भारत में शीतकालीन वर्षा: कारण, प्रभाव एवं 25 महत्वपूर्ण MCQs | Winter Rainfall in India
भारत में शीतकालीन वर्षा (Winter Rainfall in India): भारत में शीत ऋतु के दौरान वर्षा मुख्य रूप से पश्चिमी विक्षोभ तथा उत्तर-पूर्वी मानसून के कारण होती है। इस लेख में शीतकालीन वर्षा के कारण, प्रमुख प्रभावित क्षेत्र, मावठ, रबी फसलों पर प्रभाव और प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए 25 महत्वपूर्ण बहुविकल्पीय प्रश्न उत्तर एवं व्याख्या सहित दिए गए हैं।
भारत में शीतकालीन वर्षा क्या है?
भारत में अधिकांश वर्षा दक्षिण-पश्चिम मानसून के कारण जून से सितंबर के बीच होती है। इसके विपरीत, शीत ऋतु में देश के अधिकांश भागों में मौसम शुष्क रहता है, क्योंकि इस समय पवनें सामान्यतः स्थल से समुद्र की ओर चलती हैं।
हालाँकि, भारत के कुछ क्षेत्रों में शीतकाल के दौरान भी वर्षा होती है। उत्तर-पश्चिमी भारत में होने वाली शीतकालीन वर्षा का प्रमुख कारण पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbances) है, जबकि दक्षिण-पूर्वी तटीय भारत, विशेषकर तमिलनाडु में, वर्षा का प्रमुख स्रोत उत्तर-पूर्वी मानसून है।
यह विषय CGPSC, CG Vyapam, CGSSB, UPSC, SSC, रेलवे और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए महत्वपूर्ण है।
1. पश्चिमी विक्षोभ द्वारा शीतकालीन वर्षा
पश्चिमी विक्षोभ भूमध्यसागरीय क्षेत्र और उसके आसपास के पश्चिमी क्षेत्रों से उत्पन्न होने वाली मौसम प्रणालियाँ हैं, जो पछुआ पवनों के साथ पूर्व की ओर बढ़ती हैं। ये भारत के उत्तर-पश्चिमी भागों में शीतकालीन वर्षा तथा हिमालयी क्षेत्रों में हिमपात का प्रमुख कारण हैं।
पश्चिमी विक्षोभ की प्रमुख विशेषताएँ
- उत्पत्ति: भूमध्य सागर तथा आसपास के पश्चिमी क्षेत्र।
- प्रवाह की दिशा: सामान्यतः पश्चिम से पूर्व।
- प्रमुख प्रभावित क्षेत्र: पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, राजस्थान, पश्चिमी उत्तर प्रदेश तथा पश्चिमी हिमालय।
- स्थानीय नाम: राजस्थान में पश्चिमी विक्षोभ से होने वाली शीतकालीन वर्षा को मावठ या मावट कहा जाता है।
- फसलों पर प्रभाव: गेहूँ जैसी रबी फसलों के लिए उचित मात्रा में वर्षा लाभकारी होती है।
- हिमपात: जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में हिमपात होता है।
- मौसम पर प्रभाव: पश्चिमी विक्षोभ के साथ बादल, वर्षा, हिमपात और कभी-कभी ओलावृष्टि भी हो सकती है।
मावठ क्या है?
राजस्थान में सर्दियों के दौरान पश्चिमी विक्षोभ से होने वाली वर्षा को मावठ कहा जाता है। यह वर्षा रबी फसलों, विशेषकर गेहूँ और सरसों के लिए उपयोगी हो सकती है। हालाँकि, अत्यधिक वर्षा, ओलावृष्टि या पाला फसलों को नुकसान भी पहुँचा सकता है।
रबी फसलों के लिए शीतकालीन वर्षा का महत्व
शीतकालीन वर्षा कृषि की दृष्टि से महत्वपूर्ण है। इससे मिट्टी में नमी बढ़ती है और सिंचाई की आवश्यकता कम हो सकती है।
इसके प्रमुख लाभ हैं:
- गेहूँ की फसल की वृद्धि में सहायता।
- चना और सरसों जैसी रबी फसलों को नमी की उपलब्धता।
- सिंचाई पर होने वाले खर्च में संभावित कमी।
- हिमालयी क्षेत्रों में हिमपात के माध्यम से जल संसाधनों को मौसमी योगदान।
ध्यान दें कि वर्षा का लाभ उसकी मात्रा, समय और फसल की अवस्था पर निर्भर करता है।
2. उत्तर-पूर्वी मानसून द्वारा वर्षा
भारत के दक्षिण-पूर्वी तटीय भागों में अक्टूबर से दिसंबर के दौरान होने वाली वर्षा का प्रमुख कारण उत्तर-पूर्वी मानसून है। इसे लौटता हुआ मानसून भी कहा जाता है।
दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी के बाद उत्तर-पूर्वी पवनें स्थल से समुद्र की ओर चलती हैं। बंगाल की खाड़ी के ऊपर से गुजरते समय ये पवनें नमी ग्रहण कर सकती हैं। इसके बाद मौसम प्रणालियों और चक्रवाती परिसंचरण के प्रभाव से दक्षिण-पूर्वी तटीय क्षेत्रों में वर्षा होती है।
उत्तर-पूर्वी मानसून की प्रमुख विशेषताएँ
- मुख्य अवधि: अक्टूबर से दिसंबर।
- प्रमुख प्रभावित राज्य: तमिलनाडु और दक्षिणी आंध्र प्रदेश।
- प्रमुख तटीय क्षेत्र: कोरोमंडल तट।
- वर्षा का प्रमुख स्रोत: बंगाल की खाड़ी से प्राप्त नमी और संबंधित मौसम प्रणालियाँ।
- महत्व: तमिलनाडु की कृषि तथा जलाशयों के लिए यह वर्षा अत्यंत महत्वपूर्ण है।
तमिलनाडु में वार्षिक वर्षा का बड़ा हिस्सा उत्तर-पूर्वी मानसून के मौसम में प्राप्त होता है। इसलिए यह राज्य देश के उन प्रमुख क्षेत्रों में शामिल है जहाँ लौटते मानसून की वर्षा का विशेष महत्व है।
3. भारत में शीतकालीन वर्षा का वितरण
भारत में शीतकालीन वर्षा सभी क्षेत्रों में समान रूप से नहीं होती। इसके वितरण को मुख्य रूप से दो भागों में समझा जा सकता है।
| क्षेत्र | वर्षा का प्रमुख कारण | प्रमुख प्रभाव |
|---|---|---|
| उत्तर-पश्चिमी मैदानी क्षेत्र | पश्चिमी विक्षोभ | हल्की वर्षा, बादल और कभी-कभी ओलावृष्टि |
| पश्चिमी हिमालय | पश्चिमी विक्षोभ | हिमपात और वर्षा |
| तमिलनाडु का तटीय क्षेत्र | उत्तर-पूर्वी मानसून | शरद एवं प्रारंभिक शीत ऋतु में वर्षा |
| दक्षिणी आंध्र प्रदेश का तटीय क्षेत्र | उत्तर-पूर्वी मानसून | वर्षा और चक्रवाती मौसम प्रणालियों का प्रभाव |
4. भारत में वर्षा के ऋतुवार आँकड़े
आपकी अध्ययन सामग्री में दिए गए वर्ष 2019 के आँकड़ों के अनुसार वर्षा का विवरण निम्नलिखित है।
| मानसून या ऋतु | वर्षा की मात्रा |
|---|---|
| दक्षिण-पश्चिम मानसून | 971.8 मिमी |
| मानसून पश्चात | 161.1 मिमी |
| पूर्व-मानसून | 102.1 मिमी |
| शीतकालीन वर्षा | 51.5 मिमी |
महत्वपूर्ण नोट: इन आँकड़ों को परीक्षा में उपयोग करने से पहले आधिकारिक मौसम विज्ञान स्रोत से सत्यापित कर लें। दिए गए चार मौसमी आँकड़ों का योग 1,286.5 मिमी होता है, जो सामग्री में बताए गए कुल 1,288.8 मिमी से मेल नहीं खाता। इसलिए कुल वार्षिक वर्षा के आँकड़े को बिना सत्यापन के अंतिम तथ्य के रूप में प्रस्तुत न करें।
5. परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य
- उत्तर-पश्चिमी भारत में शीतकालीन वर्षा का प्रमुख कारण पश्चिमी विक्षोभ है।
- पश्चिमी विक्षोभ सामान्यतः पश्चिम से पूर्व की ओर बढ़ते हैं।
- राजस्थान में पश्चिमी विक्षोभ से होने वाली वर्षा को मावठ कहते हैं।
- शीतकालीन वर्षा गेहूँ जैसी रबी फसलों के लिए लाभकारी हो सकती है।
- पश्चिमी हिमालय में पश्चिमी विक्षोभ के कारण हिमपात होता है।
- तमिलनाडु में उत्तर-पूर्वी मानसून की वर्षा का विशेष महत्व है।
- कोरोमंडल तट भारत के दक्षिण-पूर्वी तट पर स्थित है।
- उत्तर-पूर्वी मानसून के दौरान बंगाल की खाड़ी से प्राप्त नमी वर्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
- अत्यधिक वर्षा और ओलावृष्टि रबी फसलों को नुकसान पहुँचा सकते हैं।
- पश्चिमी विक्षोभ और उत्तर-पूर्वी मानसून भारत में शीतकालीन एवं मानसून-पश्चात वर्षा के दो महत्वपूर्ण कारक हैं।
भारत में शीतकालीन वर्षा: 25 महत्वपूर्ण MCQs उत्तर एवं व्याख्या सहित
नीचे दिए गए प्रश्न CGPSC, CG Vyapam, CGSSB, UPSC, SSC तथा अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं के अभ्यास के लिए उपयोगी हैं।
प्रश्न 1. भारत में शीतकाल के दौरान उत्तर-पश्चिमी भारत में वर्षा का मुख्य कारण क्या है?
(A) दक्षिण-पश्चिम मानसून
(B) उत्तर-पूर्वी मानसून
(C) पश्चिमी विक्षोभ
(D) काल बैसाखी
उत्तर: (C) पश्चिमी विक्षोभ
व्याख्या: पश्चिमी विक्षोभ पश्चिमी क्षेत्रों से भारत की ओर बढ़ने वाली मौसम प्रणालियाँ हैं। ये उत्तर-पश्चिमी भारत में शीतकालीन वर्षा तथा हिमालय में हिमपात का प्रमुख कारण हैं।
प्रश्न 2. राजस्थान में पश्चिमी विक्षोभ से होने वाली शीतकालीन वर्षा को क्या कहते हैं?
(A) काल बैसाखी
(B) आम्र वर्षा
(C) मावठ
(D) चेरी ब्लॉसम
उत्तर: (C) मावठ
व्याख्या: राजस्थान में शीत ऋतु में पश्चिमी विक्षोभ से होने वाली वर्षा को स्थानीय रूप से मावठ कहा जाता है। यह गेहूँ और सरसों जैसी रबी फसलों के लिए लाभकारी हो सकती है।
प्रश्न 3. पश्चिमी विक्षोभ सामान्यतः किस दिशा में आगे बढ़ते हैं?
(A) पूर्व से पश्चिम
(B) पश्चिम से पूर्व
(C) दक्षिण से उत्तर
(D) उत्तर से दक्षिण
उत्तर: (B) पश्चिम से पूर्व
व्याख्या: पश्चिमी विक्षोभ पछुआ पवनों के प्रभाव में सामान्यतः पश्चिम से पूर्व की ओर बढ़ते हैं और उत्तर-पश्चिमी भारत के मौसम को प्रभावित करते हैं।
प्रश्न 4. पश्चिमी विक्षोभ का प्रमुख उद्गम क्षेत्र कौन-सा है?
(A) अरब सागर
(B) बंगाल की खाड़ी
(C) भूमध्य सागर और आसपास के पश्चिमी क्षेत्र
(D) दक्षिणी हिंद महासागर
उत्तर: (C) भूमध्य सागर और आसपास के पश्चिमी क्षेत्र
व्याख्या: पश्चिमी विक्षोभ भूमध्यसागरीय क्षेत्र तथा उसके आसपास के पश्चिमी भागों में विकसित होने वाली मौसम प्रणालियों से संबंधित हैं।
प्रश्न 5. शीतकालीन वर्षा से मुख्य रूप से किस प्रकार की फसलों को लाभ होता है?
(A) खरीफ फसलें
(B) रबी फसलें
(C) केवल जायद फसलें
(D) केवल बागानी फसलें
उत्तर: (B) रबी फसलें
व्याख्या: शीतकालीन वर्षा से मिट्टी में नमी बढ़ सकती है। इससे गेहूँ, चना और सरसों जैसी रबी फसलों को लाभ मिलता है, बशर्ते वर्षा की मात्रा उपयुक्त हो।
प्रश्न 6. पश्चिमी विक्षोभ के कारण हिमालयी क्षेत्रों में सामान्यतः क्या होता है?
(A) लू चलती है
(B) हिमपात होता है
(C) मानसून समाप्त हो जाता है
(D) केवल धूल भरी आँधी चलती है
उत्तर: (B) हिमपात होता है
व्याख्या: पश्चिमी विक्षोभ के कारण पश्चिमी हिमालय में वर्षा और हिमपात होता है। इससे पर्वतीय क्षेत्रों में बर्फ का मौसमी संचय होता है।
प्रश्न 7. निम्नलिखित में से कौन-सा राज्य पश्चिमी विक्षोभ से प्रभावित होने वाले उत्तर-पश्चिमी क्षेत्र में शामिल है?
(A) पंजाब
(B) तमिलनाडु
(C) केरल का दक्षिणी तट
(D) तटीय ओडिशा
उत्तर: (A) पंजाब
व्याख्या: पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, राजस्थान और पश्चिमी उत्तर प्रदेश शीतकाल में पश्चिमी विक्षोभ से प्रभावित होने वाले प्रमुख मैदानी क्षेत्रों में शामिल हैं।
प्रश्न 8. भारत के दक्षिण-पूर्वी तट पर शीतकाल के आरंभ में वर्षा का प्रमुख कारण क्या है?
(A) पश्चिमी विक्षोभ
(B) उत्तर-पूर्वी मानसून
(C) दक्षिण-पश्चिम मानसून की सक्रिय अवस्था
(D) हिमालयी हिमपात
उत्तर: (B) उत्तर-पूर्वी मानसून
व्याख्या: उत्तर-पूर्वी मानसून तमिलनाडु और आसपास के दक्षिण-पूर्वी तटीय क्षेत्रों में महत्वपूर्ण वर्षा प्रदान करता है।
प्रश्न 9. उत्तर-पूर्वी मानसून की वर्षा के लिए नमी का प्रमुख स्रोत कौन-सा है?
(A) अरब सागर
(B) बंगाल की खाड़ी
(C) भूमध्य सागर
(D) कैस्पियन सागर
उत्तर: (B) बंगाल की खाड़ी
व्याख्या: उत्तर-पूर्वी पवनें बंगाल की खाड़ी के ऊपर से गुजरते समय नमी ग्रहण कर सकती हैं। मौसम प्रणालियों के प्रभाव से यह नमी वर्षा का कारण बनती है।
प्रश्न 10. उत्तर-पूर्वी मानसून से सर्वाधिक महत्वपूर्ण वर्षा प्राप्त करने वाले राज्यों में कौन-सा प्रमुख है?
(A) पंजाब
(B) हरियाणा
(C) तमिलनाडु
(D) हिमाचल प्रदेश
उत्तर: (C) तमिलनाडु
व्याख्या: तमिलनाडु की वार्षिक वर्षा में उत्तर-पूर्वी मानसून का महत्वपूर्ण योगदान है। राज्य का कोरोमंडल तटीय क्षेत्र विशेष रूप से इससे प्रभावित होता है।
प्रश्न 11. कोरोमंडल तट भारत के किस भाग में स्थित है?
(A) पश्चिमी तट
(B) उत्तर-पश्चिमी तट
(C) दक्षिण-पूर्वी तट
(D) उत्तर-पूर्वी हिमालयी क्षेत्र
उत्तर: (C) दक्षिण-पूर्वी तट
व्याख्या: कोरोमंडल तट भारत के पूर्वी तट के दक्षिणी भाग में स्थित है। तमिलनाडु के तटीय क्षेत्रों में उत्तर-पूर्वी मानसून से महत्वपूर्ण वर्षा होती है।
प्रश्न 12. उत्तर-पूर्वी मानसून के दौरान वर्षा के लिए सामान्यतः कौन-सी अवधि महत्वपूर्ण है?
(A) जनवरी से फरवरी
(B) मार्च से अप्रैल
(C) अक्टूबर से दिसंबर
(D) मई से जून
उत्तर: (C) अक्टूबर से दिसंबर
व्याख्या: दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी के बाद अक्टूबर से दिसंबर के बीच उत्तर-पूर्वी मानसून तमिलनाडु और दक्षिण-पूर्वी तटीय क्षेत्रों में वर्षा का महत्वपूर्ण स्रोत बनता है।
प्रश्न 13. पश्चिमी विक्षोभ के कारण वर्षा मुख्य रूप से भारत के किस भाग में होती है?
(A) उत्तर-पश्चिमी भारत
(B) केवल पूर्वोत्तर भारत
(C) केवल अंडमान द्वीपसमूह
(D) केवल पश्चिमी तटीय मैदान
उत्तर: (A) उत्तर-पश्चिमी भारत
व्याख्या: पश्चिमी विक्षोभ पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, दिल्ली और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के साथ पश्चिमी हिमालय को प्रभावित करते हैं।
प्रश्न 14. शीतकालीन वर्षा का कृषि के लिए प्रमुख लाभ क्या है?
(A) सभी फसलों को नुकसान पहुँचाना
(B) मिट्टी की नमी बढ़ाना
(C) मिट्टी को हमेशा सूखा रखना
(D) सिंचाई की आवश्यकता हर परिस्थिति में समाप्त करना
उत्तर: (B) मिट्टी की नमी बढ़ाना
व्याख्या: उचित मात्रा में वर्षा मिट्टी की नमी बढ़ाती है और रबी फसलों की वृद्धि में सहायता कर सकती है। हालाँकि, बहुत अधिक वर्षा नुकसान भी पहुँचा सकती है।
प्रश्न 15. पश्चिमी विक्षोभ से संबंधित पवनें सामान्यतः किस पवन पट्टी से जुड़ी होती हैं?
(A) पछुआ पवनें
(B) ध्रुवीय पूर्वी पवनें
(C) स्थानीय समुद्री समीर
(D) केवल मानसूनी पूर्वी पवनें
उत्तर: (A) पछुआ पवनें
व्याख्या: मध्य अक्षांशों में पछुआ पवनें मौसम प्रणालियों को सामान्यतः पश्चिम से पूर्व की ओर ले जाती हैं। पश्चिमी विक्षोभ इसी व्यापक वायुमंडलीय प्रवाह से जुड़े होते हैं।
प्रश्न 16. पश्चिमी विक्षोभ से होने वाली वर्षा का लाभ किस फसल को विशेष रूप से मिल सकता है?
(A) गेहूँ
(B) जूट
(C) केवल खरीफ धान
(D) नारियल की प्रत्येक अवस्था में समान लाभ
उत्तर: (A) गेहूँ
व्याख्या: गेहूँ रबी की प्रमुख फसल है। शीतकाल में उपयुक्त वर्षा इसकी वृद्धि के लिए लाभकारी हो सकती है।
प्रश्न 17. शीतकाल में पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से पर्वतीय क्षेत्रों में कौन-सी घटना हो सकती है?
(A) हिमपात
(B) केवल लू
(C) समुद्री ज्वार
(D) ज्वालामुखी विस्फोट
उत्तर: (A) हिमपात
व्याख्या: पश्चिमी हिमालय में पश्चिमी विक्षोभ के कारण हिमपात होता है। ऊँचाई और तापमान के आधार पर वर्षा या हिमपात की स्थिति बनती है।
प्रश्न 18. उत्तर-पूर्वी मानसून भारत के किस राज्य की जल उपलब्धता के लिए विशेष महत्व रखता है?
(A) तमिलनाडु
(B) पंजाब
(C) हरियाणा
(D) राजस्थान का पश्चिमी मरुस्थल
उत्तर: (A) तमिलनाडु
व्याख्या: तमिलनाडु में उत्तर-पूर्वी मानसून के दौरान पर्याप्त वर्षा होने पर जलाशयों, कृषि और पेयजल संसाधनों को लाभ मिलता है।
प्रश्न 19. भारत में दक्षिण-पश्चिम मानसून की मुख्य वर्षा ऋतु सामान्यतः कौन-सी है?
(A) जनवरी से मार्च
(B) जून से सितंबर
(C) अक्टूबर से दिसंबर
(D) केवल दिसंबर
उत्तर: (B) जून से सितंबर
व्याख्या: भारत के अधिकांश हिस्सों में वार्षिक वर्षा का बड़ा भाग जून से सितंबर के दौरान दक्षिण-पश्चिम मानसून से प्राप्त होता है।
प्रश्न 20. वर्षा की दृष्टि से पश्चिमी विक्षोभ और उत्तर-पूर्वी मानसून में मुख्य अंतर क्या है?
(A) दोनों केवल हिमपात कराते हैं
(B) पश्चिमी विक्षोभ उत्तर-पश्चिमी भारत में शीतकालीन वर्षा लाते हैं, जबकि उत्तर-पूर्वी मानसून दक्षिण-पूर्वी तट पर वर्षा का प्रमुख स्रोत है
(C) दोनों का भारत में कोई प्रभाव नहीं है
(D) पश्चिमी विक्षोभ केवल तमिलनाडु में वर्षा कराते हैं
उत्तर: (B)
व्याख्या: पश्चिमी विक्षोभ उत्तर-पश्चिमी भारत और पश्चिमी हिमालय को प्रभावित करते हैं। उत्तर-पूर्वी मानसून का विशेष महत्व तमिलनाडु और दक्षिण-पूर्वी तटीय क्षेत्रों में है।
प्रश्न 21. भारत में शीतकालीन वर्षा के कारणों में कौन-सा युग्म सही है?
(A) उत्तर-पश्चिम भारत — पश्चिमी विक्षोभ
(B) तमिलनाडु — केवल पश्चिमी विक्षोभ
(C) पंजाब — केवल उत्तर-पूर्वी मानसून
(D) हिमालय — केवल समुद्री समीर
उत्तर: (A) उत्तर-पश्चिम भारत — पश्चिमी विक्षोभ
व्याख्या: उत्तर-पश्चिमी भारत की शीतकालीन वर्षा पश्चिमी विक्षोभ से जुड़ी है। तमिलनाडु की प्रमुख मानसून-पश्चात वर्षा उत्तर-पूर्वी मानसून से संबंधित है।
प्रश्न 22. पश्चिमी विक्षोभ से होने वाली वर्षा का प्रतिकूल प्रभाव किस स्थिति में हो सकता है?
(A) जब वर्षा की मात्रा उपयुक्त हो
(B) जब हल्की वर्षा से मिट्टी में नमी बढ़े
(C) जब अत्यधिक वर्षा या ओलावृष्टि फसलों को नुकसान पहुँचाए
(D) जब खेतों में सिंचाई की आवश्यकता कम हो
उत्तर: (C)
व्याख्या: अत्यधिक वर्षा, ओलावृष्टि और प्रतिकूल मौसम रबी फसलों को नुकसान पहुँचा सकते हैं। इसलिए शीतकालीन वर्षा हमेशा लाभकारी नहीं होती।
प्रश्न 23. शीतकाल में पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव किस पर्वतीय क्षेत्र में विशेष रूप से दिखाई देता है?
(A) पश्चिमी हिमालय
(B) अरावली का केवल दक्षिणी भाग
(C) नीलगिरि का प्रत्येक भाग
(D) केवल पूर्वी घाट
उत्तर: (A) पश्चिमी हिमालय
व्याख्या: जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के पश्चिमी हिमालयी क्षेत्रों में पश्चिमी विक्षोभ से वर्षा और हिमपात होता है।
प्रश्न 24. उत्तर-पूर्वी मानसून के दौरान तमिलनाडु में वर्षा का महत्व अधिक होने का प्रमुख कारण क्या है?
(A) राज्य को वर्षा केवल जनवरी में मिलती है
(B) लौटते मानसून के दौरान राज्य को महत्वपूर्ण वर्षा प्राप्त होती है
(C) राज्य में मानसून का कोई प्रभाव नहीं पड़ता
(D) राज्य की सारी वर्षा हिमपात से होती है
उत्तर: (B)
व्याख्या: तमिलनाडु के लिए अक्टूबर से दिसंबर के दौरान उत्तर-पूर्वी मानसून महत्वपूर्ण है। इस अवधि की वर्षा कृषि और जल संसाधनों के लिए विशेष योगदान देती है।
प्रश्न 25. निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है?
(A) पश्चिमी विक्षोभ केवल ग्रीष्म ऋतु में सक्रिय होते हैं
(B) उत्तर-पूर्वी मानसून का तमिलनाडु में कोई महत्व नहीं है
(C) पश्चिमी विक्षोभ उत्तर-पश्चिमी भारत में शीतकालीन वर्षा और हिमालय में हिमपात ला सकते हैं
(D) शीतकालीन वर्षा सभी भारतीय राज्यों में समान होती है
उत्तर: (C)
व्याख्या: पश्चिमी विक्षोभ उत्तर-पश्चिमी भारत की शीतकालीन वर्षा और पश्चिमी हिमालय के हिमपात का प्रमुख कारण हैं। भारत में वर्षा का वितरण भौगोलिक स्थिति और मौसमी प्रणालियों के अनुसार अलग-अलग होता है।
निष्कर्ष
भारत में शीतकालीन वर्षा का महत्व कृषि, जल संसाधनों और क्षेत्रीय जलवायु के संदर्भ में अत्यधिक है। उत्तर-पश्चिमी भारत में पश्चिमी विक्षोभ वर्षा और हिमपात के प्रमुख कारण हैं, जबकि तमिलनाडु तथा दक्षिण-पूर्वी तटीय क्षेत्रों में उत्तर-पूर्वी मानसून महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करते समय पश्चिमी विक्षोभ, मावठ, रबी फसलें, कोरोमंडल तट और उत्तर-पूर्वी मानसून से संबंधित तथ्यों का नियमित अभ्यास करें।
अभ्यास सुझाव: ऊपर दिए गए 25 MCQs को हल करके अपने ज्ञान का मूल्यांकन करें और जिन प्रश्नों में गलती हो, उनसे संबंधित भौगोलिक अवधारणाओं का दोबारा अध्ययन करें।






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