छत्तीसगढ़ की पाण्डो जनजाति: एक विस्तृत परिचय
छत्तीसगढ़ राज्य अपनी समृद्ध आदिवासी संस्कृति के लिए जाना जाता है। इन्हीं में से एक विशेष जनजाति है – पाण्डो। इस ब्लॉग पोस्ट में हम पाण्डो जनजाति के इतिहास, उनकी जीवनशैली, मान्यताओं और संस्कृति को विस्तार से जानेंगे।
पाण्डो जनजाति की पहचान और जनसंख्या
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पाण्डो छत्तीसगढ़ की एक जनजाति है।
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भारत सरकार द्वारा छत्तीसगढ़ के लिए जारी अनुसूचित जनजाति की सूची में इन्हें भारिया, भूमिया, और भूईंहार के साथ दर्शाया गया है।
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छत्तीसगढ़ राज्य सरकार ने आदेश जारी कर पाण्डो जनजाति को भी विशेष पिछड़ी जनजाति को मिलने वाली सुविधाओं के समकक्ष सुविधाएँ प्रदान की हैं।
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पिछले सर्वेक्षण के अनुसार छत्तीसगढ़ में पाण्डो जनजाति की जनसंख्या 31,814 दर्शाई गई थी।
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मुख्य रूप से यह जनजाति सरगुजा, सूरजपुर, और कोरिया आदि जिलों में निवास करती है।
उत्पत्ति और महाभारत से संबंध
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प्रचलित दंतकथाओं के अनुसार, पाण्डो जनजाति के लोग अपनी उत्पत्ति महाभारत काल के पाण्डवों से मानते हैं।
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ऐसा माना जाता है कि 12 वर्ष के वनवास के दौरान, पाण्डो जनजाति के लोगों ने पाण्डवों को भोजन के लिए कंदमूल एकत्र कर दिए थे।
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मान्यताओं के अनुसार माता द्रौपदी ने इन्हें बांस से टोकरी और सूप बनाने की कला सिखाई थी, जबकि अर्जुन ने इन्हें तीर-धनुष बनाना और चलाना सिखाया था।
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इनके लोकगीतों और लोककथाओं में ‘पाण्डव राजा’ का उल्लेख मिलता है।
रहन-सहन, पहनावा और खान-पान
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इनके घरों की दीवारें मिट्टी की और छप्पर घास-फूस या देशी खपरैल के बने होते हैं, जिनमें प्रायः एक या दो कमरे होते हैं।
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पुरुष पहनावे में ‘पंचा’ और ‘बंडी’ तथा स्त्रियाँ ‘लुगड़ा’ पहनती हैं।
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स्त्रियाँ अपने शरीर पर गोदना (टैटू) गुदवाती हैं और आभूषणों में काँच की चूड़ियाँ, नाक में फूली, और कान में खिनवा पहनती हैं।
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इनका मुख्य भोजन चावल, कोदो, कुटकी का भात या पेज है, साथ ही ये उड़द, मूँग, और जंगली भाजियों का सेवन करते हैं।
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ये मांसाहारी भी होते हैं और मुर्गी, बकरा, सूअर, मछली आदि खाते हैं।
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उत्सवों में महुआ से बनी शराब और चावल से निर्मित ‘हांडिया’ पीते हैं।
आर्थिक जीवन
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इनका आर्थिक जीवन मुख्य रूप से वनोपज संग्रह, बांस के बर्तन निर्माण, मजदूरी और कृषि पर आधारित है।
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ये जंगलों से चिरौंजी, तेंदू, महुआ, शहद आदि एकत्र कर स्थानीय बाजारों में बेचते हैं।
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बाँस से ये अनाज रखने की डलिया, टोकरी, और सूपा आदि बनाते हैं।
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जिनके पास थोड़ी कृषि भूमि है, वे कोदों, कुटकी, धान, मक्का आदि बोते हैं।
सामाजिक संरचना और विवाह परंपराएं
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पाण्डो जनजाति मुख्य रूप से दो उप-समूहों में बँटी है – सरगुजिया और उत्तरांश।
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इनमें ‘गोती’ (गोत्र) की व्यवस्था होती है; जैसे भलवा, मनिगा, मरकाम, गोसाईं आदि।
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विवाह के लिए वर और कन्या का गोत्र अलग-अलग होना अनिवार्य है।
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विवाह के समय वर पक्ष द्वारा वधु पक्ष को अनाज, दाल, तेल और नकद राशि दी जाती है जिसे “सूक भरना” कहा जाता है।
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धन के अभाव में इनमें “बरोखी” बिहाव भी होता है, जिसमें हल्दी-तेल की रस्म नहीं होती, केवल वधु को कपड़ा और अँगूठी पहनाई जाती है।
मृत्यु संस्कार
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मृत्यु के पश्चात शव को दफनाया जाता है।
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पुरुषों की कब्र के पास उनके उपयोग की चीजें जैसे धनुष-बाण, बांसुरी, और धान-पानी से भरा पात्र रखा जाता है।
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महिलाओं की कब्र के पास मछली पकड़ने की चोरिया, कंघी, सूपा आदि रखे जाते हैं।
धर्म, लोकगीत और साक्षरता
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इनके प्रमुख देवी-देवताओं में महामाई, वागेश्वर देव, दिहारी माई, और ‘गोती’ देव/देवी (कुल देव) शामिल हैं।
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ये सिंदूर, चावल, और गुड़ के साथ मुर्गी, सूअर या बकरे की बलि देकर पूजा करते हैं।
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प्रमुख त्योहारों में कर्मा तिहार, लाटा महुआ तिहार, होली, दशहरा और दिवाली आते हैं।
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कर्मा पूजा और होली के समय ये विशेष नृत्य करते हैं; इनके प्रमुख लोकगीतों में कर्मा गीत और बिहाव गीत शामिल हैं।
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भाषा के रूप में ये लोग ‘पाण्डो बोली’ बोलते हैं।
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अन्य जनजातियों की तुलना में पाण्डो महिलाओं एवं पुरुषों में साक्षरता दर काफी कम पाई जाती है।
पाण्डो जनजाति का जीवन प्रकृति से बहुत गहराई से जुड़ा हुआ है। आधुनिकता की दौड़ में इनकी संस्कृति और परम्पराएँ आज भी इनके समृद्ध अतीत और महाभारत जैसी पौराणिक कथाओं से इनके संबंधों को जीवित रखे हुए हैं।
यहाँ आपके ब्लॉग पोस्ट के लिए कॉपी-पेस्ट करने हेतु पाण्डो जनजाति पर आधारित 25 बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQs) उत्तर सहित दिए गए हैं। इन्हें आप सीधे अपने ब्लॉग पर इस्तेमाल कर सकते हैं:
पाण्डो जनजाति पर आधारित महत्वपूर्ण बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQs)
1. पाण्डो जनजाति मुख्य रूप से छत्तीसगढ़ के किन जिलों में निवास करती है?
A) बस्तर, दंतेवाड़ा, सुकमा
B) सरगुजा, सूरजपुर, कोरिया
C) रायपुर, दुर्ग, भिलाई
D) जशपुर, रायगढ़, जांजगीर-चांपा
उत्तर: B) सरगुजा, सूरजपुर, कोरिया
2. भारत सरकार की सूची में पाण्डो जनजाति को किन अन्य जनजातियों के साथ दर्शाया गया है?
A) गोंड और बैगा
B) उरांव और मुंडा
C) भारिया, भूमिया, भूईंहार
D) कमार और हलबा
उत्तर: C) भारिया, भूमिया, भूईंहार
3. दंतकथाओं के अनुसार पाण्डो जनजाति के लोग अपनी उत्पत्ति किससे मानते हैं?
A) रामायण काल के वानरों से
B) महाभारत कालीन पाण्डवों से
C) कौरवों से
D) देवी दुर्गा से
उत्तर: B) महाभारत कालीन पाण्डवों से
4. पाण्डो जनजाति को बाँस से टोकरी और सूपा बनाने की कला किसने सिखाई थी?
A) माता कुंती ने
B) माता सीता ने
C) माता द्रौपदी ने
D) अर्जुन ने
उत्तर: C) माता द्रौपदी ने
5. मान्यताओं के अनुसार, पाण्डो जनजाति को तीर-धनुष बनाना और चलाना किसने सिखाया था?
A) भीम
B) नकुल
C) युधिष्ठिर
D) गाण्डीवधारी अर्जुन
उत्तर: D) गाण्डीवधारी अर्जुन
6. पाण्डो जनजाति के पुरुष मुख्य रूप से कौन सा वस्त्र पहनते हैं?
A) धोती-कुर्ता
B) पंचा और बंडी
C) पैंट-शर्ट
D) लुंगी
उत्तर: B) पंचा और बंडी
7. पाण्डो जनजाति की महिलाएँ जो वस्त्र पहनती हैं, उसे क्या कहा जाता है?
A) साड़ी
B) घाघरा
C) लुगड़ा
D) सलवार
उत्तर: C) लुगड़ा
8. पाण्डो जनजाति में स्त्रियाँ नाक में कौन सा आभूषण पहनती हैं?
A) खिनवा
B) फूली
C) नथनी
D) झुमका
उत्तर: B) फूली
9. उत्सवों और त्योहारों में पाण्डो जनजाति चावल से निर्मित किस पेय पदार्थ का सेवन करती है?
A) ताड़ी
B) सल्फी
C) हांडिया
D) छिंद रस
उत्तर: C) हांडिया
10. पाण्डो जनजाति मुख्य रूप से कितने उप-समूहों में बँटी हुई है?
A) दो (सरगुजिया और उत्तरांश)
B) तीन (पहाड़ी, मैदानी, जंगली)
C) चार (पूर्वी, पश्चिमी, उत्तरी, दक्षिणी)
D) इनमें कोई उप-समूह नहीं है
उत्तर: A) दो (सरगुजिया और उत्तरांश)
11. पाण्डो जनजाति में ‘गोती’ शब्द का क्या अर्थ है?
A) घर
B) गोत्र
C) गाँव का मुखिया
D) विवाह की रस्म
उत्तर: B) गोत्र
12. पाण्डो जनजाति में विवाह के समय वर पक्ष द्वारा वधु पक्ष को दिए जाने वाले अनाज, तेल, और नकद राशि को क्या कहा जाता है?
A) बरोखी
B) सूक भरना
C) चढ़ौवा
D) पैठूल
उत्तर: B) सूक भरना
13. पाण्डो जनजाति में धन के अभाव में होने वाले विवाह को क्या कहते हैं, जिसमें हल्दी-तेल की रस्म नहीं होती?
A) गंधर्व विवाह
B) ढुकू विवाह
C) बरोखी बिहाव
D) उढरिया
उत्तर: C) बरोखी बिहाव
14. पाण्डो जनजाति में विवाह के लिए लड़कों की उपयुक्त उम्र क्या मानी जाती है?
A) 14 से 16 वर्ष
B) 16 से 18 वर्ष
C) 18 से 20 वर्ष
D) 21 से 25 वर्ष
उत्तर: C) 18 से 20 वर्ष
15. पाण्डो जनजाति में मृत्यु के पश्चात शव का क्या किया जाता है?
A) जलाया जाता है
B) दफनाया जाता है
C) जल समाधि दी जाती है
D) खुले में छोड़ दिया जाता है
उत्तर: B) दफनाया जाता है
16. पाण्डो जनजाति में पुरुषों की कब्र के पास मुख्य रूप से क्या रखा जाता है?
A) हल और बैल
B) मछली पकड़ने का जाल
C) धनुष-बाण, बाँसुरी, सूपा
D) कुल्हाड़ी
उत्तर: C) धनुष-बाण, बाँसुरी, सूपा
17. महिलाओं की कब्र के पास इनमें से कौन सी वस्तु रखी जाती है?
A) जेवर
B) मछली पकड़ने की चोरिया और कंघी
C) कपड़े
D) बर्तन
उत्तर: B) मछली पकड़ने की चोरिया और कंघी
18. मृत्यु के बाद तीसरे दिन घर की साफ-सफाई कर कौन सी रस्म निभाई जाती है?
A) दशगात्र
B) छठी
C) तीज नहावन
D) मृत्यु भोज
उत्तर: C) तीज नहावन
19. पाण्डो जनजाति की परंपरागत पंचायत (जाति पंचायत) के मुखिया का पद कैसा होता है?
A) चुनाव द्वारा चयनित
B) वंशानुगत
C) राज्य सरकार द्वारा नियुक्त
D) उम्र के आधार पर
उत्तर: B) वंशानुगत
20. पाण्डो जनजाति के कुल देव/देवी को किस नाम से जाना जाता है?
A) महामाई
B) वागेश्वर देव
C) गोती देव/देवी
D) दिहारी माई
उत्तर: C) गोती देव/देवी
21. पाण्डो जनजाति के प्रमुख त्योहारों में से एक ‘लाटा महुआ तिहार’ के अलावा और कौन सा प्रमुख त्योहार है?
A) बस्तर दशहरा
B) छेरछेरा
C) कर्मा तिहार
D) हरेली
उत्तर: C) कर्मा तिहार
22. कर्मा पूजा के समय पाण्डो जनजाति के लड़के और लड़कियाँ कौन सा नृत्य करते हैं?
A) पंथी नृत्य
B) कर्मा नृत्य
C) सुआ नृत्य
D) राऊत नाचा
उत्तर: B) कर्मा नृत्य
23. विवाह के समय इस जनजाति द्वारा कौन सा लोकगीत गाया जाता है?
A) फागु
B) ददरिया
C) बिहाव गीत
D) पंडवानी
उत्तर: C) बिहाव गीत
24. अन्य जनजातियों की तुलना में पाण्डो महिलाओं एवं पुरुषों में साक्षरता दर कैसी है?
A) बहुत अधिक
B) समान
C) काफी कम
D) 100 प्रतिशत
उत्तर: C) काफी कम
25. पाण्डो जनजाति के लोग आपस में संपर्क के लिए किस बोली का उपयोग करते हैं?
A) गोंडी
B) हलबी
C) कुड़ुख
D) पाण्डो बोली
उत्तर: D) पाण्डो बोली













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