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CG GK : छत्तीसगढ़ की उरांव जनजाति – संस्कृति, इतिहास और रहन-सहन | Oraon Tribe in Hindi

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Table of Contents

छत्तीसगढ़ की प्रमुख जनजाति: उरांव (Oraon) का जीवन और संस्कृति

भारत विविधताओं का देश है, और यहाँ की जनजातीय संस्कृति इसकी सबसे बड़ी खूबसूरती है। आज के इस ब्लॉग पोस्ट में हम बात करेंगे छत्तीसगढ़ की एक बेहद खास और प्रमुख जनजाति— उरांव (Oraon) के बारे में। अगर आप इनकी संस्कृति, रहन-सहन और परंपराओं को जानना चाहते हैं, तो यह पोस्ट आपके लिए ही है!

उरांव जनजाति कौन हैं और कहाँ रहते हैं?

  • उरांव छत्तीसगढ़ की एक प्रमुख जनजाति है, जिसे “कुड़ुख” भी कहा जाता है।

  • 2011 की जनगणना के अनुसार, छत्तीसगढ़ में इनकी आबादी लगभग 7,48,789 थी।

  • यह जनजाति मुख्य रूप से छत्तीसगढ़ के उत्तर-पूर्वी हिस्सों जैसे— जशपुर, रायगढ़, सरगुजा, कोरिया, सूरजपुर और बलरामपुर जिलों में निवास करती है।

  • ऐतिहासिक रूप से देखा जाए तो इनके पूर्वज बिहार के रोहतास (भोजपुर) इलाके से होते हुए छोटा नागपुर और फिर छत्तीसगढ़ के इन पहाड़ी क्षेत्रों में आकर बस गए थे।

रहन-सहन और खान-पान

  • घर: इनके घर मुख्य रूप से मिट्टी के बने होते हैं और छतों पर लकड़ी या देशी खपरैल (tiles) लगी होती है। घरों को रोज़ाना गोबर और मिट्टी से लीपा जाता है।

  • पहनावा: पारंपरिक रूप से पुरुष छोटी धोती और अंगरखा पहनते हैं, जबकि महिलाएँ ‘लुगड़ा-पोलका’ पहनती हैं। हालाँकि, आज के युवा पैंट-शर्ट और साड़ी-ब्लाउज़ भी पहनते हैं।

  • भोजन: इनका मुख्य भोजन चावल, गोंदली और कोदो की भात है। साथ ही ये उड़द, मूँग, मौसमी सब्जियाँ और मांसाहार (मुर्गा, मछली, बकरा आदि) भी शौक से खाते हैं। त्योहारों पर ये चावल से बनी पारंपरिक शराब “हड़िया” का सेवन करते हैं।

काम-काज और अर्थव्यवस्था

  • इनकी कमाई का मुख्य ज़रिया कृषि, मज़दूरी और जंगल से मिलने वाली उपज (जैसे- तेंदूपत्ता, महुआ, साल बीज, शहद आदि) को इकट्ठा करना है।

  • जो युवा शिक्षित हैं, वे अब शासकीय (सरकारी) नौकरियों में भी अपनी सेवाएँ दे रहे हैं।

रीति-रिवाज़ और परंपराएँ

  • गोत्र व्यवस्था: यह जनजाति कई गोत्रों में बंटी है जैसे- लकड़ा, तिग्गा, टोप्पो, मिंज, कुजूर आदि। हर गोत्र का अपना एक “वंश चिह्न” (टोटम) होता है, जो किसी पशु-पक्षी या पेड़-पौधे के नाम पर होता है।

  • विवाह: लड़कों की शादी की उम्र 21-24 वर्ष और लड़कियों की 18-22 वर्ष उपयुक्त मानी जाती है। विवाह में वर पक्ष की ओर से वधू के पिता को “सुक भरना” (वधू मूल्य) दिया जाता है, जिसमें शराब, बकरा, चावल आदि शामिल होते हैं।

  • मृत्यु संस्कार: मृत्यु होने पर ये शव को दफनाते भी हैं और कुछ मामलों में जलाते भी हैं।

धर्म, देवी-देवता और त्योहार

  • इनके सबसे प्रमुख देवता धर्मेश (सूर्य) हैं। इसके अलावा ये गाँव के देवी-देवताओं और हिंदू देवी-देवताओं (राम, शिव, हनुमान आदि) की भी पूजा करते हैं।

  • त्योहार: इनके मुख्य त्योहार कर्मा पूजा, सरहुल, दशहरा और दिवाली हैं।

  • नृत्य (Dance): त्योहारों पर कर्मा नृत्य और सरहुल नृत्य बड़ी धूमधाम से किए जाते हैं।

  • इनके देवी-देवताओं के पुजारी और तंत्र-मंत्र के जानकार को “पाहन” कहा जाता है।

पंचायत व्यवस्था

  • गाँव के स्तर पर इनकी अपनी एक ‘जाति पंचायत’ होती है, जिसके मुखिया को “महतो” कहा जाता है।

  • कई गाँवों की पंचायतों को मिलाकर एक बड़ी “परहा पंचायत” बनती है, जिसका प्रमुख “परहा राजा” कहलाता है। यह पंचायत समाज के विवादों और संपत्ति के बँटवारे जैसे मुद्दों को सुलझाती है।

भाषा और शिक्षा

  • इनकी अपनी एक विशेष बोली है जिसे “कुड़ुख बोली” कहा जाता है।

  • शिक्षा के मामले में यह जनजाति काफी आगे है। 2011 की जनगणना के अनुसार इनकी साक्षरता दर 68.9 प्रतिशत दर्ज़ की गई थी।

निष्कर्ष:

उरांव जनजाति अपनी जड़ों से गहराई से जुड़ी होने के साथ-साथ आधुनिकता और शिक्षा की ओर भी तेज़ी से कदम बढ़ा रही है। प्रकृति से प्रेम और अपनी अनूठी परंपराओं का पालन इन्हें छत्तीसगढ़ की एक बहुत ही खास जनजाति बनाता है।

यहाँ 25 बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQs)

1. उरांव जनजाति को और किस नाम से जाना जाता है?

(A) गोंड

(B) कुड़ुख

(C) बैगा

(D) कमार

उत्तर: (B) कुड़ुख

2. 2011 की जनगणना के अनुसार छत्तीसगढ़ में उरांव जनजाति की जनसंख्या लगभग कितनी थी?

(A) 5 लाख

(B) 7.48 लाख

(C) 10 लाख

(D) 2 लाख

उत्तर: (B) 7.48 लाख

3. छत्तीसगढ़ में उरांव जनजाति की सर्वाधिक जनसंख्या किस जिले में निवास करती है?

(A) बस्तर

(B) जशपुर

(C) दंतेवाड़ा

(D) रायपुर

उत्तर: (B) जशपुर

4. उरांव जनजाति के घर में बरामदानुमा हिस्से को क्या कहा जाता है?

(A) कोठी

(B) परछी

(C) मड़वा

(D) ड्योढ़ी

उत्तर: (B) परछी

5. उरांव जनजाति द्वारा बनाई जाने वाली चावल की पारंपरिक शराब को क्या कहते हैं?

(A) ताड़ी

(B) सल्फी

(C) हड़िया

(D) पेज

उत्तर: (C) हड़िया

6. उरांव जनजाति के मुख्य आर्थिक स्रोत क्या हैं?

(A) केवल कृषि

(B) केवल वनोपज

(C) कृषि, मज़दूरी और वनोपज संग्रह

(D) केवल शिकार

उत्तर: (C) कृषि, मज़दूरी और वनोपज संग्रह

7. उरांव जनजाति की प्रमुख उपजातियां कौन-कौन सी हैं?

(A) उरांव, धांगड़, धनका

(B) मुंडा, संथाल

(C) भील, मीणा

(D) मारिया, मुरिया

उत्तर: (A) उरांव, धांगड़, धनका

8. उरांव जनजाति में गोत्र के पशु-पक्षी, जीव-जंतु आदि के नाम का “वंश चिह्न” क्या कहलाता है?

(A) टोटम

(B) गोत्र

(C) परहा

(D) सयानी

उत्तर: (A) टोटम

9. उरांव जनजाति में प्रसव घर पर कराने वाली बुजुर्ग स्त्री को क्या कहते हैं?

(A) पाहन

(B) सयानी

(C) महतो

(D) गुनिया

उत्तर: (B) सयानी

10. बच्चे के जन्म के बाद उरांव जनजाति में छठे दिन कौन सा आयोजन किया जाता है?

(A) गमी

(B) छठी

(C) विवाह

(D) सरहुल

उत्तर: (B) छठी

11. उरांव जनजाति में विवाह के समय वर पक्ष द्वारा वधू के पिता को दिए जाने वाले “वधू मूल्य” को क्या कहते हैं?

(A) दहेज

(B) सुक भरना

(C) गमी

(D) हड़िया

उत्तर: (B) सुक भरना

12. उरांव जनजाति में मृत्यु होने पर मुख्य रूप से क्या किया जाता है?

(A) सिर्फ जलाते हैं

(B) दफनाते हैं

(C) जल समाधि देते हैं

(D) पेड़ पर बांधते हैं

उत्तर: (B) दफनाते हैं

13. मृत्यु के तीन दिन बाद रिश्तेदारों को बुलाकर नदी-नाले में स्नान करने की रस्म को क्या कहते हैं?

(A) गमी

(B) तीही नहवन

(C) छठी

(D) सुक भरना

उत्तर: (B) तीही नहवन

14. मृत्यु के तीन माह बाद परिवार और गाँव के लोगों को जो भोज दिया जाता है, उसे क्या कहते हैं?

(A) गमी

(B) सरहुल

(C) कर्मा

(D) नहवन

उत्तर: (A) गमी

15. उरांव जनजाति की ग्राम स्तरीय पंचायत का प्रमुख क्या कहलाता है?

(A) परहा राजा

(B) महतो

(C) पाहन

(D) कोटवार

उत्तर: (B) महतो

16. कई गाँवों की उरांव जाति पंचायत मिलकर क्या बनाती हैं?

(A) ग्राम पंचायत

(B) परहा पंचायत

(C) जनपद पंचायत

(D) जिला पंचायत

उत्तर: (B) परहा पंचायत

17. परहा पंचायत के प्रमुख को क्या कहा जाता है?

(A) महतो

(B) पाहन

(C) परहा राजा

(D) दीवान

उत्तर: (C) परहा राजा

18. उरांव जनजाति के प्रमुख देव “धर्मेश” किस देवता के प्रतीक हैं?

(A) शिव

(B) सूर्य

(C) इंद्र

(D) वरुण

उत्तर: (B) सूर्य

19. उरांव जनजाति के गाँव में ग्राम देवता का वास कहाँ माना जाता है?

(A) मंदिर में

(B) सरना में

(C) घर में

(D) नदी में

उत्तर: (B) सरना में

20. उरांव जनजाति में देवी-देवता के पुजारी व मंत्र-तंत्र के जानकार को क्या कहते हैं?

(A) महतो

(B) पाहन

(C) सयानी

(D) राजा

उत्तर: (B) पाहन

21. इनमें से कौन सा उरांव जनजाति का प्रमुख त्योहार है?

(A) पोंगल

(B) बिहू

(C) सरहुल

(D) ओणम

उत्तर: (C) सरहुल

22. उरांव जनजाति की अपनी विशेष बोली को क्या कहा जाता है?

(A) गोंडी

(B) हल्बी

(C) कुड़ुख बोली

(D) भतरी

उत्तर: (C) कुड़ुख बोली

23. उरांव जनजाति में ईसाई मिशनरियों ने किस क्षेत्र में काफी प्रचार-प्रसार किया है?

(A) कृषि

(B) शिक्षण (शिक्षा)

(C) व्यापार

(D) उद्योग

उत्तर: (B) शिक्षण (शिक्षा)

24. वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार उरांव जनजाति की कुल साक्षरता दर कितनी दर्शाई गई है?

(A) 50.5%

(B) 68.9%

(C) 76.6%

(D) 61.4%

उत्तर: (B) 68.9%

25. ईसाई उरांव घरों की दीवारों की पुताई मुख्य रूप से किससे करते हैं?

(A) काली मिट्टी से

(B) चूने से

(C) लाल मिट्टी से

(D) गोबर से

उत्तर: (B) चूने से

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