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छत्तीसगढ़ राज्य निर्माण का इतिहास और प्रमुख तिथियां

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छत्तीसगढ़ राज्य निर्माण का इतिहास, प्रमुख तिथियां और संगठन (CGPSC & CG Vyapam, CGSSB Study Material)

छत्तीसगढ़ की प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे उम्मीदवारों के लिए ‘छत्तीसगढ़ राज्य निर्माण का इतिहास’ एक अत्यंत महत्वपूर्ण और स्कोरिंग विषय है। इस पोस्ट में हम राज्य निर्माण के ऐतिहासिक घटनाक्रम, महत्वपूर्ण तिथियों और विभिन्न संगठनों को विस्तार से समझेंगे।

1. छत्तीसगढ़ राज्य निर्माण संबंधी महत्वपूर्ण तिथि क्रम

  • 1861: 2 नवंबर 1861 को मध्य प्रांत (Central Provinces) का गठन किया गया, जिसमें छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश और महाराष्ट्र शामिल थे। इसी दौरान छत्तीसगढ़ में रायपुर, बिलासपुर और संबलपुर जिलों का गठन हुआ।
  • 1862: मध्य प्रांत में 5 संभाग बनाए गए। छत्तीसगढ़ को एक स्वतंत्र संभाग बनाया गया जिसका मुख्यालय रायपुर था और इसके प्रथम कमिश्नर चार्ल्स सी. इलियट (1854-1862) थे।
  • 1905: बंगाल विभाजन के समय भाषायी आधार पर राज्यों का पुनर्गठन किया गया। संबलपुर को बंगाल प्रांत में शामिल किया गया और पांच रियासतों (कोरिया, चांगभखार, सरगुजा, उदयपुर एवं जशपुर) को मध्यप्रांत के छत्तीसगढ़ में शामिल किया गया। वर्तमान छत्तीसगढ़ राज्य का स्वरूप इसी समय सार्वजनिक हुआ और छत्तीसगढ़ को सर्वप्रथम मानचित्र में उकेरा गया।
  • 1918: पं. सुंदरलाल शर्मा ने अपनी पांडुलिपि में छत्तीसगढ़ राज्य का स्पष्ट रेखाचित्र खींचा। इसी कारण इन्हें छत्तीसगढ़ का प्रथम स्वप्नदृष्टा व संकल्पनाकार कहा जाता है।
  • 1924: रायपुर जिला परिषद द्वारा पृथक् छत्तीसगढ़ की मांग रखी गई।
  • 1939: पं. सुंदरलाल शर्मा ने कांग्रेस के त्रिपुरी अधिवेशन में पृथक् छत्तीसगढ़ की मांग की।
  • 1947: स्वतंत्रता प्राप्ति के समय छत्तीसगढ़ मध्य प्रांत व बरार (C.P. & BARAR) का हिस्सा था।
  • 1955: रायपुर के विधायक ठा. रामकृष्ण सिंह ने मध्य प्रांत की विधानसभा में पृथक् छत्तीसगढ़ की मांग रखी, जो कि इस दिशा में प्रथम विधायी प्रयास था।
  • 1956: 1 नवंबर 1956 को मध्यप्रदेश का गठन हुआ और छत्तीसगढ़ का संपूर्ण क्षेत्र इसमें शामिल हो गया, जिसके प्रथम मुख्यमंत्री पं. रविशंकर शुक्ल बने।
  • 1994: तत्कालीन विधायक गोपाल परमार द्वारा मध्यप्रदेश विधानसभा में पृथक् छत्तीसगढ़ निर्माण संबंधी अशासकीय संकल्प प्रस्तुत किया गया जो सर्वसम्मति से पारित हुआ।
  • 1998: मध्यप्रदेश विधानसभा में पृथक् छत्तीसगढ़ निर्माण हेतु अंततः शासकीय संकल्प पारित किया गया।

2. राज्य निर्माण हेतु गठित प्रमुख संगठन

राज्य निर्माण के इस संघर्ष में कई महत्वपूर्ण संगठनों की स्थापना हुई, जिनसे परीक्षाओं में सीधे प्रश्न पूछे जाते हैं:
  • छत्तीसगढ़ शोषण विरोधी मंच (1946): इसका गठन ठा. प्यारेलाल सिंह द्वारा किया गया था। यह छत्तीसगढ़ राज्य निर्माण हेतु गठित प्रथम संगठन था।
  • छत्तीसगढ़ महासभा (1956): डॉ. खूबचंद बघेल द्वारा राजनांदगांव में पृथक् छत्तीसगढ़ की मांग हेतु इसका गठन किया गया, जिसके महासचिव दशरथ चौबे थे।
  • छत्तीसगढ़ भ्रातृत्व संघ (1967): डॉ. खूबचंद बघेल द्वारा ही बैरिस्टर छेदीलाल की सहायता से राजनांदगांव में इसका गठन किया गया। इसके उपाध्यक्ष द्वारिका प्रसाद तिवारी थे।
  • छत्तीसगढ़ मुक्ति मोर्चा (1976): शंकर गुहा नियोगी ने पृथक् छत्तीसगढ़ के लिए इस मोर्चे का गठन किया।
  • छत्तीसगढ़ संग्राम मंच (1983): इसका गठन भी शंकर गुहा नियोगी द्वारा किया गया था।
  • पृथक् छत्तीसगढ़ पार्टी (1983): पवन दीवान द्वारा इस पार्टी का गठन किया गया।

3. मध्यप्रदेश राज्य पुनर्गठन विधेयक – 2000

लंबे संघर्ष के बाद वर्ष 2000 में राज्य निर्माण की वैधानिक प्रक्रिया पूरी हुई। विधेयक के पारित होने का घटनाक्रम इस प्रकार है:
  • लोकसभा में: यह विधेयक 25 जुलाई 2000 को तत्कालीन गृह मंत्री श्री लालकृष्ण आडवाणी द्वारा प्रस्तुत किया गया और 31 जुलाई 2000 को इसे पारित कर दिया गया।
  • राज्यसभा में: विधेयक को 03 अगस्त 2000 को प्रस्तुत किया गया और 09 अगस्त 2000 को यह पारित हुआ।
  • राष्ट्रपति की स्वीकृति: 25 अगस्त 2000 को तत्कालीन राष्ट्रपति श्री के. आर. नारायणन द्वारा इस विधेयक पर हस्ताक्षर किए गए, जिससे नए राज्य के निर्माण का मार्ग प्रशस्त हुआ।

छत्तीसगढ़ राज्य निर्माण का इतिहास: 25 MCQ

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