तीजन बाई का जीवन परिचय (Pandwani Queen Teejan Bai Biography in Hindi)
तीजन बाई का जीवन परिचय
छत्तीसगढ़ की लोकसंस्कृति को विश्व मंच तक पहुँचाने वाली पद्म विभूषण डॉ. तीजन बाई भारतीय लोककला की ऐसी महान साधिका थीं, जिन्होंने पंडवानी जैसी पारंपरिक लोकगायन शैली को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाई। उनकी दमदार आवाज, जीवंत अभिनय और प्रभावशाली प्रस्तुति ने पंडवानी को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाया।
तीजन बाई का संक्षिप्त परिचय
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| पूरा नाम | डॉ. तीजन बाई |
| जन्म | 24 अप्रैल 1956 |
| जन्म स्थान | गनियारी, जिला दुर्ग (वर्तमान बलौदाबाजार-भाटापारा क्षेत्र से सांस्कृतिक रूप से जुड़ा), छत्तीसगढ़ |
| कला | पंडवानी गायन |
| प्रसिद्ध शैली | कापालिक शैली |
| प्रमुख सम्मान | पद्मश्री, पद्मभूषण, पद्म विभूषण |
| निधन | 5 जुलाई 2026 |
प्रारंभिक जीवन
तीजन बाई का जन्म एक साधारण परिवार में हुआ। बचपन से ही उन्हें महाभारत की कथाएँ सुनने और लोकगीत गाने का शौक था। उनके नाना ब्रजलाल पारधी से उन्हें पंडवानी की प्रारंभिक शिक्षा मिली।
सिर्फ 13 वर्ष की आयु में उन्होंने पहली बार सार्वजनिक मंच पर पंडवानी का प्रदर्शन किया। सामाजिक विरोध और कठिन परिस्थितियों के बावजूद उन्होंने अपनी कला को नहीं छोड़ा।
पंडवानी क्या है?
पंडवानी छत्तीसगढ़ की प्रसिद्ध लोकगायन शैली है, जिसमें महाभारत की कथाओं का गायन, अभिनय और संवाद शैली में प्रस्तुतीकरण किया जाता है।
तीजन बाई ने पारंपरिक वेदमती शैली से अलग हटकर कापालिक शैली को अपनाया, जिसमें कलाकार खड़े होकर अभिनय और नाटकीय भाव-भंगिमाओं के साथ प्रस्तुति देता है।
यही उनकी सबसे बड़ी पहचान बनी।
संघर्ष से सफलता तक
- आर्थिक कठिनाइयों के बीच कला साधना जारी रखी।
- समाज के विरोध का सामना किया।
- पंडवानी को जीवन का उद्देश्य बनाया।
- अपनी अद्भुत प्रस्तुति से देश-विदेश में प्रसिद्ध हुईं।
- एक छोटे से गाँव की बेटी विश्व मंच की पहचान बनी।
विश्व मंच पर पहचान
प्रसिद्ध रंगकर्मी हबीब तनवीर ने उनकी प्रतिभा को पहचाना और बड़े मंच तक पहुँचने का अवसर दिया।
इसके बाद तीजन बाई ने भारत सहित 17 से अधिक देशों में पंडवानी की प्रस्तुतियाँ दीं और छत्तीसगढ़ की लोकसंस्कृति को वैश्विक पहचान दिलाई।
प्रमुख पुरस्कार एवं सम्मान
| वर्ष | सम्मान |
|---|---|
| 1988 | पद्मश्री |
| 1995 | संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार |
| 2003 | पद्म भूषण |
| 2018 | फुकुओका पुरस्कार (जापान) |
| 2019 | पद्म विभूषण |
| विभिन्न विश्वविद्यालय | डी.लिट. (मानद उपाधि) |
तीजन बाई की विशेषताएँ
- दमदार एवं प्रभावशाली आवाज
- जीवंत अभिनय शैली
- महाभारत के पात्रों का उत्कृष्ट मंचन
- एकल प्रस्तुति में दर्शकों को बाँधे रखने की क्षमता
- लोकभाषा और लोकसंस्कृति का संरक्षण
छत्तीसगढ़ की संस्कृति में योगदान
तीजन बाई ने पंडवानी को केवल लोककला नहीं रहने दिया, बल्कि उसे अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुँचाया। उनके कारण दुनिया ने छत्तीसगढ़ की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को जाना।
उन्होंने नई पीढ़ी के कलाकारों को प्रशिक्षण एवं प्रेरणा देकर इस कला को आगे बढ़ाया।
निधन
5 जुलाई 2026 को पद्म विभूषण डॉ. तीजन बाई का निधन हुआ। उनके निधन से भारतीय लोककला जगत को अपूरणीय क्षति हुई।
उनकी आवाज भले ही शांत हो गई हो, लेकिन पंडवानी की गूँज सदैव अमर रहेगी।
छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा सम्मान
उनकी स्मृति को चिरस्थायी बनाने के लिए छत्तीसगढ़ सरकार ने कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए—
- “पद्म विभूषण डॉ. तीजन बाई राज्य सम्मान” की स्थापना।
- रायपुर स्थित महंत घासीदास संग्रहालय में उनके प्रिय तंबूरा का संरक्षण।
- उनके पैतृक गाँव गनियारी को कलाग्राम के रूप में विकसित करने की घोषणा।
तीजन बाई से जुड़े महत्वपूर्ण तथ्य (CGPSC/CG Vyapam)
✅ जन्म – 24 अप्रैल 1956
✅ जन्मस्थान – गनियारी (दुर्ग), छत्तीसगढ़
✅ कला – पंडवानी
✅ शैली – कापालिक शैली
✅ प्रथम सार्वजनिक प्रस्तुति – 13 वर्ष की आयु में
✅ पद्मश्री – 1988
✅ पद्मभूषण – 2003
✅ पद्म विभूषण – 2019
✅ फुकुओका पुरस्कार – 2018 (जापान)
✅ निधन – 5 जुलाई 2026
निष्कर्ष
डॉ. तीजन बाई केवल एक लोकगायिका नहीं थीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान का प्रतीक थीं। उन्होंने अपने संघर्ष, प्रतिभा और समर्पण से पंडवानी को विश्व स्तर पर स्थापित किया। उनका जीवन हर कलाकार और युवा पीढ़ी के लिए प्रेरणा का स्रोत है। उनकी विरासत आने वाली पीढ़ियों को सदैव प्रेरित करती रहेगी।
तीजन बाई का जीवन परिचय – 25 महत्वपूर्ण MCQs (CGPSC, CG Vyapam एवं अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं हेतु)
1. पद्म विभूषण डॉ. तीजन बाई किस लोककला के लिए प्रसिद्ध थीं?
A) पंथी
B) भरतनाट्यम
C) पंडवानी ✅
D) कथक
2. तीजन बाई का जन्म कब हुआ था?
A) 24 अप्रैल 1954
B) 24 अप्रैल 1956 ✅
C) 15 अगस्त 1955
D) 26 जनवरी 1957
3. तीजन बाई का जन्म कहाँ हुआ था?
A) रायपुर
B) बिलासपुर
C) गनियारी (दुर्ग) ✅
D) जगदलपुर
4. तीजन बाई ने पहली सार्वजनिक प्रस्तुति किस आयु में दी?
A) 10 वर्ष
B) 12 वर्ष
C) 13 वर्ष ✅
D) 15 वर्ष
5. पंडवानी किस महाकाव्य पर आधारित लोकगायन शैली है?
A) रामायण
B) महाभारत ✅
C) गीता
D) वेद
6. तीजन बाई ने किस शैली में पंडवानी प्रस्तुत कर प्रसिद्धि प्राप्त की?
A) वेदमती शैली
B) कापालिक शैली ✅
C) ध्रुपद शैली
D) ख्याल शैली
7. तीजन बाई को पद्मश्री कब मिला?
A) 1985
B) 1986
C) 1988 ✅
D) 1990
8. संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार उन्हें किस वर्ष मिला?
A) 1992
B) 1993
C) 1994
D) 1995 ✅
9. तीजन बाई को पद्म भूषण कब प्रदान किया गया?
A) 2000
B) 2001
C) 2003 ✅
D) 2005
10. पद्म विभूषण से तीजन बाई को किस वर्ष सम्मानित किया गया?
A) 2016
B) 2017
C) 2018
D) 2019 ✅
11. फुकुओका पुरस्कार किस देश द्वारा दिया जाता है?
A) चीन
B) अमेरिका
C) जापान ✅
D) रूस
12. तीजन बाई को फुकुओका पुरस्कार कब मिला?
A) 2016
B) 2017
C) 2018 ✅
D) 2019
13. प्रसिद्ध रंगकर्मी हबीब तनवीर ने तीजन बाई को क्या दिया?
A) सरकारी नौकरी
B) राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मंच ✅
C) संगीत प्रशिक्षण
D) पुरस्कार
14. तीजन बाई ने लगभग कितने देशों में प्रस्तुति दी?
A) 5
B) 10
C) 15
D) 17 से अधिक ✅
15. तीजन बाई किस राज्य की लोकसंस्कृति की पहचान थीं?
A) मध्य प्रदेश
B) झारखंड
C) ओडिशा
D) छत्तीसगढ़ ✅
16. तीजन बाई का निधन कब हुआ?
A) 1 जुलाई 2026
B) 4 जुलाई 2026
C) 5 जुलाई 2026 ✅
D) 6 जुलाई 2026
17. तीजन बाई के सम्मान में किस राज्य सम्मान की घोषणा की गई?
A) पंडवानी सम्मान
B) लोककला सम्मान
C) पद्म विभूषण डॉ. तीजन बाई राज्य सम्मान ✅
D) छत्तीसगढ़ गौरव सम्मान
18. तीजन बाई का प्रिय तंबूरा कहाँ संरक्षित किया जाएगा?
A) पुरखौती मुक्तांगन
B) महंत घासीदास संग्रहालय, रायपुर ✅
C) विवेकानंद संग्रहालय
D) राष्ट्रीय संग्रहालय
19. तीजन बाई के पैतृक गाँव को किस रूप में विकसित करने की घोषणा हुई?
A) पर्यटन स्थल
B) सांस्कृतिक केंद्र
C) कलाग्राम ✅
D) स्मार्ट विलेज
20. तीजन बाई को किस मानद उपाधि से सम्मानित किया गया?
A) पीएच.डी.
B) डी.एससी.
C) डी.लिट. ✅
D) एम.फिल.
21. पंडवानी मुख्य रूप से किस विषय का गायन है?
A) लोकगीत
B) वीरगाथा
C) महाभारत की कथा ✅
D) रामचरितमानस
22. तीजन बाई की सबसे बड़ी पहचान क्या थी?
A) कथक नृत्य
B) भरतनाट्यम
C) अभिनय सहित पंडवानी प्रस्तुति ✅
D) शास्त्रीय संगीत
23. तीजन बाई का जीवन किसका प्रतीक माना जाता है?
A) राजनीति
B) व्यापार
C) संघर्ष, समर्पण और लोककला ✅
D) विज्ञान
24. तीजन बाई ने किस लोककला को वैश्विक पहचान दिलाई?
A) पंथी
B) राउत नाचा
C) पंडवानी ✅
D) करमा
25. निम्नलिखित में से कौन-सा सम्मान तीजन बाई को प्राप्त नहीं हुआ?
A) पद्मश्री
B) पद्म भूषण
C) पद्म विभूषण
D) भारत रत्न ✅
📚 परीक्षा हेतु महत्वपूर्ण तथ्य
- जन्म: 24 अप्रैल 1956
- जन्मस्थान: गनियारी (दुर्ग), छत्तीसगढ़
- लोककला: पंडवानी
- शैली: कापालिक
- पद्मश्री: 1988
- संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार: 1995
- पद्म भूषण: 2003
- फुकुओका पुरस्कार: 2018
- पद्म विभूषण: 2019
- निधन: 5 जुलाई 2026














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