चक्रवात और प्रतिचक्रवात (Cyclone & Anticyclone): संपूर्ण नोट्स एवं टॉप 15 महत्वपूर्ण MCQs
Meta Description: चक्रवात और प्रतिचक्रवात क्या हैं? जानिए उष्णकटिबंधीय एवं शीतोष्ण चक्रवात, टॉरनेडो, हरिकेन, टाइफून और महत्वपूर्ण 15 MCQs उत्तर व व्याख्या सहित। UPSC, CGPSC, State PCS और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए उपयोगी नोट्स।
परिचय
विश्व भूगोल में चक्रवात (Cyclone) और प्रतिचक्रवात (Anticyclone) एक महत्वपूर्ण विषय हैं। UPSC, CGPSC, राज्य लोक सेवा आयोग, SSC, रेलवे एवं अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में इनसे संबंधित प्रश्न पूछे जाते हैं।
इस लेख में चक्रवात की परिभाषा, उसके प्रमुख प्रकार, उष्णकटिबंधीय एवं शीतोष्ण चक्रवात, टॉरनेडो, हरिकेन, टाइफून, प्रतिचक्रवात तथा पिछले वर्षों की परीक्षाओं में पूछे गए महत्वपूर्ण वस्तुनिष्ठ प्रश्नों को सरल हिंदी में समझाया गया है।
1. चक्रवात (Cyclone) क्या है?
चक्रवात सामान्यतः निम्न वायुदाब (Low Pressure) का क्षेत्र होता है, जिसके चारों ओर संकेंद्रीय समदाब रेखाएँ (Isobars) पाई जाती हैं। इसके केंद्र में वायुदाब सबसे कम तथा केंद्र से बाहर की ओर वायुदाब क्रमशः अधिक होता जाता है।
वायुदाब के अंतर के कारण हवाएँ आसपास के क्षेत्रों से चक्रवात के केंद्र की ओर प्रवाहित होती हैं।
चक्रवात की प्रमुख विशेषताएँ
- चक्रवात के केंद्र में निम्न वायुदाब पाया जाता है।
- हवाएँ सामान्यतः बाहरी क्षेत्र से केंद्र की ओर चलती हैं।
- उत्तरी गोलार्द्ध में चक्रवाती परिसंचरण सामान्यतः घड़ी की सुइयों के विपरीत दिशा में होता है।
- दक्षिणी गोलार्द्ध में चक्रवाती परिसंचरण सामान्यतः घड़ी की सुइयों की दिशा में होता है।
- चक्रवात के साथ बादल, वर्षा, तेज हवाएँ तथा तूफानी मौसम उत्पन्न हो सकते हैं।
2. चक्रवात के आगमन और वाताग्रों का मौसम पर प्रभाव
शीतोष्ण चक्रवातों में अलग-अलग वायुराशियों और वाताग्रों के कारण मौसम में परिवर्तन देखने को मिलता है।
(i) चक्रवात का आगमन
चक्रवात के आने से पहले वायुदाब गिरने लगता है। आकाश में पक्षाभ (Cirrus) तथा पक्षाभ स्तरीय (Cirrostratus) बादल दिखाई दे सकते हैं और मौसम में बदलाव होने लगता है।
(ii) उष्ण वाताग्र (Warm Front)
उष्ण वाताग्र के आने पर गर्म हवा ठंडी हवा के ऊपर धीरे-धीरे उठती है। इससे सामान्यतः विस्तृत क्षेत्र में हल्की से मध्यम वर्षा हो सकती है।
(iii) उष्ण वृत्तांश (Warm Sector)
उष्ण वाताग्र के गुजरने के बाद उष्ण वृत्तांश आता है। इस दौरान तापमान अपेक्षाकृत अधिक हो सकता है तथा वर्षा रुकने पर आकाश साफ हो सकता है।
(iv) शीत वाताग्र (Cold Front)
शीत वाताग्र के आने पर ठंडी हवा गर्म हवा को तेजी से ऊपर उठाती है। इससे तापमान गिर सकता है और बादल, तेज वर्षा तथा गरज-चमक की घटनाएँ हो सकती हैं। वर्षा अपेक्षाकृत तीव्र लेकिन कम समय तक हो सकती है।
(v) शीत वृत्तांश (Cold Sector)
शीत वाताग्र के गुजरने के बाद शीत वृत्तांश आता है। इस दौरान तापमान कम हो सकता है और बादलों के हटने पर आकाश साफ हो सकता है।
3. चक्रवातों के प्रमुख प्रकार
अवस्थिति के आधार पर चक्रवातों को मुख्यतः दो प्रकारों में बाँटा जाता है:
- उष्णकटिबंधीय चक्रवात (Tropical Cyclones)
- शीतोष्ण कटिबंधीय चक्रवात (Temperate Cyclones)
4. उष्णकटिबंधीय चक्रवात (Tropical Cyclones)
उष्णकटिबंधीय चक्रवात मुख्यतः गर्म उष्णकटिबंधीय महासागरों के ऊपर विकसित होते हैं। इनके निर्माण के लिए गर्म समुद्री जल, पर्याप्त नमी और अनुकूल वायुमंडलीय परिस्थितियाँ आवश्यक होती हैं।
विभिन्न क्षेत्रों में चक्रवातों के नाम
| देश या क्षेत्र | चक्रवात का प्रचलित नाम |
|---|---|
| भारत एवं हिंद महासागर क्षेत्र | चक्रवात (Cyclone) |
| चीन सागर एवं उत्तर-पश्चिमी प्रशांत क्षेत्र | टाइफून (Typhoon) |
| अटलांटिक एवं पूर्वोत्तर प्रशांत क्षेत्र | हरिकेन (Hurricane) |
| ऑस्ट्रेलिया | विली-विली (Willy-Willy), ऐतिहासिक/क्षेत्रीय प्रयोग |
अन्य नामों में फिलीपींस में प्रयुक्त बागियो (Baguio) तथा जापानी शब्द टैफू (Taifu) का भी उल्लेख मिलता है। आधुनिक मौसम विज्ञान में इन नामों का क्षेत्रीय और ऐतिहासिक संदर्भ ध्यान में रखना चाहिए।
टॉरनेडो (Tornado)
टॉरनेडो एक अत्यंत तीव्र घूर्णनशील वायु स्तंभ है, जो सामान्यतः भीषण गर्जन-तूफानी बादलों से विकसित होता है। यह जमीन तक पहुँचने पर अपने मार्ग में भारी क्षति पहुँचा सकता है।
संयुक्त राज्य अमेरिका में टॉरनेडो की घटनाएँ विशेष रूप से प्रसिद्ध हैं। अमेरिका के मध्य भाग में गर्म और नम वायु तथा ठंडी वायु के मिलने से अनुकूल परिस्थितियों में शक्तिशाली तूफान विकसित हो सकते हैं।
टॉरनेडो एली (Tornado Alley): अमेरिका के मध्यवर्ती मैदानी क्षेत्रों को परंपरागत रूप से टॉरनेडो एली कहा जाता है। इसमें टेक्सास, ओक्लाहोमा, कन्सास और नेब्रास्का जैसे राज्यों के क्षेत्र शामिल किए जाते हैं।
फुजीटा स्केल (Fujita Scale): टॉरनेडो की तीव्रता का ऐतिहासिक वर्गीकरण करने के लिए फुजीटा स्केल का उपयोग किया जाता है। आधुनिक मौसम विज्ञान में उन्नत फुजीटा स्केल (Enhanced Fujita Scale—EF Scale) भी प्रयोग की जाती है।
हरिकेन (Hurricane)
हरिकेन एक शक्तिशाली उष्णकटिबंधीय चक्रवात है, जो अटलांटिक महासागर तथा पूर्वोत्तर प्रशांत क्षेत्र में विकसित होता है। यह अमेरिका, मेक्सिको, फ्लोरिडा और कैरेबियन क्षेत्र के तटीय इलाकों को प्रभावित कर सकता है।
हरिकेन की श्रेणी निर्धारित करने के लिए साफिर-सिम्पसन हरिकेन विंड स्केल (Saffir-Simpson Hurricane Wind Scale) का उपयोग किया जाता है।
टाइफून (Typhoon)
टाइफून उत्तर-पश्चिमी प्रशांत महासागर में विकसित होने वाले शक्तिशाली उष्णकटिबंधीय चक्रवातों को कहा जाता है। ये चीन, जापान, फिलीपींस तथा आसपास के क्षेत्रों को प्रभावित कर सकते हैं।
भारत और पड़ोसी देशों के प्रमुख चक्रवात
- आयला (Aila): भारत और बांग्लादेश के तटीय क्षेत्रों को प्रभावित करने वाला चक्रवात।
- थाणे (Thane): भारत के दक्षिण-पूर्वी तट को प्रभावित करने वाला चक्रवात।
- नीलम (Nilam): भारत के पूर्वी तट को प्रभावित करने वाला चक्रवात।
- नरगिस (Nargis): वर्ष 2008 में म्यांमार में व्यापक तबाही मचाने वाला चक्रवात।
दक्षिणी अटलांटिक और दक्षिण-पूर्वी प्रशांत में चक्रवात
दक्षिणी अटलांटिक तथा दक्षिण-पूर्वी प्रशांत के उष्णकटिबंधीय क्षेत्रों में उष्णकटिबंधीय चक्रवात अपेक्षाकृत कम बनते हैं। इसके प्रमुख कारणों में समुद्री सतह का अपेक्षाकृत कम तापमान, प्रतिकूल पवन कर्तन तथा अन्य वायुमंडलीय परिस्थितियाँ शामिल हैं।
5. शीतोष्ण कटिबंधीय चक्रवात (Temperate Cyclones)
शीतोष्ण चक्रवात मुख्यतः मध्य अक्षांशों में विकसित होते हैं। इनका निर्माण अलग-अलग तापमान और गुणों वाली वायुराशियों के परस्पर संपर्क से संबंधित होता है।
शीतोष्ण चक्रवात की प्रमुख विशेषताएँ
- ये सामान्यतः दोनों गोलार्द्धों के मध्य अक्षांशों में पाए जाते हैं।
- इनका विस्तार लगभग 35° से 65° अक्षांशों के बीच देखा जाता है।
- ये प्रायः पछुवा पवनों के प्रभाव में पश्चिम से पूर्व की ओर बढ़ते हैं।
- इनके साथ उष्ण वाताग्र और शीत वाताग्र विकसित हो सकते हैं।
- इनसे बादल, वर्षा, तापमान में परिवर्तन तथा कभी-कभी हिमपात भी हो सकता है।
- इन्हें लहर चक्रवात (Wave Cyclones), निम्न दाब क्षेत्र (Low) या विक्षोभ भी कहा जाता है।
6. प्रतिचक्रवात (Anticyclone) क्या है?
प्रतिचक्रवात वायुमंडल का ऐसा क्षेत्र है, जिसके केंद्र में वायुदाब अधिकतम होता है और बाहर की ओर वायुदाब घटता जाता है। इसमें सतही हवाएँ सामान्यतः केंद्र से बाहर की ओर प्रवाहित होती हैं।
प्रतिचक्रवात की प्रमुख विशेषताएँ
- प्रतिचक्रवात के केंद्र में उच्च वायुदाब पाया जाता है।
- हवाएँ सामान्यतः केंद्र से बाहर की ओर चलती हैं।
- उत्तरी गोलार्द्ध में हवाओं का परिसंचरण सामान्यतः घड़ी की सुइयों की दिशा में होता है।
- दक्षिणी गोलार्द्ध में हवाओं का परिसंचरण सामान्यतः घड़ी की सुइयों के विपरीत दिशा में होता है।
- इसमें वायु का अवरोहण होने के कारण मौसम प्रायः स्थिर और साफ रहता है।
- हवाएँ सामान्यतः मंद गति से चल सकती हैं।
7. बैरोमीटर और चक्रवात का संबंध
बैरोमीटर वायुदाब मापने वाला उपकरण है। मौसम में बदलाव का अनुमान लगाने के लिए वायुदाब के परिवर्तन का अध्ययन किया जाता है।
- वायुदाब में अचानक गिरावट: तूफानी मौसम या चक्रवात आने की संभावना का संकेत हो सकती है।
- वायुदाब में वृद्धि: कुछ परिस्थितियों में मौसम के स्थिर होने का संकेत हो सकती है।
केवल बैरोमीटर के संकेत के आधार पर मौसम की निश्चित भविष्यवाणी नहीं की जा सकती; अन्य मौसम संबंधी जानकारियाँ भी आवश्यक होती हैं।
चक्रवात और प्रतिचक्रवात: टॉप 15 महत्वपूर्ण MCQs
नीचे दिए गए प्रश्न प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए उपयोगी अभ्यास प्रश्न हैं। इनमें मूल अध्ययन सामग्री में दिए गए विगत वर्षों के प्रश्नों के संदर्भ भी शामिल हैं।
1. चक्रवात ‘अर्नब’ (Cyclone Arnab) – 2026 के मुख्य तथ्य
प्रतियोगी परीक्षाओं और करंट अफेयर्स की दृष्टि से ‘अर्नब’ से जुड़े महत्वपूर्ण बिंदु:
-
नामकरण (Naming): ‘अर्नब’ (उच्चारण: Ornab) नाम बांग्लादेश द्वारा दिया गया है।
-
उत्पत्ति क्षेत्र: बंगाल की खाड़ी (अक्टूबर 2026 के अंतिम सप्ताह में)।
-
श्रेणी (Category): भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार यह एक ‘अति गंभीर चक्रवाती तूफान’ (Very Severe Cyclonic Storm) की श्रेणी में पहुँचा, जिसकी अधिकतम हवा की गति 125–155 किमी/घंटा दर्ज की गई।
-
लैंडफॉल (तट से टकराना): 28 अक्टूबर 2026 को आंध्र प्रदेश और यनम के तटीय क्षेत्रों को पार किया।
-
प्रभावित राज्य: आंध्र प्रदेश, ओडिशा (विशेषकर गंजम और गजपति जिले), छत्तीसगढ़, तेलंगाना, झारखंड और पश्चिम बंगाल में भारी बारिश दर्ज की गई।
-
विशेष नोट (सितंबर बनाम अक्टूबर 2026): सितंबर 2026 के अंत में बंगाल की खाड़ी में बने सिस्टम को सोशल मीडिया पर ‘अर्नब’ कहा गया था, लेकिन IMD के अनुसार वह केवल एक ‘डीप डिप्रेशन’ (Deep Depression) था (हवा की गति 63 किमी/घंटा से कम होने के कारण आधिकारिक नाम नहीं मिला था)। ‘अर्नब’ नाम आधिकारिक तौर पर अक्टूबर 2026 के चक्रवात को दिया गया।
प्रश्न 1. निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
कथन (A): पृष्ठीय वायु चक्रवात के केंद्र की ओर कुंडलित होती है।
कारण (R): चक्रवात के केंद्र में निम्न वायुदाब पाया जाता है।
नीचे दिए गए कूट से सही उत्तर चुनिए।
(a) कथन और कारण दोनों सही हैं तथा कारण, कथन की सही व्याख्या करता है।
(b) कथन और कारण दोनों सही हैं, लेकिन कारण सही व्याख्या नहीं करता।
(c) कथन सही है, लेकिन कारण गलत है।
(d) कथन गलत है, लेकिन कारण सही है।
उत्तर: (a)
व्याख्या: चक्रवात के केंद्र में निम्न वायुदाब होता है। इसलिए आसपास के क्षेत्रों से हवाएँ केंद्र की ओर प्रवाहित होती हैं और घूर्णन के कारण कुंडलित परिसंचरण विकसित होता है।
परीक्षा संदर्भ: IAS Pre 2002 पर आधारित।
प्रश्न 2. शीतोष्ण चक्रवात के किस वाताग्र पर तीव्र, अल्पकालिक तथा गरज-चमक वाली वर्षा होने की संभावना अधिक होती है?
(a) उष्ण वाताग्र
(b) उष्ण वृत्तांश
(c) शीत वृत्तांश
(d) शीत वाताग्र
उत्तर: (d) शीत वाताग्र
व्याख्या: शीत वाताग्र पर ठंडी हवा गर्म हवा को तेजी से ऊपर उठाती है। इससे तीव्र वर्षा, गरज-चमक और कभी-कभी तूफानी परिस्थितियाँ उत्पन्न होती हैं।
परीक्षा संदर्भ: IAS Pre 1999 पर आधारित।
प्रश्न 3. टॉरनेडो के लिए प्रसिद्ध क्षेत्र कौन-सा है?
(a) कैरेबियन क्षेत्र एवं संयुक्त राज्य अमेरिका
(b) चीन सागर
(c) अरब सागर
(d) काला सागर
उत्तर: (a) कैरेबियन क्षेत्र एवं संयुक्त राज्य अमेरिका
व्याख्या: टॉरनेडो विशेष रूप से संयुक्त राज्य अमेरिका के मध्यवर्ती भागों में प्रसिद्ध हैं। इनका निर्माण अनुकूल वायुमंडलीय परिस्थितियों में शक्तिशाली तूफानी बादलों के साथ होता है।
परीक्षा संदर्भ: U.P.P.C.S. Pre 1996 पर आधारित।
प्रश्न 4. सामान्य ज्ञान में टॉरनेडो मुख्यतः किस देश से संबंधित माने जाते हैं?
(a) मेक्सिको
(b) चीन
(c) भारत
(d) संयुक्त राज्य अमेरिका
उत्तर: (d) संयुक्त राज्य अमेरिका
व्याख्या: अमेरिका में टॉरनेडो की घटनाएँ व्यापक रूप से दर्ज की जाती हैं। वहाँ के मध्यवर्ती मैदानी क्षेत्र इनके लिए विशेष रूप से प्रसिद्ध हैं।
परीक्षा संदर्भ: U.P. Lower Subordinate Pre 2009 पर आधारित।
प्रश्न 5. संयुक्त राज्य अमेरिका का कौन-सा क्षेत्र पारंपरिक रूप से ‘टॉरनेडो एली’ कहलाता है?
(a) अटलांटिक समुद्रतट
(b) प्रशांत तट
(c) मध्यवर्ती विशाल मैदान
(d) अलास्का
उत्तर: (c) मध्यवर्ती विशाल मैदान
व्याख्या: टॉरनेडो एली अमेरिका के मध्यवर्ती मैदानी क्षेत्रों से संबंधित है। टेक्सास, ओक्लाहोमा, कन्सास और नेब्रास्का जैसे राज्यों के कुछ हिस्से इस क्षेत्र में शामिल किए जाते हैं।
परीक्षा संदर्भ: U.P.P.C.S. Pre 2005 पर आधारित।
प्रश्न 6. टॉरनेडो की तीव्रता के वर्गीकरण के लिए किस मापक का उपयोग किया जाता है?
(a) मरकेली स्केल
(b) फुजीटा स्केल
(c) साफिर-सिम्पसन स्केल
(d) रिक्टर स्केल
उत्तर: (b) फुजीटा स्केल
व्याख्या: फुजीटा स्केल टॉरनेडो की तीव्रता के ऐतिहासिक वर्गीकरण से संबंधित है। आधुनिक समय में उन्नत फुजीटा स्केल (EF Scale) का भी उपयोग किया जाता है।
परीक्षा संदर्भ: U.P. Lower Subordinate Pre 2009 पर आधारित।
प्रश्न 7. टाइफून नामक चक्रवात से कौन-सा क्षेत्र प्रमुख रूप से प्रभावित होता है?
(a) ऑस्ट्रेलिया
(b) चीन सागर एवं उत्तर-पश्चिमी प्रशांत क्षेत्र
(c) दक्षिणी अटलांटिक
(d) भूमध्य सागर
उत्तर: (b) चीन सागर एवं उत्तर-पश्चिमी प्रशांत क्षेत्र
व्याख्या: उत्तर-पश्चिमी प्रशांत महासागर में विकसित होने वाले उष्णकटिबंधीय चक्रवातों को टाइफून कहा जाता है।
परीक्षा संदर्भ: Jharkhand P.C.S. Pre 2003 पर आधारित।
प्रश्न 8. निम्नलिखित देशों और चक्रवातों के नामों का सही सुमेलन कीजिए।
सूची-I (देश/क्षेत्र)
A. ऑस्ट्रेलिया
B. चीन सागर क्षेत्र
C. भारत
D. संयुक्त राज्य अमेरिका
सूची-II (चक्रवात का नाम)
- हरिकेन
- विली-विली (ऐतिहासिक/क्षेत्रीय नाम)
- टाइफून
- चक्रवात
कूट:
(a) A-1, B-2, C-3, D-4
(b) A-2, B-3, C-4, D-1
(c) A-3, B-2, C-1, D-4
(d) A-4, B-3, C-2, D-1
उत्तर: (b) A-2, B-3, C-4, D-1
व्याख्या: अध्ययन सामग्री के अनुसार ऑस्ट्रेलिया के लिए विली-विली, चीन सागर क्षेत्र के लिए टाइफून, भारत के लिए चक्रवात और अमेरिका के लिए हरिकेन नाम दिए गए हैं।
परीक्षा संदर्भ: U.P.P.C.S. Mains 2005 पर आधारित।
प्रश्न 9. विली-विली किससे संबंधित है?
(a) शीतोष्ण कटिबंध का वृक्ष
(b) मरुस्थलीय हवा
(c) ऑस्ट्रेलिया में उष्णकटिबंधीय चक्रवात के लिए प्रयुक्त ऐतिहासिक/क्षेत्रीय नाम
(d) समुद्री मछली
उत्तर: (c) ऑस्ट्रेलिया में उष्णकटिबंधीय चक्रवात के लिए प्रयुक्त ऐतिहासिक/क्षेत्रीय नाम
व्याख्या: विली-विली शब्द का प्रयोग कुछ पुराने भौगोलिक अध्ययन स्रोतों में ऑस्ट्रेलियाई क्षेत्र के उष्णकटिबंधीय चक्रवातों के लिए किया गया है।
परीक्षा संदर्भ: IAS Pre 1995 पर आधारित।
प्रश्न 10. निम्नलिखित का सही सुमेलन कीजिए।
सूची-I
A. विली-विली
B. हरिकेन
C. टाइफून
D. बागियो
सूची-II
- संयुक्त राज्य अमेरिका
- ऑस्ट्रेलिया
- फिलीपींस
- चीन सागर क्षेत्र
कूट:
(a) A-1, B-2, C-3, D-4
(b) A-2, B-1, C-4, D-3
(c) A-1, B-2, C-4, D-3
(d) A-2, B-1, C-3, D-4
उत्तर: (b) A-2, B-1, C-4, D-3
व्याख्या: अध्ययन सामग्री के अनुसार विली-विली ऑस्ट्रेलिया, हरिकेन अमेरिका, टाइफून चीन सागर क्षेत्र और बागियो फिलीपींस से संबंधित है।
परीक्षा संदर्भ: U.P.P.C.S. Pre 2014 पर आधारित।
प्रश्न 11. निम्नलिखित का सही सुमेलन चुनिए।
A. विली-विलीज — 1. फिलीपींस
B. टैफू — 2. ऑस्ट्रेलिया
C. बगुइओ — 3. जापान
D. हरिकेन — 4. संयुक्त राज्य अमेरिका
कूट:
(a) A-3, B-4, C-1, D-2
(b) A-2, B-3, C-4, D-1
(c) A-1, B-3, C-2, D-4
(d) A-2, B-3, C-1, D-4
उत्तर: (d) A-2, B-3, C-1, D-4
व्याख्या: अध्ययन सामग्री में विली-विलीज को ऑस्ट्रेलिया, टैफू को जापान, बगुइओ को फिलीपींस और हरिकेन को अमेरिका से संबंधित बताया गया है।
परीक्षा संदर्भ: U.P.P.C.S. Pre 2019 पर आधारित।
प्रश्न 12. हरिकेन की श्रेणी निर्धारित करने के लिए किस मापक का उपयोग किया जाता है?
(a) साफिर-सिम्पसन हरिकेन विंड स्केल
(b) मरकेली मापक
(c) फुजीटा मापक
(d) रिक्टर मापक
उत्तर: (a) साफिर-सिम्पसन हरिकेन विंड स्केल
व्याख्या: साफिर-सिम्पसन हरिकेन विंड स्केल का उपयोग हरिकेन को उसकी अधिकतम निरंतर पवन गति के आधार पर श्रेणियों में वर्गीकृत करने के लिए किया जाता है।
परीक्षा संदर्भ: U.P.P.C.S. Mains 2016 पर आधारित।
प्रश्न 13. बैरोमीटर में वायुदाब का अचानक गिरना किसका संकेत हो सकता है?
(a) हमेशा साफ मौसम
(b) तूफानी मौसम की संभावना
(c) केवल हिमपात
(d) हमेशा भारी वर्षा
उत्तर: (b) तूफानी मौसम की संभावना
व्याख्या: वायुदाब में तेजी से गिरावट किसी निकट आते निम्न दाब क्षेत्र या तूफानी मौसम का संकेत हो सकती है। हालांकि, सटीक पूर्वानुमान के लिए अन्य मौसम संबंधी आँकड़ों का भी अध्ययन आवश्यक है।
परीक्षा संदर्भ: Uttarakhand P.C.S. Mains 2002 पर आधारित।
प्रश्न 14. वर्ष 2008 में नरगिस चक्रवात से व्यापक तबाही किस देश में हुई थी?
(a) भारत
(b) म्यांमार
(c) जापान
(d) ऑस्ट्रेलिया
उत्तर: (b) म्यांमार
व्याख्या: नरगिस चक्रवात ने वर्ष 2008 में म्यांमार के इरावदी डेल्टा सहित अनेक क्षेत्रों में व्यापक विनाश किया था।
परीक्षा संदर्भ: U.P. U.D.A./L.D.A. Pre 2013 पर आधारित।
प्रश्न 15. दक्षिणी अटलांटिक और दक्षिण-पूर्वी प्रशांत के उष्णकटिबंधीय क्षेत्रों में चक्रवात अपेक्षाकृत कम बनने का एक प्रमुख कारण क्या है?
(a) समुद्री सतह का अपेक्षाकृत कम तापमान
(b) सभी क्षेत्रों में भूमि का अभाव
(c) पृथ्वी का घूर्णन बंद होना
(d) वायुदाब का हमेशा समान रहना
उत्तर: (a) समुद्री सतह का अपेक्षाकृत कम तापमान
व्याख्या: उष्णकटिबंधीय चक्रवातों को विकसित होने के लिए पर्याप्त गर्म समुद्री जल और अनुकूल वायुमंडलीय परिस्थितियों की आवश्यकता होती है। दक्षिणी अटलांटिक तथा दक्षिण-पूर्वी प्रशांत के कुछ क्षेत्रों में समुद्री सतह का अपेक्षाकृत कम तापमान और प्रतिकूल वायुमंडलीय स्थितियाँ चक्रवात निर्माण को सीमित करती हैं।
परीक्षा संदर्भ: IAS Pre 2015 पर आधारित।
परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य (Quick Revision)
| विषय | महत्वपूर्ण तथ्य |
|---|---|
| चक्रवात | केंद्र में निम्न वायुदाब |
| प्रतिचक्रवात | केंद्र में उच्च वायुदाब |
| उत्तरी गोलार्द्ध का चक्रवात | सामान्यतः घड़ी की सुइयों के विपरीत |
| दक्षिणी गोलार्द्ध का चक्रवात | सामान्यतः घड़ी की सुइयों की दिशा में |
| उत्तरी गोलार्द्ध का प्रतिचक्रवात | सामान्यतः घड़ी की सुइयों की दिशा में |
| दक्षिणी गोलार्द्ध का प्रतिचक्रवात | सामान्यतः घड़ी की सुइयों के विपरीत |
| टॉरनेडो | फुजीटा स्केल / आधुनिक EF स्केल |
| हरिकेन | साफिर-सिम्पसन हरिकेन विंड स्केल |
| टाइफून | उत्तर-पश्चिमी प्रशांत क्षेत्र |
| शीतोष्ण चक्रवात | मध्य अक्षांश और वाताग्र |
| बैरोमीटर | वायुदाब मापने का उपकरण |
निष्कर्ष
चक्रवात और प्रतिचक्रवात विश्व भूगोल के महत्वपूर्ण विषय हैं। प्रतियोगी परीक्षाओं में इनके निर्माण, वायुदाब, वायु की दिशा, वाताग्रों, चक्रवातों के क्षेत्रीय नामों तथा टॉरनेडो और हरिकेन की तीव्रता मापने वाले पैमानों से संबंधित प्रश्न पूछे जा सकते हैं।
अभ्यर्थियों को सलाह दी जाती है कि वे इन नोट्स का नियमित पुनरावर्तन करें और दिए गए 15 MCQs का अभ्यास करके अपनी तैयारी का मूल्यांकन करें।
यह लेख UPSC, CGPSC, State PCS, SSC, रेलवे तथा अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले विद्यार्थियों के लिए उपयोगी अध्ययन सामग्री है।






Leave a Reply