धनवार जनजाति (छत्तीसगढ़) – इतिहास, संस्कृति, परंपरा, रीति-रिवाज एवं महत्वपूर्ण तथ्य
धनवार जनजाति (Dhanwar Tribe of Chhattisgarh)
धनवार जनजाति छत्तीसगढ़ की प्रमुख अनुसूचित जनजातियों में से एक है। यह जनजाति अपनी विशिष्ट संस्कृति, पारंपरिक जीवनशैली, कृषि आधारित अर्थव्यवस्था तथा सामाजिक संगठन के लिए जानी जाती है। प्रतियोगी परीक्षाओं जैसे CGPSC, CG Vyapam, CG TET, Hostel Warden, Patwari एवं अन्य परीक्षाओं में धनवार जनजाति से संबंधित प्रश्न अक्सर पूछे जाते हैं।
धनवार जनजाति का परिचय
धनवार जनजाति मुख्यतः कोरबा, बिलासपुर, सरगुजा, रायपुर एवं रायगढ़ जिलों में निवास करती है।
जनगणना 2011 के अनुसार
- कुल जनसंख्या – 50,995
- पुरुष – 25,723
- महिलाएँ – 25,272
धनवार नाम की उत्पत्ति
धनवार जनजाति की उत्पत्ति के संबंध में कोई स्पष्ट ऐतिहासिक प्रमाण उपलब्ध नहीं है।
लोककथाओं के अनुसार प्राचीन समय में युद्ध के दौरान धनुष एवं बाण का उपयोग किया जाता था। धनुष (धनु) तथा बाण (वार) बनाने में दक्ष आदिवासियों को आगे चलकर धनवार कहा जाने लगा।
निवास एवं आवास
धनवार जनजाति सामान्यतः गाँव, कंवर, गोंड एवं सौंता जनजातियों के साथ निवास करती है।
इनकी बस्ती को धनवार पारा कहा जाता है।
आवास की प्रमुख विशेषताएँ—
- प्रत्येक पारा में लगभग 7–8 घर होते हैं।
- घर मिट्टी के बने होते हैं।
- छत घास-फूस अथवा खपरैल की होती है।
- मकान निर्माण से पहले एवं बाद में पूजा कराई जाती है।
- घर में सामान्यतः दो कमरे होते हैं।
- अनाज रखने की अलग व्यवस्था होती है।
वेशभूषा एवं आभूषण
पुरुष
- धोती
- गमछा
- सिर पर पगड़ी
- दातून (नीम, बबूल आदि)
महिलाएँ
- लुगड़ा (पोछिया)
- ब्लाउज
- पोलका
- चूड़ी
- ऐंठी
- नथ
- फुल्ली
- बिछिया
- कानों में खिनवा या फुरिंग
महिलाएँ हाथ, पैर तथा चेहरे पर पारंपरिक गोदना भी बनवाती हैं।
खान-पान
धनवार जनजाति का भोजन सरल एवं स्थानीय संसाधनों पर आधारित होता है।
मुख्य भोजन—
- कोदो
- चावल
- बासी
- पेज
- उड़द
- मूंग
- कुल्थी
- साग
- मछली
- जंगली कंद-मूल
कुछ अवसरों पर मांस एवं महुए से बनी शराब का भी सेवन किया जाता है।
आर्थिक जीवन
धनवार जनजाति का मुख्य व्यवसाय—
- कृषि
- कृषि मजदूरी
- जंगल से वनोपज संग्रह
- बाँस से सूप एवं टोकरियाँ बनाना
मुख्य फसलें—
- धान
- कोदो
- कुटकी
- मक्का
- उड़द
- कुल्थी
- तिल
- अरहर
- चना
- अलसी
वनोपज—
- महुआ
- तेंदूपत्ता
- चार
- हर्रा
- लाख
- गोंद
वर्तमान में शिकार पर प्रतिबंध होने के कारण यह परंपरा लगभग समाप्त हो चुकी है।
सामाजिक व्यवस्था
धनवार समाज पितृवंशीय एवं पितृसत्तात्मक होता है।
एक ही गाँव के लोग स्वयं को एक ही पूर्वज की संतान मानते हैं, इसलिए एक ही गाँव के युवक-युवतियों का विवाह नहीं किया जाता।
प्रमुख गोत्र—
- कुमरा
- मरई
- उइके
- सोनवानी
- उरे
विवाह प्रथा
धनवार समाज में पारंपरिक रीति से विवाह सम्पन्न होता है।
विवाह की प्रमुख विशेषताएँ—
- वर पक्ष विवाह प्रस्ताव लेकर जाता है।
- सामाजिक सहमति के बाद रिश्ता तय होता है।
- वर-वधू को हल्दी लगाई जाती है।
- बारात के साथ विवाह सम्पन्न होता है।
- सामाजिक पंचायत विवाह को मान्यता देती है।
- विधवा विवाह एवं पुनर्विवाह स्वीकार्य है।
जन्म संस्कार
- प्रसव घर में अनुभवी दाई द्वारा कराया जाता है।
- प्रसूता को पारंपरिक औषधियाँ दी जाती हैं।
- छठे दिन छठी पूजा सम्पन्न होती है।
- रिश्तेदारों को भोजन कराया जाता है।
मृत्यु संस्कार
- सामान्यतः मृतक का दफन संस्कार किया जाता है।
- दसवें दिन शुद्धिकरण किया जाता है।
- पूर्वजों की पूजा कर सामूहिक भोजन कराया जाता है।
धार्मिक जीवन
धनवार जनजाति प्रकृति एवं ग्राम देवताओं की पूजा करती है।
मुख्य देवी-देवता—
- बूढ़ा देव
- ठाकुर देव
- बूढ़ी माई
- कुल देवी-देवता
- सूर्य
- चन्द्र
- नदी
- पर्वत
- वृक्ष
कुछ अवसरों पर मुर्गा एवं बकरे की बलि भी दी जाती है।
प्रमुख त्योहार
धनवार जनजाति निम्न त्योहार उत्साहपूर्वक मनाती है—
- हरेली
- पोला
- नवाखाई
- दशहरा
- दीपावली
- होली
लोकनृत्य एवं लोकगीत
इनकी सांस्कृतिक पहचान इनके लोकगीत एवं लोकनृत्य हैं।
मुख्य नृत्य—
- पाली नृत्य
मुख्य वाद्य यंत्र—
- ढोल
- मांदर
- थाली
लोकगीत—
- करमा गीत
- विवाह गीत
- दशहरा गीत
- रामसप्ताह गीत
शिक्षा
जनगणना 2011 के अनुसार
- कुल साक्षरता – 41.7%
- पुरुष साक्षरता – 51.2%
- महिला साक्षरता – 32.0%
प्रतियोगी परीक्षाओं हेतु महत्वपूर्ण तथ्य
- धनवार जनजाति मुख्यतः कोरबा, बिलासपुर, सरगुजा, रायपुर एवं रायगढ़ में निवास करती है।
- धनवार समाज पितृवंशीय एवं पितृसत्तात्मक है।
- मुख्य व्यवसाय कृषि एवं कृषि मजदूरी है।
- प्रमुख फसल धान है।
- बाँस से सूप एवं टोकरियाँ बनाना इनका पारंपरिक व्यवसाय है।
- प्रमुख देवता बूढ़ा देव एवं ठाकुर देव हैं।
- मुख्य त्योहार हरेली, पोला, नवाखाई, दशहरा, दीपावली एवं होली हैं।
- कुल साक्षरता 41.7 प्रतिशत है।
निष्कर्ष
धनवार जनजाति छत्तीसगढ़ की समृद्ध आदिवासी संस्कृति का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इनकी सामाजिक व्यवस्था, कृषि आधारित जीवन, धार्मिक आस्थाएँ, लोकगीत, लोकनृत्य तथा पारंपरिक रीति-रिवाज इन्हें अन्य जनजातियों से अलग पहचान प्रदान करते हैं। प्रतियोगी परीक्षाओं की दृष्टि से धनवार जनजाति से संबंधित तथ्य अत्यंत महत्वपूर्ण हैं, इसलिए अभ्यर्थियों को इनके निवास, संस्कृति, आर्थिक जीवन, विवाह प्रथा तथा धार्मिक मान्यताओं का अध्ययन अवश्य करना चाहिए।
धनवार जनजाति (छत्तीसगढ़) पर 25 महत्वपूर्ण MCQ (CGPSC/CG Vyapam/CGSSB)
1. धनवार जनजाति मुख्यतः छत्तीसगढ़ के किन जिलों में निवास करती है?
A) दुर्ग, बेमेतरा, राजनांदगांव
B) कोरबा, बिलासपुर, सरगुजा, रायपुर एवं रायगढ़
C) जांजगीर, बलौदाबाजार, धमतरी
D) कांकेर, बस्तर, सुकमा
उत्तर: ✅ B
2. जनगणना 2011 के अनुसार धनवार जनजाति की कुल जनसंख्या कितनी थी?
A) 40,995
B) 45,995
C) 50,995
D) 55,995
उत्तर: ✅ C
3. धनवार जनजाति के नाम की उत्पत्ति किससे मानी जाती है?
A) खेती से
B) धनुष-बाण बनाने से
C) व्यापार से
D) पशुपालन से
उत्तर: ✅ B
4. धनवार जनजाति की बस्ती को क्या कहा जाता है?
A) टोला
B) पारा
C) डेरा
D) मोहल्ला
उत्तर: ✅ B
5. धनवार जनजाति के घर सामान्यतः किसके बने होते हैं?
A) ईंट और सीमेंट
B) लकड़ी
C) मिट्टी
D) पत्थर
उत्तर: ✅ C
6. धनवार जनजाति का प्रमुख व्यवसाय क्या है?
A) व्यापार
B) कृषि एवं कृषि मजदूरी
C) उद्योग
D) मत्स्य पालन
उत्तर: ✅ B
7. धनवार जनजाति की प्रमुख फसल कौन-सी है?
A) गेहूँ
B) धान
C) ज्वार
D) कपास
उत्तर: ✅ B
8. धनवार जनजाति किससे सूप एवं टोकरियाँ बनाती है?
A) लकड़ी
B) बाँस
C) लोहा
D) मिट्टी
उत्तर: ✅ B
9. धनवार जनजाति जंगलों से क्या संग्रह करती है?
A) कोयला
B) महुआ, हर्रा, तेंदूपत्ता, लाख
C) नमक
D) चूना पत्थर
उत्तर: ✅ B
10. धनवार समाज किस प्रकार का है?
A) मातृसत्तात्मक
B) पितृवंशीय एवं पितृसत्तात्मक
C) मिश्रित
D) जनजातीय परिषद आधारित
उत्तर: ✅ B
11. धनवार समाज में एक ही गाँव के युवक-युवती का विवाह क्यों नहीं होता?
A) आर्थिक कारणों से
B) सभी को एक पूर्वज की संतान माना जाता है
C) धार्मिक कारणों से
D) कानूनी प्रतिबंध के कारण
उत्तर: ✅ B
12. निम्न में से कौन-सा धनवार जनजाति का प्रमुख गोत्र है?
A) कश्यप
B) सोनवानी
C) भारद्वाज
D) गौतम
उत्तर: ✅ B
13. धनवार महिलाओं की पारंपरिक वेशभूषा क्या है?
A) साड़ी
B) लुगड़ा (पोछिया)
C) सलवार-सूट
D) घाघरा
उत्तर: ✅ B
14. धनवार महिलाएँ शरीर पर क्या बनवाती हैं?
A) मेहंदी
B) गोदना
C) टैटू मशीन से चित्र
D) रंगोली
उत्तर: ✅ B
15. धनवार जनजाति का प्रमुख भोजन क्या है?
A) बाजरा
B) कोदो एवं चावल
C) जौ
D) रोटी
उत्तर: ✅ B
16. धनवार जनजाति में प्रसव सामान्यतः किसके द्वारा कराया जाता है?
A) डॉक्टर
B) नर्स
C) अनुभवी दाई
D) वैद्य
उत्तर: ✅ C
17. जन्म के छठे दिन कौन-सा संस्कार किया जाता है?
A) नामकरण
B) छठी पूजा
C) मुंडन
D) अन्नप्राशन
उत्तर: ✅ B
18. धनवार जनजाति में मृत्यु के बाद सामान्यतः क्या किया जाता है?
A) दाह संस्कार
B) दफनाया जाता है
C) जल समाधि
D) वृक्षारोपण
उत्तर: ✅ B
19. धनवार जनजाति के प्रमुख देवता कौन हैं?
A) भगवान विष्णु
B) बूढ़ा देव एवं ठाकुर देव
C) भगवान शिव
D) भगवान गणेश
उत्तर: ✅ B
20. धनवार जनजाति का प्रमुख लोकनृत्य कौन-सा है?
A) सुआ
B) पाली नृत्य
C) राउत नाचा
D) करमा
उत्तर: ✅ B
21. धनवार जनजाति के प्रमुख वाद्य यंत्र कौन-से हैं?
A) तबला और हारमोनियम
B) ढोल, मांदर एवं थाली
C) बांसुरी और सितार
D) शहनाई और मृदंग
उत्तर: ✅ B
22. निम्न में से कौन-सा धनवार जनजाति का प्रमुख त्योहार है?
A) ओणम
B) हरेली
C) बिहू
D) पोंगल
उत्तर: ✅ B
23. जनगणना 2011 के अनुसार धनवार जनजाति की कुल साक्षरता कितनी है?
A) 35.7%
B) 38.5%
C) 41.7%
D) 45.2%
उत्तर: ✅ C
24. जनगणना 2011 के अनुसार धनवार पुरुषों की साक्षरता कितनी है?
A) 45.2%
B) 48.6%
C) 51.2%
D) 55.8%
उत्तर: ✅ C
25. जनगणना 2011 के अनुसार धनवार महिलाओं की साक्षरता कितनी है?
A) 28.5%
B) 30.7%
C) 32.0%
D) 35.5%
उत्तर: ✅ C
ये 25 MCQ विशेष रूप से CGPSC, CG Vyapam, CGSSB, CG TET, Hostel Warden, Forest Guard एवं अन्य छत्तीसगढ़ प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए उपयोगी हैं।













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