांटती है।

इंद्रावती की सहायक नदियों का वर्गीकरण

परीक्षाओं में अक्सर उत्तर और दक्षिण की ओर से मिलने वाली सहायक नदियों के बारे में पूछा जाता है:

  • उत्तर की ओर से मिलने वाली सहायक नदियां (North Tributaries): कोटरी, निबरा, गुडरा, बोर्डिंग, और नारंगी।

  • दक्षिण की ओर से मिलने वाली सहायक नदियां (South Tributaries): तालपेरू, चिंतावागु, शंखिनी, डंकिनी, और नंदीराज।

4. इंद्रावती की प्रमुख सहायक नदियां (Key Tributaries of Indravati)

इंद्रावती बेसिन अपने आप में एक विशाल नदी तंत्र है। इसकी सहायक नदियों का विवरण नीचे विस्तार से दिया गया है:

A. नारंगी नदी (Narangi River)

  • उद्गम (Origin): नारंगी नदी का उद्गम कोंडागांव जिले की ‘माकड़ी पहाड़ी’ (Makdi Hills) से होता है।

  • विसर्जन (Confluence): यह नदी बस्तर जिले में चित्रकोट जलप्रपात के समीप इंद्रावती नदी में जाकर मिल जाती है।

  • प्रवाह क्षेत्र: कोंडागांव और बस्तर जिला।

  • विशेष तथ्य: कोंडागांव शहर, जो अपने बेलमेटल (डोकरा) शिल्प के लिए पूरी दुनिया में मशहूर है, इसी ‘नारंगी नदी’ के तट पर बसा हुआ है। (यह तथ्य CG PSC (Pre) 2015 में पूछा गया था)।

B. कोटरी नदी (Kotri River)

  • उद्गम (Origin): कोटरी नदी मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी (पूर्व में राजनांदगांव का हिस्सा) क्षेत्र की ‘राजहरा की पहाड़ी’ (Rajhara Hills) से निकलती है। (CG Vyapam FNDM 2019)।

  • प्राचीन नाम: इसे प्राचीन काल में ‘परलकोट’ (Parlakot) नदी के नाम से जाना जाता था।

  • कुल लंबाई: इसकी कुल लंबाई 135 किलोमीटर है।

  • संगम: यह नदी बीजापुर जिले में इंद्रावती नदी में मिल जाती है।

  • प्रवाह क्षेत्र: राजनांदगांव, नारायणपुर, बीजापुर, और कांकेर जिला।

  • विशेष तथ्य: कोटरी नदी बेसिन छत्तीसगढ़ के दक्षिण-पश्चिम दिशा में स्थित है। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि कोटरी नदी इंद्रावती की सबसे बड़ी सहायक नदी है। इसका प्रवाह दक्षिण दिशा की ओर है।

C. शंखिनी नदी (Shankhini River)

  • उद्गम (Origin): शंखिनी नदी दंतेवाड़ा जिले की प्रसिद्ध ‘बैलाडीला पहाड़ी’ की ‘नंदीराज चोटी’ से निकलती है। बैलाडीला अपने उच्च गुणवत्ता वाले लौह अयस्क (Iron Ore) के लिए प्रसिद्ध है। (CG PSC ITI Prin. 2022)।

  • विसर्जन: यह नदी दंतेवाड़ा जिले में डंकिनी नदी में मिल जाती है।

  • विशेष तथ्य (सबसे प्रदूषित नदी): शंखिनी नदी छत्तीसगढ़ की सबसे प्रदूषित नदी मानी जाती है। बैलाडीला खदानों से निकलने वाले लौह अयस्क (Iron Ore) के लाल पानी के कारण इस नदी का जल ‘रक्ताभ’ (खून के रंग जैसा लाल) हो गया है। इसी कारण स्थानीय लोग इसे ‘लाल नदी’ (Red River) भी कहते हैं। (CG PSC SEE 2017)।

  • संगम स्थल: शंखिनी और डंकिनी नदियों का संगम दंतेवाड़ा जिले में होता है, और इसी पावन संगम स्थल पर विश्व प्रसिद्ध ‘दंतेश्वरी माता का मंदिर’ (Danteshwari Temple) स्थित है।

D. डंकिनी नदी (Dankini River)

  • उद्गम (Origin): डंकिनी नदी का उद्गम दंतेवाड़ा जिले के ‘डोंगरी क्षेत्र’ से होता है।

  • संगम: यह ऐतिहासिक नगर ‘बारसूर’ (जिला दंतेवाड़ा) में इंद्रावती नदी में जाकर मिल जाती है।

  • सहायक नदी: शंखिनी नदी डंकिनी की ही प्रमुख सहायक नदी है।

  • विशेष तथ्य: जैसा कि ऊपर बताया गया है, डंकिनी-शंखिनी के संगम पर ही दंतेश्वरी मंदिर स्थित है, जो 52 शक्तिपीठों में से एक माना जाता है। (CG PSC ADJE 2020)।

E. अन्य छोटी सहायक नदियां

  • गुडरा नदी (Gudra River): इसका उद्गम नारायणपुर जिले की दुर्गम ‘अबूझमाड़ पहाड़ी’ से होता है। यह नारायणपुर और बीजापुर जिले में बहते हुए बारसूर के निकट इंद्रावती में मिल जाती है।

  • बोर्डिंग नदी (Boarding River): यह नदी कोंडागांव क्षेत्र से निकलती है और बोधघाट (बस्तर) के समीप इंद्रावती में समाहित हो जाती है।

  • निबरा नदी (Nibra River): निबरा नदी अंतागढ़ से निकलती है और भैरमगढ़ के पास इंद्रावती में मिल जाती है। एक बहुत ही रोचक ऐतिहासिक तथ्य यह है कि परलकोट (जहाँ 1825 का परलकोट विद्रोह हुआ था) निबरा, गुडरा, और बोर्डिंग नदियों के संगम क्षेत्र के समीप स्थित है।

5. शबरी नदी: दक्षिण छत्तीसगढ़ की महत्वपूर्ण जलधारा (Shabari River)

गोदावरी की दूसरी सबसे महत्वपूर्ण प्रत्यक्ष सहायक नदी शबरी है, जो छत्तीसगढ़ के सबसे दक्षिणी छोर सुकमा जिले में प्रवाहित होती है।

  • उद्गम (Origin): शबरी नदी का उद्गम ओडिशा राज्य के कोरापुट क्षेत्र में स्थित ‘नंदपुर पर्वत’ से होता है। (CG Vyapam SEDT 2019)।

  • प्राचीन नाम: प्राचीन काल में इसे ‘कोलाब नदी’ (Kolab River) कहा जाता था।

  • कुल लंबाई: इसकी कुल लंबाई 173 किलोमीटर है।

  • संगम (Confluence): यह नदी आंध्र प्रदेश के ‘कुनावरम्’ नामक स्थान पर गोदावरी नदी में जाकर मिल जाती है।

  • तटीय शहर: सुकमा जिले का ‘कोंटा’ (Konta) शहर शबरी नदी के तट पर बसा हुआ है। (CG Vyapam E. Chem. 2016)।

  • प्रवाह क्षेत्र: यह नदी मुख्य रूप से बस्तर और सुकमा जिले में बहती है और छत्तीसगढ़ की दक्षिणी सीमा रेखा का निर्धारण करती है।

  • जलप्रपात: सुकमा जिले में शबरी नदी पर ‘गुप्तेश्वर जलप्रपात’ (Gupteshwar Waterfall) स्थित है।

शबरी नदी की प्रमुख सहायक नदियां और विशेषताएं

  • सहायक नदियां: शबरी की प्रमुख सहायक नदियां कांगेर, मालेगर, सोलेरू और पांदेरू हैं।

  • कांगेर नदी (Kanger River): कांगेर नदी बहुत महत्वपूर्ण है। कांगेर की सहायक नदी ‘मुनगाबहार’ नदी है। इसी मुनगाबहार नदी पर विश्व प्रसिद्ध ‘तीरथगढ़ जलप्रपात’ (Tirathgarh Waterfall) स्थित है, जो अपनी सीढ़ीनुमा आकृति के लिए पर्यटकों के बीच बहुत लोकप्रिय है।

  • भैंसादरहा मगरमच्छ संरक्षण: कांगेर नदी में ‘भैंसादरहा’ नामक एक प्राकृतिक स्थान है, जहां प्राकृतिक रूप से मगरमच्छों (Crocodiles) का संरक्षण किया जाता है। यह कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान का एक प्रमुख आकर्षण है।

  • एकमात्र जल परिवहन (Only Waterway of CG): शबरी नदी छत्तीसगढ़ राज्य की एकमात्र ऐसी नदी है जिसमें जल परिवहन (Water Transport) की सुविधा उपलब्ध है। कोंटा (सुकमा) से लेकर कुनावरम् (आंध्र प्रदेश) तक लगभग 36 किलोमीटर की दूरी तक इसमें नावें और स्टीमर चलाए जाते हैं। (यह अति महत्वपूर्ण प्रश्न CG PSC ADVHS 2013 में पूछा जा चुका है)।

6. अन्य महत्वपूर्ण नदियां (Other Important Rivers)

गोदावरी अपवाह तंत्र में कुछ अन्य नदियां भी हैं जो भौगोलिक दृष्टिकोण से सीमा निर्धारण का काम करती हैं:

बाघ नदी (Bagh River)

  • उद्गम: राजनांदगांव जिले की ‘कुलझारी पहाड़ी’ से बाघ नदी का उद्गम होता है।

  • संगम: यह नदी सीधे गोदावरी में न मिलकर पहले ‘वैनगंगा नदी’ (Wainganga River) में मिलती है और उसके माध्यम से इसका जल गोदावरी में पहुंचता है।

  • विशेषता: बाघ नदी छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र राज्य की प्राकृतिक सीमा (Border) बनाती है। (CG Vyapam E. Chem. 2016)।

मारी नदी और कोभरा नदी

  • मारी नदी (Mari River): मारी या मोरल वास्तव में ‘मुरला’ नदी का ही अपभ्रंश नाम है। पूर्व में इसे मोरल कहा जाता था। यह दक्षिण-पश्चिम दिशा में भैरमगढ़ (बीजापुर) से निकलकर बीजापुर की ओर ही प्रवाहित होती है।

  • कोभरा नदी (Kobhra River): यह नदी अपने अधिकांश प्रवाह मार्ग में बस्तर जिले की सीमा रेखा का निर्माण करती है।

7. प्रतियोगी परीक्षाओं (CGPSC/Vyapam) के लिए क्विक रिवीजन (Quick Revision Facts)

यदि आप परीक्षा से ठीक पहले रिवीजन कर रहे हैं, तो इन बिंदुओं को जरूर याद रखें:

  1. राज्य का सबसे चौड़ा जलप्रपात: चित्रकोट जलप्रपात (इंद्रावती नदी, बस्तर)।

  2. छत्तीसगढ़ की सबसे प्रदूषित नदी: शंखिनी नदी (लौह अयस्क के कारण लाल पानी)।

  3. दंतेश्वरी मंदिर कहाँ स्थित है: डंकिनी और शंखिनी नदियों के संगम पर (दंतेवाड़ा)।

  4. बस्तर की जीवन रेखा: इंद्रावती नदी (प्राचीन नाम – मंदाकिनी)।

  5. कोंडागांव शहर किस नदी के तट पर है: नारंगी नदी।

  6. इंद्रावती की सबसे बड़ी सहायक नदी: कोटरी नदी (प्राचीन नाम – परलकोट)।

  7. राज्य में एकमात्र जल परिवहन: शबरी नदी (कोंटा से कुनावरम्, 36 किमी)।

  8. तीरथगढ़ जलप्रपात किस नदी पर है: मुनगाबहार नदी (कांगेर की सहायक नदी)।

  9. प्राकृतिक मगरमच्छ संरक्षण स्थल: भैंसादरहा (कांगेर नदी)।

  10. छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र की सीमा बनाने वाली नदी: बाघ नदी।

निष्कर्ष (Conclusion)

छत्तीसगढ़ का गोदावरी अपवाह तंत्र राज्य के दक्षिणी भाग (दंडकारण्य) के पारिस्थितिकी तंत्र, कृषि, पर्यटन और संस्कृति का मुख्य आधार है। इंद्रावती और शबरी जैसी नदियां न केवल आदिवासी बहुल बस्तर अंचल को जल मुहैया कराती हैं, बल्कि अपने मनोरम जलप्रपातों (चित्रकोट, तीरथगढ़) के माध्यम से राज्य के पर्यटन को भी विश्व पटल पर स्थापित करती हैं।

परीक्षाओं के दृष्टिकोण से, नदियों के उद्गम स्थल, प्राचीन नाम, सहायक नदियां और तट पर बसे शहरों का अध्ययन बहुत जरूरी है। आशा है कि इस विस्तृत लेख से आपको CGPSC, Vyapam और अन्य परीक्षाओं की तैयारी में भरपूर मदद मिलेगी।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

Q1. गोदावरी अपवाह तंत्र छत्तीसगढ़ का कौन सा सबसे बड़ा अपवाह तंत्र है?

Ans. महानदी अपवाह तंत्र के बाद यह छत्तीसगढ़ का दूसरा सबसे बड़ा (लगभग 28.64%) अपवाह तंत्र है।

Q2. इंद्रावती नदी का प्राचीन नाम क्या था और इसका उद्गम कहाँ से होता है?

Ans. इंद्रावती नदी का प्राचीन नाम ‘मंदाकिनी’ था। इसका उद्गम ओडिशा के कालाहांडी जिले की मुंगेर पहाड़ियों से होता है।

Q3. ‘लाल नदी’ के नाम से छत्तीसगढ़ की किस नदी को जाना जाता है?

Ans. दंतेवाड़ा जिले से बहने वाली ‘शंखिनी नदी’ को लाल नदी कहा जाता है, क्योंकि बैलाडीला खदानों के लौह अयस्क के कारण इसका पानी रक्ताभ (लाल) और अत्यधिक प्रदूषित हो गया है।

Q4. शबरी नदी पर जल परिवहन किन दो स्थानों के बीच है?

Ans. शबरी नदी पर सुकमा जिले के ‘कोंटा’ से लेकर आंध्र प्रदेश के ‘कुनावरम्’ तक 36 किलोमीटर का एकमात्र जल परिवहन मार्ग स्थित है।

Q5. चित्रकोट जलप्रपात किस नदी पर स्थित है?

Ans. चित्रकोट जलप्रपात बस्तर जिले में इंद्रावती नदी पर स्थित है, जिसे इसकी चौड़ाई के कारण ‘भारत का नियाग्रा’ भी कहा जाता है।

Q6. कोटरी नदी का प्राचीन नाम क्या था?

Ans. कोटरी नदी (इंद्रावती की सबसे बड़ी सहायक नदी) का प्राचीन नाम ‘परलकोट’ नदी था।

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छत्तीसगढ़ का गोदावरी अपवाह तंत्र: पिछले वर्षों में पूछे गए महत्वपूर्ण प्रश्न (MCQs)

अगर आप छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) या व्यापम (CG Vyapam) की परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं, तो ‘छत्तीसगढ़ का भूगोल’ और विशेष रूप से ‘अपवाह तंत्र’ (नदियां) एक बेहद महत्वपूर्ण विषय है।

इस पोस्ट में हमने ‘गोदावरी अपवाह तंत्र’ से जुड़े उन सभी महत्वपूर्ण बहुविकल्पीय प्रश्नों (MCQs) का संकलन किया है, जो पिछले वर्षों में CGPSC और Vyapam की विभिन्न परीक्षाओं में पूछे जा चुके हैं। अभ्यास के लिए यह पोस्ट आपके लिए बहुत उपयोगी साबित होगी।

गोदावरी अपवाह तंत्र – महत्वपूर्ण प्रश्नोत्तरी

1. गोदावरी प्रवाह बेसिन छत्तीसगढ़ राज्य के किस भाग पर स्थित है?

(A) पूर्वी

(B) पश्चिमी

(C) उत्तरी

(D) दक्षिणी

(E) इनमें से कोई नहीं

(CGPSC : SO : 2018)

उत्तर- (D)

व्याख्या- गोदावरी बेसिन छत्तीसगढ़ के दक्षिण में स्थित दण्डकारण्य के पठार में अवस्थित है। इस बेसिन की सर्वप्रमुख नदी इंद्रावती है। इंद्रावती को बस्तर की जीवन रेखा भी कहा जाता है। गोदावरी बेसिन में इंद्रावती, कोटरी, गुदरा, निबरा, बोर्डिंग, नारंगी, चिंतावागु, नंदीराज, डंकिनी, शंखिनी आदि नदियां शामिल हैं।

2. छत्तीसगढ़ में अपवाह क्षेत्र के विस्तार के आधार पर दूसरे स्थान पर किस नदी तंत्र का क्षेत्र है?

(A) गोदावरी

(B) महानदी

(C) नर्मदा

(D) सोन-गंगा

(CGPSC : ITI (PRINCIPAL) : 2022)

उत्तर- (A)

व्याख्या- छत्तीसगढ़ में अपवाह क्षेत्र के विस्तार के आधार पर दूसरे स्थान पर गोदावरी अपवाह तंत्र है।

3. छत्तीसगढ़ में स्थित गोदावरी बेसिन की सबसे प्रमुख नदी निम्नांकित में से कौन है?

(A) कन्हार

(B) महानदी

(C) इन्द्रावती

(D) शिवनाथ

(E) इनमें से कोई नहीं

(CGPSC : ADI : 2017)

उत्तर- (C)

4. इन्द्रावती किस नदी क्रम की नदी है?

(A) महानदी

(B) गोदावरी

(C) गंगा

(D) नर्मदा

(CGPSC : AG : 2020)

उत्तर- (B)

5. बस्तर की जीवनदायिनी (जीवन-रेखा) नदी किसे कहते हैं?

(A) शबरी

(B) गोदावरी

(C) इन्द्रावती

(D) नारंगी

(CGPSC : ADH & AR : 2022 | CGPSC : SEE : 2017 | CGPSC : AP : 2016)

उत्तर- (C)

6. इन्द्रावती नदी को प्राचीन काल में किस नाम से जाना जाता था?

(A) कोलाब

(B) चित्रोत्पला

(C) मंदाकिनी

(D) महानंदा

उत्तर- (C)

व्याख्या- प्राचीन काल में इंद्रावती नदी को मंदाकिनी नाम से जाना जाता था। इंद्रावती के तट पर जगदलपुर, बारसूर तथा भोपालपट्टनम शहर स्थित हैं।

7. जगदलपुर शहर किस नदी के तट पर स्थित है?

(A) कोटरी

(B) गोदावरी

(C) शबरी

(D) इंद्रावती

उत्तर- (D)

8. निम्नलिखित में से किस नदी का उद्गम स्थल छत्तीसगढ़ की सीमा से बाहर है?

(A) ईब नदी

(B) इन्द्रावती नदी

(C) पैरी नदी

(D) हाफ नदी

(CGPSC : SEE : 2022)

उत्तर- (B)

व्याख्या- इंद्रावती नदी का उद्गम स्थल ओड़िशा के कालाहांडी से है। अतः यह छत्तीसगढ़ की सीमा के बाहर है।

9. निम्न में से कौन-सी नदी पश्चिम की ओर बहती है?

(A) महानदी

(B) खारून

(C) शिवनाथ

(D) इंद्रावती

(VYAPAM : CHEMIST : 2017)

उत्तर- (D)

व्याख्या- गोदावरी बेसिन की इंद्रावती नदी का प्रवाह पहले पश्चिम बाद में दक्षिण में हो जाता है। ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ में पश्चिम में बहने वाली सबसे लम्बी नदी इंद्रावती है।

10. छत्तीसगढ़ की कौन-सी नदी गोदावरी की एक महत्वपूर्ण सहायक नदी है?

(A) शिवनाथ

(B) इंद्रावती

(C) बाघ

(D) हसदो

(VYAPAM : CHEMIST : 2017 | VYAPAM : AMI : 2013)

उत्तर- (B)

व्याख्या- > * गोदावरी की महत्वपूर्ण सहायक नदी और बस्तर जिले की सबसे बड़ी नदी- इंद्रावती नदी है।

  • गोदावरी नदी की सबसे लम्बी सहायक नदी- मंजीरा (724 किमी), यह छत्तीसगढ़ में नहीं बहती है।

  • गोदावरी नदी की सबसे बड़ी (जल राशि के आधार पर) सहायक नदी = प्राणहीता (वर्धा नदी + वेनगंगा नदी)।

11. गोदावरी नदी की प्रमुख सहायक नदी और बस्तर जिले की सबसे बड़ी नदी कौन-सी है?

(A) कोटरी नदी

(B) शबरी नदी

(C) बाघ नदी

(D) इंद्रावती

उत्तर- (D)

12. गोदावरी नदी की उस सहायक नदी का चयन करें, जो छत्तीसगढ़ के दक्षिणी भाग की महत्वपूर्ण विशेषता है जो इस क्षेत्र में दक्कन के पठार का एक घटक है-

(A) हसदेव

(B) इंद्रावती

(C) जोंक

(D) अरपा

उत्तर- (B)

व्याख्या- दण्डकारण्य का पठार छत्तीसगढ़ के दक्षिण में गोदावरी बेसिन का हिस्सा है। छत्तीसगढ़ के दक्षिणी भाग में प्रवाहित होने वाली गोदावरी की सहायक इंद्रावती नदी है। इस क्षेत्र की महत्वपूर्ण विशेषता है कि इस क्षेत्र में दक्कन के पठार का एक घटक है। इंद्रावती बस्तर की जीवनरेखा कहलाती है। यह संभाग को दो भागों में विभक्त करती है।

13. इस राज्य में बस्तर के पठार की प्रमुख नदी निम्नलिखित में से कौन-सी है?

(A) इन्द्रावती

(B) शिवनाथ

(C) हसदो

(D) कन्हार

(VYAPAM : PATWARI : 2017)

उत्तर- (A)

14. दंडकारण्य का पठार किस नदी बेसिन का हिस्सा है?

(A) महानदी बेसिन

(B) नर्मदा बेसिन

(C) गोदावरी बेसिन

(D) सोन-गंगा बेसिन

उत्तर- (C)

15. निम्नलिखित में कौन-सी नदी बस्तर संभाग को लगभग दो भागों में विभक्त करती है?

(A) महानदी

(B) इंद्रावती

(C) कोटरी

(D) शबरी

उत्तर- (B)

16. निम्नलिखित में से किस नदी का उद्गम छत्तीसगढ़ में नहीं है?

(A) मांड

(B) इंद्रावती

(C) रिहन्द

(D) कन्हार

(CGPSC : MI : 2010)

उत्तर- (B)

व्याख्या-

  • मांड – मैनपाट (सरगुजा)

  • इंद्रावती – कालाहांडी, मुंगेर पहाड़ी (उड़ीसा)

  • रिहन्द – मतिरिंगा चोटी (सरगुजा)

  • कन्हार – बखोना चोटी (जशपुर)

17. इन्द्रावती की सहायक नदियां हैं-

(A) बोर्डिंग, नारंगी, कोटरी, गुदरा

(B) शबरी, बोर्डिंग, नारंगी, मालेगर

(C) कांगेर, मालेगर, कोटरी, गुदरा

(D) डंकिनी, शंखिनी, शबरी, कोटरी

(E) नारंगी, शबरी, कोटरी, मालेगर

(CGPSC : PRE : 2013)

उत्तर- (A)

व्याख्या- इंद्रावती की सहायक नदियां निम्न हैं-

  • उत्तर से- कोटरी, गुदरा, निबरा, बोर्डिंग, नारंगी

  • दक्षिण से- चिंतावागु, नंदीराज, डंकिनी, शंखिनी

18. कोंडागांव किस नदी के किनारे स्थित है?

(A) नारंगी

(B) डंकिनी-शंखिनी

(C) अरपा

(D) खारून

(E) इनमें से कोई नहीं

(CGPSC : LIB & SO : 2017)

उत्तर- (A)

व्याख्या- नारंगी नदी का उद्गम नवरंगपुर (उड़ीसा) से हुआ है। नारंगी नदी के तट पर कोण्डागांव शहर स्थित है। यह नदी बस्तर जिले में प्रवाहित होती है।

19. कोंडागांव किस नदी के तट पर स्थित है?

(A) शबरी

(B) दूध नदी

(C) नारंगी

(D) इन्द्रावती

(E) उपर्युक्त में से कोई नहीं

(CGPSC : PRE : 2015)

उत्तर- (C)

20. माता दंतेश्वरी का मंदिर किन नदियों के संगम स्थल पर स्थित है?

(A) शंखिनी-डंकिनी

(B) इन्द्रावती-गोदावरी

(C) जावरा-इन्द्रावती

(D) रिहन्द-सोन

(CGPSC : ADJ : 2020)

उत्तर- (A)

व्याख्या- शंखिनी व डंकिनी नदी का उद्गम क्रमशः बैलाडीला पहाड़ी (दंतेवाड़ा) तथा डांगरी डोंगरी पहाड़ी (दंतेवाड़ा) से हुआ है। इसके संगम में दंतेवाड़ा का प्रसिद्ध मां दंतेश्वरी देवी का मंदिर स्थित है। दंतेवाड़ा अंचल में लौह अयस्क प्राप्त होने के कारण शंखिनी नदी का जल लाल (रक्ताभ) हो जाता है। इसलिये यह प्रदेश की सबसे प्रदूषित नदी है।

21. निम्नलिखित नदियों में से किसका जल रक्ताभ है?

(A) ईब

(B) दूध

(C) शंखिनी

(D) मांड

(E) इनमें से कोई नहीं

(CGPSC : SEE : 2016)

उत्तर- (C)

22. बैलाडीला की पहाड़ियों से निम्नलिखित में से कौन-सी नदी निकलती है?

(A) शबरी

(B) शंखिनी

(C) (A) व (B) दोनों सही है।

(D) (A) व (B) दोनों गलत है।

(CGPSC : ITI (PRINCIPAL) : 2022)

उत्तर- (B)

व्याख्या- बैलाडीला की पहाड़ियों से शंखिनी नदी का उद्गम होता है।

23. छत्तीसगढ़ राज्य में कोटरी बेसिन कौन-सी दिशा में स्थित है?

(A) दक्षिण-पूर्व में

(B) दक्षिण-पश्चिम में

(C) दक्षिण में

(D) पूर्व में

(E) पश्चिम में

(CGPSC : REGISTRAR : 2017 | CGPSC : ADIHS : 2008)

उत्तर- (B)

व्याख्या- कोटरी बेसिन छत्तीसगढ़ राज्य के दक्षिण-पश्चिम में स्थित है।

23. शबरी नदी की सहायक नदी है-

(A) कांगेर

(B) परलकोट

(C) नंदीराज

(D) शंखिनी

(E) इनमें से कोई नहीं

(CGPSC : ABEO : 2013)

उत्तर- (A)

व्याख्या- शबरी नदी का उद्गम कोरापुट (सिनकारम पहाड़ी) उड़ीसा से हुआ है। इसकी कुल लम्बाई 173 किमी है। इसका विसर्जन भद्राचलम, आंध्रप्रदेश में गोदावरी नदी में हो जाता है। शबरी की प्रमुख सहायक नदी कांगेर है। मुनगाबहार, कांगेर की सहायक है। शबरी नदी पर राज्य का एकमात्र राजकीय राजमार्ग (जलमार्ग) स्थापित किया गया है। शबरी नदी दक्षिण छत्तीसगढ़ की सीमा रेखा बनाती है। ज्ञातव्य है कि कांगेर नदी गोदावरी बेसिन का हिस्सा तो है लेकिन इंद्रावती की सहायक नहीं है।

25. छत्तीसगढ़ का एकमात्र राजकीय जलमार्ग किस नदी पर है?

(A) महानदी

(B) हसदो

(C) शिवनाथ

(D) शबरी

(E) रिहन्द

(CGPSC : ADA & ADF : 2013)

उत्तर- (D)

26. छत्तीसगढ़ की दक्षिणी सीमा रेखा किस नदी द्वारा निर्मित होती है?

(A) कोटरी

(B) शंखिनी

(C) डंकिनी

(D) शबरी

(VYAPAM : CHEMIST : 2016)

उत्तर- (D)

27. निम्नलिखित में से कौन-सी नदी इंद्रावती की सहायक नदी नहीं है?

(A) कोटरी

(B) गुदरा

(C) कांगेर

(D) बोर्डिंग

(E) नंदीराज

(CGPSC : SEE : 2014)

उत्तर- (C)

व्याख्या- कोटरी, गुदरा, बोर्डिंग तथा नंदीराज, इंद्रावती की सहायक नदी है जबकि कांगेर नदी शबरी की सहायक है।

28. निम्नलिखित में से कौन-सी नदी इस राज्य एवं महाराष्ट्र राज्य के मध्य सीमा बनाती है?

(A) शबरी

(B) नारंगी

(C) बाघ

(D) कोटरी

(VYAPAM : CHEMIST : 2016)

उत्तर- (C)

व्याख्या- बाघ नदी कुलझारी पहाड़ी (राजनांदगांव) से निकलकर छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र के मध्य सीमा बनाती है।

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