छत्तीसगढ़ की विशेष पिछड़ी जनजाति: ‘बैगा’
बैगा छत्तीसगढ़ की एक प्रमुख और विशेष पिछड़ी जनजाति है। यह पोस्ट इस प्राचीन जनजाति की उत्पत्ति, रहन-सहन, संस्कृति और सामाजिक व्यवस्था पर विस्तार से प्रकाश डालती है।
📍 जनसंख्या और निवास क्षेत्र
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जनसंख्या: 2011 की जनगणना के अनुसार छत्तीसगढ़ में इनकी जनसंख्या 89,744 है।
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छत्तीसगढ़ में निवास: राज्य में ये मुख्य रूप से कवर्धा और बिलासपुर जिले में पाए जाते हैं।
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अन्य राज्य: मध्य प्रदेश के डिंडौरी, मंडला, जबलपुर और शहडोल जिले में इनकी मुख्य जनसंख्या निवास करती है।
📖 उत्पत्ति और मान्यताएं
बैगा जनजाति की उत्पत्ति के संबंध में कोई ऐतिहासिक प्रमाण उपलब्ध नहीं हैं। रसेल और ग्रियर्सन जैसे विद्वान इन्हें भूमिया/भूईंया का एक अलग हुआ समूह मानते हैं।
पौराणिक कथा: किवदंतियों के अनुसार, जब ब्रह्मा जी ने सृष्टि की रचना की, तब उन्होंने दो व्यक्ति उत्पन्न किए।
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एक व्यक्ति को ब्रह्मा जी ने “नागर” (हल) दिया, जो खेती करने लगा और गोंड कहलाया।
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दूसरे व्यक्ति को ब्रह्मा जी ने “टेंगिया” (कुल्हाड़ी) दी। वह कुल्हाड़ी लेकर जंगल काटने चला गया, और चूँकि उस समय वस्त्र नहीं था, इसलिए वह “नंगा बैगा” कहलाया। बैगा जनजाति के लोग इसी नंगे बैगा को अपना पूर्वज मानते हैं।
🛖 रहन-सहन और दैनिक जीवन
ये लोग पहाड़ी व जंगली क्षेत्रों के दुर्गम स्थानों में गोंड, भूमिया आदि के साथ निवास करते हैं।
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मकान: इनके घर मिट्टी के बने होते हैं, जिन पर घास-फूस या खपरैल की छप्पर होती है।
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सजावट: दीवारों की पुताई सफेद या पीली मिट्टी से करते हैं। घर की फर्श को महिलाएं गोबर और मिट्टी से लीपती हैं।
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घरेलू सामान: घर में अनाज रखने की मिट्टी की ‘कोठी’, धान कूटने का ‘मूसल’ व ‘बाहना’, अनाज पीसने का ‘जांता’, बाँस की टोकरी, सूपा आदि होता है। रसोई में मिट्टी, एल्युमिनियम और पीतल के बर्तन पाए जाते हैं।
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औजार व वाद्ययंत्र: इनके पास तीर-धनुष, टेंगिया (कुल्हाड़ी), मछली पकड़ने की कुमनी, और वाद्ययंत्रों में हुटटी, ढोल, नगाड़ा, टिसकी आदि होते हैं।
👘 वेशभूषा, आभूषण और गुदना
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गुदना (Tattoo): बैगा जनजाति की महिलाएं शरीर में हाथ, पैर और चेहरे पर स्थानीय ‘बादी’ जाति की महिलाओं से गोढ़ना गुदाती हैं।
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पहनावा: पुरुष लंगोटी या पंचा पहनते हैं और शरीर का ऊपरी भाग प्रायः खुला रहता है। नवयुवक बंडी पहनते हैं। महिलाएं घुटने तक सफेद लुगड़ा पहनती हैं।
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आभूषण: महिलाएं कमर में करधन, गले में रुपिया माला, चेन माला, सुतिया, काँच की मोतियों की गुरिया माला पहनती हैं। इसके अलावा हाथों में काँच की चूड़ियाँ, कलाई में ऐंठी, नाक में लौंग, कान में खिनवा और कर्णफूल पहनती हैं। इनके अधिकांश गहने गिल्ट या नकली चाँदी के होते हैं।
🍲 भोजन और खान-पान
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मुख्य आहार: इनका मुख्य भोजन चावल, कोदो, कुटकी का भात या पेज, मक्का की रोटी या पेज, उड़द, मूँग, अरहर की दाल है। साथ ही मौसमी सब्जी और जंगली कंदमूल फल खाते हैं।
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मांसाहार: ये मुर्गा, बकरा, मछली, केकड़ा, कछुआ, जंगली पक्षी, हिरण, खरगोश और जंगली सुअर का मांस खाते हैं।
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पेय व धूम्रपान: ये महुए से स्वयं बनाई हुई शराब पीते हैं। पुरुष तंबाकू को तेंदू पत्ता में लपेटकर चोंगी बनाकर पीते हैं।
🌾 कृषि और अर्थव्यवस्था
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स्थानांतरित कृषि (‘बेवर’): बैगा जनजाति के लोग पहले जंगल काटकर उसे जला कर राख में खेती करते थे, जिसे “बेवर” खेती कहा जाता था।
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वर्तमान कृषि: अब ये पहाड़ी ढलानों पर स्थायी खेती करते हैं। इसमें कोदो, मक्का, मड़िया, साठी धान, उड़द, मूँग, झुरगा आदि बोते हैं।
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वनोपज और शिकार: ये जंगली कंदमूल, तेंदू पत्ता, अचार, लाख, गोंद, शहद, भिलावा, तीखुर, बैचांदी आदि एकत्र कर बेचते हैं। पहले शिकार करते थे, लेकिन अब शासकीय प्रतिबंध है। वर्षा ऋतु में स्वयं के उपयोग के लिए कुमनी, कांटा, जाल से मछली पकड़ते हैं। महिलाएं बाँस का सूपा और टोकरी बनाकर बेचती हैं।
👨👩👧👦 सामाजिक संरचना और उपजातियां
बैगा जनजाति कई अंतःविवाही उपजातियों में बँटी हुई है।
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प्रमुख उपजातियां: बिंझवार, भारोटिया, नरोटिया (नाहर), रामभैना, कठभैना, दूधभैना, कोडवान (कुंडी), गोंडभैना, कुरका बैगा, सावत बैगा आदि।
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गोत्र व्यवस्था: उपजातियां विभिन्न बहिर्विवाही ‘गोती’ (गोत्र) में विभक्त हैं। प्रमुख गोत्र हैं – मरावी, धुर्वे, मरकाम, परतेती, तेकाम, नेताम आदि। जीव-जंतु, पशु-पक्षी, वृक्ष आदि इनके गोत्रों के ‘टोटम’ होते हैं।
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पितृसत्तात्मक समाज: यह जनजाति पितृवंशीय, पितृसत्तात्मक व पितृ निवास स्थानीय है। लड़कियाँ विवाह के पश्चात् वर के पिता के घर जाकर रहती हैं और संतान पिता के वंश की कहलाती है।
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जाति पंचायत: इनमें परंपरागत जाति पंचायत पाई जाती है। इसके पदाधिकारी मुकद्दम, दीवान, समरथ और चपरासी कहलाते हैं। यह पंचायत पैठू, चोरी विवाह, तलाक आदि विवादों का निपटारा सामाजिक भोज या जुर्माना लेकर करती है।
👶 जन्म और 💍 विवाह संस्कार
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जन्म संस्कार: संतानोत्पत्ति को भगवान की देन माना जाता है। प्रसव घर में ही स्थानीय “सुनमाई” (दाई) और बुजुर्ग महिलाओं द्वारा कराया जाता है। प्रसूता को सोंठ, पीपल, अजवाईन, गुड़ आदि का लड्डू खिलाते हैं। छठे दिन ‘छठी’ मनाते हैं, स्नान कराकर कुल देवी-देवता को प्रणाम कराते हैं और रिश्तेदारों को शराब पिलाते हैं।
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विवाह की उम्र: लड़कों के लिए 14-18 वर्ष और लड़कियों के लिए 13-16 वर्ष।
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विवाह प्रथा: मामा-बुआ के बच्चों के बीच आपस में विवाह हो जाता है। वर पक्ष की ओर से वधू पक्ष को “खर्ची” (वधूमूल्य) के रूप में चावल, दाल, हल्दी, तेल, गुड़ व नकद रकम दी जाती है।
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अन्य विवाह प्रकार: लमसेना (सेवा विवाह), चोरी विवाह (सह पलायन), पैठू विवाह (घुसपैठ), गुरावट (विनिमय) को भी मान्यता प्राप्त है। पुनर्विवाह (खड़ोनी) भी प्रचलित है।
⚰️ मृत्यु संस्कार
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मृत्यु होने पर मृतक को दफनाते हैं।
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तीसरे दिन घर की साफ-सफाई व लिपाई होती है और पुरुष दाढ़ी-मूँछ कटाते हैं।
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10वें दिन दशकरम होता है, जिसमें मृतक की आत्मा की पूजा कर रिश्तेदारों को मृत्यु भोज कराते हैं।
🕉️ धर्म, देवी-देवता और पर्व
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प्रमुख देवता: इनके प्रमुख देवता बुढ़ा देव, ठाकुर देव, नारायण देव, भीमसेन, घनशाम देव, धरती माता, ठकुराइन माई, खैरमाई, रातमाई, बाघदेव, बूढ़ीमाई, और दुल्हादेव हैं। पूजा में मुर्गा, बकरा, सूअर की बलि दी जाती है और कई बार नारियल, खरेक व दारू से पूजा संपन्न कर लेते हैं।
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प्रमुख त्योहार: हरेली, पोला, नवाखाई, दशहरा, काली चौदश, दिवाली, करमा पूजा, और होली इनके प्रमुख पर्व हैं।
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जादू-टोना: ये भूत-प्रेत और तंत्र-मंत्र में काफी विश्वास करते हैं। “भूमका” इनके देवी-देवता का पुजारी और भूत-प्रेत भगाने वाला होता है।
💃 लोक नृत्य और गीत
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नृत्य: करम पूजा पर ‘करमा’, विवाह में ‘बिलमा नाच’, और दशहरा में ‘झटपट नाच’ नाचते हैं। ‘छेरता’ इनका नृत्य नाटिका है।
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गीत और वाद्ययंत्र: करमा गीत, ददरिया, सुआ गीत, विवाह गीत, माता सेवा, और फाग इनके प्रमुख गीत हैं। प्रमुख वाद्ययंत्र मांदर, ढोल, टिमकी, नगाड़ा, किन्नरी, टिसकी हैं।
📚 साक्षरता दर (2011)
वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार इस जनजाति में कुल साक्षरता 40.6 प्रतिशत थी। इसमें पुरुषों की साक्षरता 50.4 प्रतिशत और महिलाओं की साक्षरता 30.8 प्रतिशत थी।
📝 बैगा जनजाति: Top 25 MCQs (CGPSC / Vyapam Special)
CGPSC, CG Vyapam और CGSSB जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं में ‘छत्तीसगढ़ की जनजातियां’ एक ऐसा विषय है जहाँ से हर साल प्रश्न पूछे जाते हैं। विशेष रूप से ‘बैगा जनजाति’ परीक्षा के दृष्टिकोण से अत्यंत महत्वपूर्ण है।
आपकी तैयारी को और भी धारदार बनाने के लिए, यहाँ बैगा जनजाति से जुड़े 25 सबसे महत्वपूर्ण बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQs) दिए जा रहे हैं। इन्हें हल करें और अपनी तैयारी का स्तर जाँचें!
1. छत्तीसगढ़ में विशेष पिछड़ी ‘बैगा जनजाति’ मुख्य रूप से किन जिलों में पाई जाती है?
A. बस्तर और सुकमा
B. कवर्धा और बिलासपुर
C. जशपुर और सरगुजा
D. गरियाबंद और धमतरी
उत्तर: B. कवर्धा और बिलासपुर
2. किवदंती के अनुसार, ब्रह्मा जी ने सृष्टि की रचना के समय ‘बैगा’ के पूर्वज को क्या प्रदान किया था?
A. नागर (हल)
B. तीर-धनुष
C. टेंगिया (कुल्हाड़ी)
D. जाल
उत्तर: C. टेंगिया (कुल्हाड़ी)
3. बैगा जनजाति की महिलाएं शरीर पर गुदना (Tattoo) गुदवाने के लिए किस स्थानीय जाति की महिलाओं पर निर्भर होती हैं?
A. कमार
B. देवार
C. बादी
D. पारधी
उत्तर: C. बादी
4. बैगा जनजाति द्वारा पूर्व में की जाने वाली ‘स्थानांतरित कृषि’ (Shifting Cultivation) को किस नाम से जाना जाता है?
A. पेद्दा
B. बेवर
C. झूम
D. दाहिया
उत्तर: B. बेवर
5. इनमें से कौन सी बैगा जनजाति की एक प्रमुख उपजाति है?
A. बिंझवार
B. नरोटिया (नाहर)
C. रामभैना
D. उपरोक्त सभी
उत्तर: D. उपरोक्त सभी
6. बैगा जनजाति की परंपरागत ‘जाति पंचायत’ के प्रमुख पदाधिकारियों में कौन शामिल होते हैं?
A. मांझी और चालकी
B. मुकद्दम, दीवान और समरथ
C. पटेल और सिरहा
D. गोटिया
उत्तर: B. मुकद्दम, दीवान और समरथ
7. बैगा समाज में प्रसव (Delivery) कराने वाली स्थानीय दाई/बुजुर्ग महिला को क्या कहा जाता है?
A. सिरहा
B. गुनिया
C. सुनमाई
D. भुमका
उत्तर: C. सुनमाई
8. विवाह के समय वर पक्ष द्वारा वधू पक्ष को चावल, दाल, हल्दी आदि ‘वधूमूल्य’ के रूप में दिया जाता है, इसे बैगा समाज में क्या कहते हैं?
A. खर्ची
B. सूक
C. गुरावट
D. दापा
उत्तर: A. खर्ची
9. बैगा जनजाति में प्रचलित ‘लमसेना विवाह’ किस प्रकार का विवाह है?
A. सह-पलायन विवाह
B. सेवा विवाह
C. घुसपैठ विवाह
D. विनिमय विवाह
उत्तर: B. सेवा विवाह
10. बैगा जनजाति में ‘विधवा पुनर्विवाह’ को किस नाम से जाना जाता है?
A. खड़ोनी
B. गुरावट
C. पैठू
D. उधरिया
उत्तर: A. खड़ोनी
11. मृत्यु के 10वें दिन बैगा समाज में मृतक की आत्मा की शांति के लिए कौन सा संस्कार किया जाता है?
A. तीजनहावन
B. दशकरम
C. नाहन
D. छेरछरा
उत्तर: B. दशकरम
12. बैगा जनजाति के देवी-देवताओं के पुजारी और भूत-प्रेत भगाने वाले तंत्र-मंत्र के जानकार को क्या कहा जाता है?
A. सिरहा
B. बैगा
C. भूमका
D. ओझा
उत्तर: C. भूमका
13. बैगा जनजाति के लोग विवाह के शुभ अवसर पर मुख्य रूप से कौन सा लोक नृत्य करते हैं?
A. करमा
B. सुआ
C. झटपट
D. बिलमा नाच
उत्तर: D. बिलमा नाच
14. दशहरा पर्व के दौरान बैगा जनजाति द्वारा कौन सा विशेष नृत्य किया जाता है?
A. ककसार
B. झटपट नाच
C. परघौनी
D. गैड़ी
उत्तर: B. झटपट नाच
15. बैगा जनजाति की प्रसिद्ध ‘नृत्य नाटिका’ (Dance Drama) का क्या नाम है?
A. माओपाटा
B. खंबस्वांग
C. छेरता
D. भतरा नाट
उत्तर: C. छेरता
16. 2011 की जनगणना के अनुसार, बैगा जनजाति की कुल साक्षरता दर कितनी है?
A. 30.8%
B. 40.6%
C. 47.7%
D. 50.4%
उत्तर: B. 40.6%
17. बैगा जनजाति में ‘नरोटिया’ उपजाति को और किस नाम से जाना जाता है?
A. कुंडी
B. नाहर
C. कोडवान
D. सावत
उत्तर: B. नाहर
18. बैगा पुरुष धूम्रपान के लिए तंबाकू को किस पत्ते में लपेटकर ‘चोंगी’ बनाते हैं?
A. साल पत्ता
B. महुआ पत्ता
C. तेंदू पत्ता
D. सनई पत्ता
उत्तर: C. तेंदू पत्ता
19. बैगा जनजाति के लोग वर्षा ऋतु में मछली पकड़ने के लिए मुख्य रूप से किस उपकरण का उपयोग करते हैं?
A. कुमनी
B. तीर-धनुष
C. टेंगिया
D. सूपा
उत्तर: A. कुमनी
20. किवदंती के अनुसार, ब्रह्मा जी से “नागर” (हल) प्राप्त कर खेती करने वाला व्यक्ति किस जनजाति का पूर्वज कहलाया?
A. बैगा
B. गोंड
C. उरांव
D. कमार
उत्तर: B. गोंड
21. बैगा समाज में ‘पैठू विवाह’ का अर्थ क्या है?
A. विनिमय विवाह
B. सेवा विवाह
C. घुसपैठ विवाह
D. सह-पलायन (चोरी) विवाह
उत्तर: C. घुसपैठ विवाह
22. बैगा जनजाति की विभिन्न बहिर्विवाही गोत्र व्यवस्था में जीव-जंतु, पशु-पक्षी या वृक्ष उनके क्या कहलाते हैं?
A. देवता
B. टोटम
C. पूर्वज
D. खूंट
उत्तर: B. टोटम
23. नवजात शिशु के जन्म के ‘छठे दिन’ बैगा समाज में प्रसूता व शिशु को स्नान कराकर किसे प्रणाम कराया जाता है?
A. ठाकुर देव को
B. बूढ़ादेव को
C. कुल देवी-देवता को
D. ग्राम देवता को
उत्तर: C. कुल देवी-देवता को
24. बैगा महिलाएं अपने गले में आभूषण के रूप में मुख्य रूप से क्या पहनती हैं?
A. खिनवा
B. ऐंठी
C. रुपिया माला व सुतिया
D. करधन
उत्तर: C. रुपिया माला व सुतिया
25. कोडवान (कुंडी), दूधभैना और सावत निम्न में से किस जनजाति की उपजातियां हैं?
A. कमार
B. हलबा
C. बैगा
D. मुरिया
उत्तर: C. बैगा
परीक्षा के लिए विशेष टिप: बैगा जनजाति के प्रमुख लोक नृत्य (बिलमा, झटपट, छेरता), कृषि का प्रकार (बेवर), और पुजारी (भूमका) से जुड़े तथ्य परीक्षाओं में बार-बार दोहराए जाते हैं। इन्हें नोट्स में हाईलाइट कर के ज़रूर पढ़ें। आपकी आगामी परीक्षाओं के लिए बहुत-बहुत शुभकामनाएँ!









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